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मेनोपॉज के बाद याददाश्त कमजोर होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? जानें दोनों के बीच में कनेक्शन

मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इनका प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस लेख में जानते हैं कि मेनोपॉज में महिलाओं को मैमोरी लॉस की समस्या का सामना क्यों करना पड़ता है?
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मेनोपॉज के बाद याददाश्त कमजोर होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? जानें दोनों के बीच में कनेक्शन


महिलाओं के जीवन में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिनमें मेनोपॉज को भी शामिल किया जाता है। इस स्थिति आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच आती है। इस दौरान शरीर में कई हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जो न केवल प्रजनन प्रणाली को प्रभावित करते हैं बल्कि कॉग्नेटिव कार्यों, विशेष रूप से स्मरण शक्ति पर भी असर डालते हैं। कई महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान भूलने की समस्या, किसी काम में फोकस करने में परेशानी और ब्रेन फॉग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस लेख में साईं पॉलिक्लीनिक की गाइनाक्लॉजिस्ट से जानते हैं कि मेनोपॉज और मेमोरी लॉस के बीच क्या संबंध है और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है।

मेनोपॉज और मैमोरी लॉस के बीच क्या संबंध है? - Connection Between Menopause And Memory Loss In Hindi

मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। एस्ट्रोजन सिर्फ प्रजनन प्रणाली से ही नहीं जुड़ा होता, बल्कि यह मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) और कॉग्नेटिव कार्यों को भी प्रभावित करता है।

एस्ट्रोजन हार्मोन मस्तिष्क में न्यूरॉन्स के बीच संचार को बढ़ावा देता है और न्यूरोप्रोटेक्शन (Neuroprotection) प्रदान करता है। जब एस्ट्रोजन का स्तर गिरता है, तो मस्तिष्क की कॉग्नेटिव क्षमता प्रभावित हो सकती है।

ठीक इसी तरह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन भी मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। इसके स्तर में गिरावट तनाव और चिंता को बढ़ा सकती है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। इस तरह मेनोपॉज में कुछ महिलाओं को चीजों को याद रखने में परेशानी होने लगती है और वह कई चीजों को भूलने लगती हैं।

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मेनोपॉज के दौरान मैमोरी लॉस के कारण - Causes Of Memory Loss During Menopause In Hindi

  • हार्मोनल असंतुलन – एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में कमी से न्यूरोट्रांसमिशन प्रभावित होता है।
  • नींद की समस्या (Sleep Disturbance)– मेनोपॉज के दौरान रात में बार-बार जागना और अच्छी नींद न लेना मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
  • तनाव और अवसाद (Stress and Depression) – हार्मोनल बदलाव के कारण मूड स्विंग्स और चिंता बढ़ सकती है, जिससे स्मरण शक्ति कमजोर हो सकती है।
  • ब्लड सर्कुलेशन में कमी – मेनोपॉज के दौरान रक्त प्रवाह में कमी आ सकती है, जिससे मस्तिष्क को आवश्यक ऑक्सीजन नहीं मिलती।
  • अनियमित डाइट (Poor Nutrition) – पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी12 और एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

स्मरण शक्ति को सुधारने के उपाय - How To Improve Memory Power In Hindi

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड: मछली, अलसी के बीज और अखरोट का सेवन करें। एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार: हरी सब्जियाँ, गाजर, टमाटर और ब्लूबेरी को आहार में शामिल करें।
  • शारीरिक गतिविधि मस्तिष्क के कार्य को बढ़ाने में मदद करती है।योग और ध्यान: तनाव को कम करने और मस्तिष्क को शांत रखने में मदद करता है।
  • पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद मस्तिष्क के कार्य को सुचारू रखती है।
  • सामाजिक रूप से सक्रिय रहें और परिवार तथा दोस्तों के साथ समय बिताएं।
  • कैफीन और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
  • यदि स्मरण शक्ति में गिरावट गंभीर हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

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Menopause And Memory Loss In Hindi: मेनोपॉज और स्मरण शक्ति में गिरावट के बीच एक गहरा संबंध है, जो मुख्य रूप से हार्मोनल परिवर्तनों, नींद की समस्या, तनाव और अनुचित आहार के कारण होता है। हालांकि, सही आहार, व्यायाम, तनाव प्रबंधन और अच्छी जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यदि समस्या गंभीर होती है, तो ऐसे में आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। मैमोरी को मजबूत बनाए रखने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण और सक्रिय जीवनशैली अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है।

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