ब्लड क्लॉटिंग के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज, जानें इसके लक्षणों को पहचानने का तरीका

शरीर में ब्लड क्लॉटिंग कहीं भी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप इनके प्रकारों और उनके शुरुआती लक्षणों को पहचानना सीखें।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jun 09, 2020 12:52 IST
ब्लड क्लॉटिंग के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज, जानें इसके लक्षणों को पहचानने का तरीका

ब्लड क्लॉटिंग या खून के थक्के (blood clotting) बन जाना इस अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में बढ़ता जा रहा है। ब्लड क्लॉटिंग का मतलब है शरीर में खून का एक जगह जम कर इकट्ठा हो जाना। जब आपकी नसों में खून थक्का बनने लगता है, तो धीरे-धीरे ये आपके जीवन स्थितियों को प्रभावित करने लगता है। आम तौर पर ये जिन लोगों में शुरूआती तौर पर हो रहा होता है, उन्हें इसका खास नुकसान नहीं हो रहा होता है, पर धीरे-धीरे ये आपके शरीर को किसी मेडिकल इमरजेंसी की ओर धकेल रहा होता है। ऐसे में जरूरी है आप शरीर में हो रहे ब्लड क्लॉटिंग के शुरुआती संकेतों पहचानना सीखें। वहीं ब्लड क्लॉटिंग के शुरुआती संकेत इसके प्रकारों यानी कि टाइप्स को ब्लड क्लॉटिंग (types of blood clots) पर निर्भर करता है।

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रक्त के थक्के के प्रकार और उनके शुरुआती संकेत (types of blood clots and symptoms of blood clotting) 

धमनी का थक्का (arterial clot)

हमारा सर्कुलेटरी सिस्टम नसों और धमनियों नामक वाहिकाओं से बनी होती है, जो आपके पूरे शरीर में रक्त का परिवहन करती है। इन्हीं नसों या धमनियों में रक्त के थक्के बन सकते हैं।जब रक्त का थक्का एक धमनी (blood clot in an artery) में होता है, तो इसे धमनी का थक्का (arterial clot) कहा जाता है। इस प्रकार का थक्का तुरंत निम्न लक्षणों का कारण बनता है जैसे कि

  • -धमनी के गंभीर दर्द
  • -शरीर के कुछ हिस्सों में अटैक महसूस होना
  • - दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है।

 वेन्स के थक्के (blood clot that occurs in a vein) 

वहीं वेन्स में होने वाले ब्लड के थक्के (blood clot that occurs in a vein) को वेनोस का थक्का (venous clot) कहा जाता है। इस प्रकार के थक्के समय के साथ और अधिक धीरे-धीरे बन सकते हैं, लेकिन वे अभी भी जानलेवा हो सकते हैं। 

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डिप वेन्स थ्रोमबॉसिस (Deep vein thrombosis)

DVT में शरीर में गहरी नसों में से एक में एक थक्का बनता है। यह आपके पैरों में होने के लिए सबसे आम है, लेकिन यह आपकी बाहों, श्रोणि, फेफड़ों या आपके मस्तिष्क में भी हो सकता है। इसमें बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रक्त का थक्का बनना संभव है। जब लक्षण दिखाई देते हैं, तो उनमें से कुछ अन्य बीमारियों के लक्षणों के समान होते हैं। यहां पैर या हाथ, हृदय, पेट, मस्तिष्क और फेफड़ों में रक्त के थक्के के शुरुआती चेतावनी के संकेत और लक्षण हैं। वहीं इन जगहों पर आपको शुरुआत से कुछ ऐसा महसूस हो सकता है

  • -थक्के की जगह पर गर्मी
  • -प्रभावित पैर या बांह में कोमलता या दर्द
  • -प्रभावित पैर और हाथ में सूजन
  • -त्वचा का लाल या बैंगनी होना

पैर या बांह में ब्लड क्लॉटिंग  के शुरुआती संकेत

  • -सूजन
  • -दर्द
  • -क्रैंप्स

दिल में ब्लड क्लॉटिंग के संकेत

दिल में खून का थक्का बनने से दिल का दौरा पड़ता है। दिल रक्त के थक्के के लिए एक कम आम स्थान है और ये कभी भी हो सकता है। दिल में खून का थक्का आपकी छाती को चोट पहुंचा सकता है या भारी महसूस कर सकता है। इसके शुरुआती लक्षण हैं

  • -सांस की तकलीफ
  • -धड़कनों का तेज दौड़ना
  • -सोने पर सांस लेनी की तेज आवाज आना

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पेट में ब्लड क्लॉटिंग 

गंभीर पेट दर्द और सूजन आपके पेट में कहीं रक्त के थक्के के लक्षण हो सकते हैं। ये पेट के वायरस या फूड पॉइजनिंग के लक्षण भी हो सकते हैं।

मस्तिष्क में ब्लड क्लॉटिंग या स्ट्रोक

मस्तिष्क में एक रक्त का थक्का भी एक स्ट्रोक के रूप में जाना जाता है। आपके मस्तिष्क में रक्त का थक्का अचानक और गंभीर सिरदर्द का कारण बन सकता है, साथ ही कुछ अन्य लक्षण जैसे कि अचानक बोलने या देखने में कठिनाई आदि इसमें शामिल है। इस तरह आप इन तमाम संकेतों की मदद से शरीर के किसी भी अंग में ब्लड क्लॉटिंग की पहचान कर सकते हैं।

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