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क्या हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं?

can heart problem cause lung problem:हार्ट प्रॉब्लम से जूझ रहे लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं कि क्या उन्हें फेफड़ों या लंग्स से संबंधी समस्या हो सकती है

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Oct 13, 2022 18:46 IST
क्या हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं?

can heart problem cause lung issue in Hindi: अनियमित खानपान, लाइफस्टाइल में होने वाले बदलाव, फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण आज लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है हार्ट अटैक या हार्ट से संबंधित परेशानियां। कोरोना महामारी के बाद भारत में हार्ट प्रॉब्लम जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर के मामलों में काफी वृद्धि देखी जा रही है। पिछले दिनों भारत के सुपर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का निधन भी हार्ट अटैक की वजह से ही हुआ था। राजू श्रीवास्तव से पहले राज कौशल, सिद्धार्थ शुक्ला, सरोज खान जैसे कई स्टार्स की मौत भी हार्ट संबंधी बीमारियों के कारण ही हुई है। हार्ट प्रॉब्लम से जूझ रहे लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं कि क्या इसकी वजह से लंग्स संबंधी बीमारियां और परेशानियां भी हो सकती हैं?

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए हमने शारदा अस्पताल, नवी मुंबई के मेडिकवर हॉस्पिटल के इंटरवेन्शल पल्मोनोजिस्ट डॉ. रोहन औरंगाबादवाला (Dr. Rohan Aurangabadwala) बातचीत की। इस लेख में हम आपको हार्ट प्रॉब्लम की वजह से लंग्स पर किस तरह का असर पड़ता है और इसके कारण कौन सी बीमारियां हो सकती हैं इसके बारे में बता रहे हैं।

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फेफड़ों पर भी पड़ता है कमजोर हार्ट का असर - heart problem cause lung Problem 

हृदय के कमजोर होने का सीधा असर आपके फेफड़ों पर पड़ता है। डॉ. रोहन औरंगाबादवाला का कहना है कि हार्ट फेलियर के कारण फेफड़ों कमजोर पड़ जाते हैं और इनका काम करना कम हो जाता है। हृदय के कमजोर होने पर किसी व्यक्ति को फेफड़ों के संबंधित निम्नलिखित बीमारियां हो सकती हैं

पल्मोनरी एडीमा 

पल्मोनरी एडिमा का सामान्य कारण है हृदय रोग है। इस बीमारी में फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। पल्मोनरी एडीमा में हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका असर फेफड़ों पर भी पड़ता है  फेफड़ों का काम हवा से ऑक्सीजन लेना और रक्त प्रवाह में फैलाना है। लेकिन इस बीमारी में फेफड़ों द्वारा शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की क्षमता कम हो जाती है। जिसकी वजह से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। पल्मोनरी एडिमा के लक्षणों में खांसी, पैरों की सूजन शामिल हैं। वहीं, इसके गंभीर लक्षणों में ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में मुश्किल, सदमे और अंगों की क्षति भी हो सकती है। 

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पल्मोनरी थ्रोम्बो एम्बोलिज्म 

हार्ट के कमजोर होने पर फेफड़ों में खून के थक्के या बुलबुले से बनने लगते हैं। जिसकी वजह से सांस लेने में परेशानी, कई बार दम घुटने जैसे लक्षण भी देखे जाते हैं। 

पल्मोनरी एम्बोलिज्म 

फेफड़ों में मौजूद खून का थक्का, जब शरीर के किसी अन्य हिस्से में जैसे हाथ या पैर रक्त प्रवाह को अन्य हिस्सों पर जमा कर देता है तो उसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म फेफड़ों में रक्त के प्रवाह को प्रतिबंधित करता है, फेफड़ों में ऑक्सीजन के स्तर को कम करता है और फुफ्फुसीय धमनियों (हृदय से फेफड़ों तक रक्त ले जाने वाली धमनियां) पर प्रेशर डालता है। हार्ट कमजोर होने के कारण फेफड़ों से संबंधित होने वाली ये बीमारी बहुत ही आम है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म  के लक्षणों में सांस लेने में परेशानी और ब्लड प्रेशर का लो होना शामिल है। 

हार्ट संबंधी बीमारियों से बचने के लिए क्या करें?

कमजोर हृदय का असर आपके फेफड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों पर न पड़े इसके लिए डॉक्टर से रेगुलर चेकअप करवाना बहुत जरूरी है। हार्ट प्रॉब्लम से बचने के लिए सांस लेने में तकलीफ, बहुत ज्यादा थकावट महसूस होना, सिर में दर्द रहना, ब्लड प्रेशर का अचानक लो होना, ब्लड प्रेशर का हाई होना जैसी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। अगर आपको अपने शरीर में ऐसे कोई भी लक्षण नजर आता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

(Dr. Rohan Aurangabadwala, Interventional Pulmonologist, Medicover Hospitals, Navi Mumbai)

All Image Source: Freepik

 

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