पीरियड में ब्लड क्लॉट्स (खून के थक्के) आने के कारण और उपचार

पीरियड में ब्‍लड क्‍लॉट की समस्‍या कई मह‍िलाओं को होती है, आइए जानते हैं इस समस्‍या का कारण, इलाज और लक्षण

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 07, 2021
पीरियड में ब्लड क्लॉट्स (खून के थक्के) आने के कारण और उपचार

क्‍या पीरियड में ब्‍लड क्‍लॉट आना च‍िंता की बात है? पीरियड में एक या दो बार ब्‍लड क्‍लॉट या खून के थक्‍के आना परेशानी वाली बात नहीं है, पर आपको ये समस्‍या कई दिन या हफ्तों तक रहे तो आपको डॉक्‍टर से सलाह जरूर लेनी चाह‍िए क्‍योंक‍ि कुछ बीमार‍ियों में पीर‍ियड के दौरान ब्‍लड क्‍लॉट की समस्‍या हो सकती है पर ऐसा होने पर खून के थक्‍कों के साथ दर्द भी होता है। ब्‍लड क्‍लॉट ज्‍यादातर तभी होते हैं जब पीर‍ियड में खून का फ्लो हैवी हो। ऐसा पीर‍ियड के पहले दो से तीन द‍िनों में ज्‍यादा होता है। वैसे अगर आप खुद को हाइड्रेट रखें, हेल्‍दी डाइट लें और एक्‍सरसाइज करें तो इन समस्‍याओं से बच सकते हैं। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के मह‍िला अस्‍पताल झलकारीबाई की गाइनोकॉलोजिस्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।

blood clot in periods

पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स की समस्‍या क्‍या है? (Blood clots during periods)

खून के थक्‍के जेल जैसे द‍िखते हैं। ये ब्‍लड ट‍िशू होते हैं जो पीर‍ियड में खून के साथ बाहर आ जाते हैं। जब यूट्रीन लाइन‍िंग से ज्‍यादा ब्‍लड न‍िकलता है तो वो थक्‍के का रूप ले लेता है। तीसरे द‍िन के बाद पीर‍ियड में ब्‍लड फ्लो कम होने लगता है और ब्‍लड क्‍लॉट‍िंग की समस्‍या भी खुद ही बंद हो जाती है। अगर खून के थक्‍के बहुत हैवी हैं या आपको असहज महसूस हो रहा है तो आप डॉक्‍टर से सलाह लें, ये क‍िसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। 

पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट कैसे द‍िखते हैं? (Size and color of blood clot during periods)

पीर‍ियड हर 28 से 30 द‍िनों में एक बार आते हैं। ये 4 से 7 द‍िनों तक रहते हैं। इन दौरान दो तरह के ब्‍लड क्‍लॉट हो सकते हैं। पहले नॉर्मल जो साइज में छोटे हो सकते हैं और उनका रंग ब्राइट रेड हो सकता है और एब्‍नॉर्मल ब्‍लड क्‍लॉट में खून के थक्‍के थोड़े बड़े होते हैं आपको उसमें दर्द भी हो सकता है। पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट का रंग डार्क रेड या ब्‍लैक हो सकता है। जैसे-जैसे प‍ीर‍ियड खत्‍म होने का समय होता है ब्‍लड क्‍लॉट का रंग गहरा ब्राउन या ब्‍लैक होता जाता है। 

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पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स होने के लक्षण क्‍या हैं? (Symptoms of blood clots during periods)

ब्‍लड क्‍लॉट ब्‍लड सैल्‍स, ट‍िशू, और ब्‍लड प्रोटीन का म‍िश्रण होता है। पीरियड के दौरान ब्‍लड क्‍लॉट होने पर आपको खून के साथ, जेल फॉर्म में जमे हुए खून के थक्‍के भी नजर आएंगे। ब्‍लड क्‍लॉट भी पीर‍ियड का एक ह‍िस्‍सा है। हालांक‍ि ये शरीर के बाक‍ि ह‍िस्‍से में होने वाले ब्‍लड क्‍लॉट से काफी अलग है। ऐसा जरूरी नहीं है क‍ि हर बार पीर‍ियड के दौरान ब्‍लड क्‍लॉट आने का कारण कोई बीमारी ही हो। जब कोई इंजरी हो जाती है तो उस जगह खून का थक्‍का जम जाता है ताक‍ि बॉडी से ज्‍यादा ब्‍लड बाहर न न‍िकले, ठीक उसी तरह पीर‍ियड के दौरान हैवी फ्लो को कंट्रोल करने के ल‍िए कभी-कभी ब्‍लड क्‍लॉट हो जाते हैं। अगर पीर‍ियड के दौरान ब्‍लड क्‍लॉट क‍िसी बीमारी के कारण हो रहा है तो आपको ब्‍लड क्‍लॉट के साथ दर्द भी हो सकता है। 

पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स क्‍यों आते हैं? (Causes of blood clots during periods)

पीर‍ियड में यूट्रस की लाइन‍िंग में जमा हुआ खून, यूट्रस के न‍िचले ह‍िस्‍से में जमा हो जाता है जो सर्व‍िक्‍स के जर‍िए बाहर न‍िकल जाता है। यूट्रस की लाइन‍िंग को पतला करने के ल‍िए शरीर एंटीकॉग्‍युलेंट बनाता है ज‍िससे खून पतला हो जाए और आसानी से बाहर न‍िकल जाए। मह‍िलाओं में हार्मोनल इंबैलेंस, फाइब्रोइड या क‍िसी अन्‍य बीमारी के चलते यूट्रस की लाइन‍िंग मोटी हो जाती है। जब यूट्रस की लाइन‍िंग मोटी हो जाती है तो ब्‍लीड‍िंग बढ़ जाती है या ब्‍लड क्‍लॉट बन जाता है।

पीर‍ियड के दौरान हैवी फ्लो या ब्‍लड क्‍लॉट कहीं बीमारी का लक्षण तो नहीं? 

blood clot treatment

पीर‍ियड के दौरान हैवी फ्लो या कई द‍िनों तक ब्‍लड क्‍लॉट की समस्‍या बने रहना कोई आम बात नहीं है, ऐसा होना कुछ बीमार‍ियों का संकेत हो सकता है जैसे-

  • 1. हार्मोनल इंबैलेंस (hormonal imbalance) के कारण भी पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट की समस्‍या हो सकती है। 
  • 2. यूट्रस का साइज बढ़ने (enlarged uterus) के कारण भी पीर‍ियड के साथ खून के थक्‍के आ सकते हैं। 
  • 3. यूट्स में फाइब्रोइड (fibroids) होना। इसे यूट्रीन पोलीप्‍स या यूट्रीन फाइब्रोइड कहते हैं। ये यूट्रस में एक तरह का ब्‍लॉकेज होता है। ब्‍लॉकेज के कारण हैवी फ्लो होता है और खून के थक्‍के भी निकलते हैं। फाइब्रोइड होने पर लोअर बैक पेन होना एक आम लक्षण है, इसके अलावा पीरियड के अलावा ब्‍लड स्‍पॉट्स हो सकते हैं। 
  • 4. खून की कमी या एनीम‍िया (anemia) होने पर भी पीर‍ियड के दौरान हैवी फ्लो या ब्‍लड क्‍लॉट की समस्‍या हो सकती है। एनीम‍िया होने पर कमजोरी, थकान, सांस लेने में परेशानी हो सकती है। 

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पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स आने की समस्‍या से कैसे बचें? (Tips to prevent blood clots during periods)

blood clot treatment

  • पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स की समस्‍या से बचना चाहते हैं तो रोजाना फ‍िज‍िकल वर्कआउट करें। 
  • पीर‍ियड में दौरान आपको ब्‍लड क्‍लॉट्स की समस्‍या होती है तो अपनी डाइट में आयरन रिच फूड्स एड करें। 
  • पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स की समस्‍या से बचने के लि‍ए आप खुद को हाइड्रेट रखें, द‍िन में कम से कम दो से तीन लीटर पानी जरूर प‍िएं। 

पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स आने का इलाज (Treatment of blood clots during periods)

  • पीर‍ियड में ब्‍लड क्‍लॉट्स की समस्‍या से न‍िपटने के लि‍ए डॉक्‍टर आपको दवाओं का कोर्स बता सकते हैं। 
  • ब्‍लड क्‍लॉट्स की समस्‍या से छुटकाना पाने के ल‍िए आपको बर्थ कंट्रोल प‍िल भी दी जा सकती है, इससे पीर‍ियड के दौरान होने वाली समस्‍या ठीक हो जाती है, आम तौर पर ये दवा तीन महीनों के ल‍िए दी जाती है। 
  • हार्मोनल इंबैलेंस के कारण भी पीर‍ियड में खून के थक्‍के की समस्‍या होती है, इसल‍िए डॉक्‍टर आपको हार्मोन्‍स बैलेंस करने की दवा दे सकते हैं। 

पीरियड में ब्लड क्लॉट्स एक बार होना परेशानी की बात नहीं है। कभी-कभी हैवी फ्लो होने के कारण खून के थक्‍के की समस्‍या हो सकती है। अगर हैवी फ्लो के साथ आपको अन्‍य कोई लक्षण नजर आ रहे हैं तो डॉक्‍टर से सलाह लेना न भूलें। 

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