शिशुओं को खजूर खिलाने से होते हैं ये 7 फायदे, जानें खिलाने का तरीका

शिशु की डाइट में खजूर को जोड़ना बेहद फायदेमंद है। जानते हैं शिशु को खजूर खिलाने के फायदे, तरीके और इसके दौरान बरतने वाली सावधानियां...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jun 23, 2021Updated at: Jun 23, 2021
शिशुओं को खजूर खिलाने से होते हैं ये 7 फायदे, जानें खिलाने का तरीका

नवजात शिशु को शुरुआत में 6 महीने तक मां का दूध का सेवन करने की सलाह दी जाती है और उसके बाद उसकी डाइट में फलों को जोड़ने के लिए कहते हैं। बच्चे के विकास के लिए केवल मां का दूध ही काफी नहीं होता। ऐसे में शिशुओं की डाइट में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों को भी जोड़ा जाता है जो पौष्टिक तत्वों से भरपूर हों। इन खाद्य पदार्थों में एक है खजूर। अगर शिशुओं को खजूर का सेवन कराया जाए तो यह बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि खजूर शिशुओं की सेहत के लिए कैसे फायदेमंद (dates benefits for babies) है। साथ ही यह भी जानेंगे कि बच्चों को खजूर कैसे खिलाना (how to use dates for babies) चाहिए। इसके अलावा खजीर खिलाते वक्त क्या-क्या सावधानिया बरतनी चाहिएं। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( wellness expert and nutritionist varun katyal) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे।

शिशु को खजूर खिलाने के फायदे

शिशु को खजूर खिलाने से उनकी सेहत को अनेक फायदे होते हैं। बता दें कि खजूर के अंदर उर्जा, प्रोटीन, फैट, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, पानी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, विटामिन बी, विटामिन के, विटामिन ए, कैरोटीन, मैग्नीज, थियामिन, नियासिन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में जानते हैं इसके फायदों के बारे में...

1 - हड्डियां होती हैं मजबूत - हड्डियों के विकास के लिए खजूर एक अच्छा विकल्प है खजूर के अंदर कैल्शियम पाया जाता है जो कमजोर हड्डियों को मजबूत बनाता है और बच्चों की हड्डियों का विकास करता है।

2 - एनीमिया से हो सकता है बचाव - एनीमिया की समस्या यानी शरीर में खून की कमी। ऐसे में इस कमी को पूरा करने के लिए आप खजूर का सेवन कर सकते हैं। खजूर के अंदर आयरन मौजूद होता है। साथ ही यह फोलेट का भी स्रोत है। ऐसे में आयरन की कमी से ही बच्चों के शरीर में खून की कमी होती है। आप इसका सेवन खून की कमी को पूरीाकरने के लिए कर सकते हैं।

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3 - आंखों के लिए है फायदेमंद - बच्चों की आंखों के लिए खजूर एक बेहतर विकल्प है। खजूर के अंदर विटामिन ए मौजूद होता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में उपयोगी है।

4 - ब्रेन के विकास के लिए महत्वपूर्ण - मस्तिष्क के विकास के लिए खजूर का सेवन एक अच्छा विकल्प है। यह बच्चों में याददाश्त की गड़बड़ी और तंत्रिका संबंधी समस्याओं को दूर करता है। साथ ही अल्जाइमर की समस्या से बचाव करता है।

5 - कब्ज की परेशानी को करे दूर - बच्चों में कब्ज की परेशानी खजूर के माध्यम से दूर की जा सकती है। खजूर के अंदर फाइबर मौजूद होता है जो पाचन क्रिया को तंदुरुस्त बना सकता है।

6 - दातों की सेहत के लिए अच्छा - दातों कि सेहत के लिए भी खजूर एक अच्छा विकल्प है। आप दांतों को सड़ने से बचाने के लिए खजूर का उपयोग कर सकते हैं।

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7 - इम्यूनिटी सिस्टम करे मजबूत - खजूर के सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है। यह इम्यून सिस्टम को नियंत्रित और उसके कार्य में सुधार लाता है।

खजूर को खिलाते वक्त बरतने वाली सावधानी

  • खजूर को खिलाने से पहले सबसे पहले खजूर की सीमित मात्रा का ज्ञान लें।
  • खजूर को डाइट में शामिल करने से पहले उन्हें अच्छे से धोएं और उसके बाद बच्चों को खिलाएं।
  • बच्चों को खजूर खिलाने से पहले उसके छोटे-छोटे टुकड़े करें आप चाहे तो हाथों से मसल कर भी बच्चों को खिला सकते हैं।
  • शिशु के लिए पके हुए खजूरों का चुनाव करें।
  • बच्चों को खजूर खाने से पहले उसके बीज निकालें।
  • अगर खूजर के खाने के बाद बच्चे को उल्टी आए या बच्चा खजूर को उगल दे तो पहले डॉक्टर की सलाह लें उसके बाद बच्चों को ये खिलाएं।
  • बच्चों को अधिक मात्रा में खजूर न खिलाएं।

बच्चे कब खाना शुरू करें खजूर?

जब आपका बच्चा 1 साल का पूरा हो जाए तो उसके बाद आप खजूर का सेवन करा सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 12 महीने तक बच्चों को अगर कोई भी सख्त चीज का सेवन करवाया जाए वह खाद्य पदार्थ शिशु के गले में अटक सकता है। ऐसे में शिशु की डाइट में ड्राई फ्रूट्स भी 12 महीने के बाद ही जोड़े जाते हैं। हां जी, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है लेकिन 12 महीने के बाद बच्चों की डाइट में खजूर सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

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छोटे बच्चों को खजूर कैसे खिलाएं?

1 - छोटे बच्चों के लिए पके खजूर ज्यादा फायदेमंद होते हैं। ऐसे में आप खजूर को रात भर भिगोएं।

2 - अगले दिन उनके बीज निकालें। 

3 - अब खजूरों को पीसकर उसकी प्यूरी बनाएं और बच्चों को पिलाएं। 

4 - आप इस फ्यूरी को स्वादिष्ट बनाने के लिए केले का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ऐसे में जब आप खजूर को पीसें तो उसमें केले के कुछ टुकड़े डालें। ऐसा करने से स्वाद और पौष्टिक तत्व दोनों बढ़ जाएंगे।

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नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों की डाइट में खजूर को शामिल करना बेहद फायदेमंद है। लेकिन लेख में बताई गई जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। साथ ही बच्चों को अधिक मात्रा में खजूर खिलाना भी नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में सबसे पहले खजूर की सीमित मात्रा का पता लगाएं उसके बाद ही बच्चों की डाइट में खजूर को शामिल करें। अगर आपका बच्चा किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है तो खजूर को उसकी डाइट में जोड़ने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अदर आपके बच्चे को खजूर सूट नहीं कर रहा है तो उसके शरीर में एलर्जी के रूप में उल्टी, लाल चकते या रैशेज नजर आ सकते हैं। बता दें कि एलर्जी के लक्षण अलग-अलग भी हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतनी जरूरी है। अधिक मात्रा में खूजर खिलाने से भी बच्चे को एलर्जी हो सकती है।

ये लेख हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( wellness expert and nutritionist varun katyal) से बातचीत करके बनाया है। 

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