Chhath Puja 2021: छठ व्रत में गला सूखने की सता रही है चिंता, इन आसान ट्रिक्स से नहीं लगेगी प्यास

आज नहाय खाय के साथ छठ पूजा के 36 घंटे का निर्जला छठ व्रत शुरू हो रहा है। इस लंबे व्रत के दौरान प्यास और पानी की कमी से कैसे बचें, जानें यहां।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Nov 19, 2020Updated at: Nov 08, 2021
Chhath Puja 2021: छठ व्रत में गला सूखने की सता रही है चिंता, इन आसान ट्रिक्स से नहीं लगेगी प्यास

नहाय खाय के साथ आज से छठ पूजा का पहला दिन शुरू हो चुका है। इस व्रत में महिलाएं 36 घंटे से भी अधिक समय तक ना कुछ खाती हैं और ना ही पानी की एक बूंद पीती हैं। ऐसे में महिलाओं को व्रत करने से पहले इस बात की चिंता सताती है कि कैसे इस कठिन उपवास को सफल बनाएं। बिना खाना खाए, तो रहा जा सकता है, लेकिन पानी के बिना रहना मुश्किल हो जाता है। अगर आपको भी इस तरह की चिंता सता रहा है, तो आइए आज हम जानते हैं कि छठ व्रत में किस तरह आप प्यास को कंट्रोल करके रख सकते हैं। 

1. शरीर का तामपान रखें नियंत्रित

कोरोना की वजह से इस बार ज्यादातर लोग छठ पूजा अपने घर में मना रहे हैं। ऐसे में अपने शरीर के तापमान को आप आराम से नियंत्रित रख सकती है। व्रत करने के दौरान धूप में ना जाएं। धूप में या फिर ओवरहीटिंग वाली जगहों पर जाने से शरीर से पसीना आने लगता है, जिसकी वजह से हमारे शरीर के अंदर का पानी बाहर आ जाता है। ऐसे में प्यास लगने की संभावना अधिक होती है। अगर आप चाहते हैं कि आपको प्यास ना लगे, तो धूप में या फिर ओवरहीटिंग वाली जगहों पर ना जाएं।

इसे भी पढ़ें - छठ पूजा 2020: छठ पूजा के वक्त करें ये 5 आसान काम, पूरी होगी हर मनोकामना

2. मुंह से ना लें सांस

अक्सर लोग नाक की बजाय मुंह से सांस लेने लगते हैं। निर्जला व्रत के दौरान ऐसा करने से आपको प्यास लग सकती है। दरअसल, जब हम मुंह से सांस लेते हैं, तो हवा हमारे मुंह से गुजरती है, जिससे हमारा मुंह सूखने लगता है और प्यास अधिक लगती है। निर्जला व्रत के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि सांस हमेशा नाक से लें। इससे आपको प्यास कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

3. बर्फ से गले और कलाई की करें सिकाई

अगर आपको छठ पूजा के दौरान प्यास जैसा महसूस हो रहा है, तो टॉवेल में बर्फ के कुछ टुकड़ें डालें। इससे करीब 2-3 मिनट तक अपने गले और कलाई की सिकाई करें। ये दो ऐसे पल्स पॉइंट होते हैं, जहां हम आसानी से पहुंच सकते हैं। बर्फ से सिकाई करने पर रक्त नलिकाएं स्किन की सतह के पास आती है, जिसकी वजह से पूरे शरीर में ठंडक का एहसास होता है। ऐसा करने से आपको लंबे समय तक प्यास नहीं लगती है।  

इसे भी पढ़ें - छठ पूजा 2020: छठ का व्रत करने से मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ, जानें सेहत से किस तरह जुड़ा है ये व्रत

4. शारीरिक कार्य करने से बचें

छठ में व्रत के दौरान ज्यादा कार्य ना करें। इसके अलावा अगर आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, तो इस दौरान हैवी एक्सरसाइज करने से बचें। दरअसल, अधिक शारीरिक कार्य करने से प्यास ज्यादा लगती है। ऐसे में आप निर्जला व्रत में प्यास को कंट्रोल रखना चाहते हैं, तो एक्सरसाइज और अन्य हैवी कार्य करने से बचें। 

5. रुम में ह्मूमिडिफायर का करें इस्तेमाल

सोते समय अपने रुम में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। दरअसल, जब हम सोते हैं, तो ज्यादातर लोग नाक से सांस लेने की बजाय मुंह से सांस लेने लगते हैं। ऐसा करने से हमारा गला सूख जाता है, जिसकी वजह से सुबह उठते ही हम पानी की ओर अपना हाथ आगे करते हैं। ऐसे में अगर आप ह्यूमिडिफायर अपने रूम में लगाते हैं, तो आपका गला नहीं सूखेगा। 

इन सभी ट्रिक्स को अपनाकर आप निर्जला व्रत में लगने वाली प्यास को कंट्रोल कर सकते हैं। इसके अलावा व्रत शुरू करने से पहले ऐसी चीजों का सेवन ना करें, जिससे प्यास लगती हैं। खासतौर पर ऐसे लोग जो स्मोकिंग करते हैं, उन्हें प्यास ज्यादा लगती है। इसलिए अगर आप निर्जला व्रत कर रहे हैं, तो स्मोकिंग से भी दूरियां बना लें।

Disclaimer