एशियाई देशों में तेजी से बढ़ रहा है कोलेस्ट्रॉल, वैज्ञानिकों ने बताएं ये कारण

शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर जितना अधिक होगा, रुकावट और दिल के दौरे की घटना उतनी ही अधिक होगी, जो कई बार घातक भी हो सकती है।

सम्‍पादकीय विभाग
अन्य़ बीमारियांWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jun 08, 2020Updated at: Jun 08, 2020
एशियाई देशों में तेजी से बढ़ रहा है कोलेस्ट्रॉल, वैज्ञानिकों ने बताएं ये कारण

हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन या एचडीएल को अच्छे कोलेस्ट्रॉल के रूप में जाना जाता है। यह आपकी धमनियों में रुकावट को दूर करने में सहायक है और खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में भी मदद करता है। दूसरी ओर लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन या एलडीएल, खराब कोलेस्ट्रॉल है जो धमनियों को बंद कर देता है और कार्डिक अरेस्ट और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर जितना अधिक होगा, रुकावट और दिल के दौरे की घटना उतनी ही अधिक होगी, जो कई बार घातक भी हो सकती है।

अवूला लक्ष्मैया, वैज्ञानिक जी एंड हेड, डिवीजन ऑफ पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन, आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन का कहना है कि एशियाई देशों में कोलेस्ट्रॉल के मामलों में तेजी से बढ़त दिख रही है जबकि वेस्टर्न देशों में यह तेजी से घट रहा है। वह हाल के शोध पत्र के लेखकों में से एक है जो वैश्विक कोलेस्ट्रॉल के स्तर के सबसे बड़े अध्ययन पर आधारित है।

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इस विषय पर रिसर्च करने वाली टीम का कहना है 'कुछ देशों में दूसरों की तुलना में कम डेटा था, जो प्रभावित कर सकता है कि हम समय के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर और परिवर्तनों के बारे में कितने निश्चित हैं। भारतीय पुरुषों में गैर-एचडीएल (उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल 1980 में 128 वें स्थान पर रहा और 2018 में भी ऐसा ही रहा। हालांकि, महिलाओं के मामले में रैंक वैश्विक स्तर पर 139 वें से 140 वें स्थान पर मामूली रूप से बढ़ी'।

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हाल ही में इम्पीरियल कॉलेज, लंदन के नेतृत्व में प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिका, 'नेचर' में प्रकाशित होने वाले नए अध्ययन, 'गैर-इष्टतम कोलेस्ट्रॉल के वैश्विक उपरिकेंद्र का पुनर्मूल्यांकन' किया गया था और इसमें दुनिया भर के सैकड़ों शोधकर्ताओं ने योगदान दिया था।

अनुसंधान में 102.6 मिलियन व्यक्तियों के डेटा का उपयोग किया गया और 1980 से 2018 तक 39-वर्ष की समयावधि में 200 देशों में कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच की गई।

आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, हैदराबाद के निदेशक डॉ हेमलता आर ने कहा, "वेलकम ट्रस्ट और ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित किए गए काम से पता चला है कि दुनिया भर में लगभग 3.9 मिलियन मौतों के लिए उच्च कोलेस्ट्रॉल जिम्मेदार था।"

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ऐसे बढ़ाएं गुड कोलेस्ट्रॉल

  • अगर आप अपने आपको हमेशा स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको शुगर का कम से कम सेवन करना होगा। गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ाने के लिए आपको शुगर का थोड़ा त्याग करना होगा। यह आपका मोटापा घटाने में भी मदद करेगा।
  • मोटापा और एलडीएल दोनों साथ-साथ होते हैं। लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं कि आपको कमर तोड़ व्यायाम करना होगा। आप रोज थोड़ी कसरत और अपने खान-पान में सुधार कर बढ़े वजन को धीरे-धीरे काबू कर सकते हैं। विटामिन-बी उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन को बढ़ाने में सहायक होता है। विटामिन-बी 5 की 300 मिलीग्राम पूरक से भी आप अपने एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है।
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  • धूम्रपान बंद करने से आप अपना एचडीएल का स्तर दस प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। यही नहीं इस लत को छोड कर आप लंग कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से भी बच सकते हैं। धूम्रपान छोड़ने के लिए अपने डॉक्टर से भी राय व उपाय जान सकते हैं।शराब का कम से कम सेवम करें। रेड वाइन का एक गिलास अपके हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
  • एक्सरसाइज आपको फिट रखने के साथ ही कई बीमारियों से भी दूर रखने का काम करती है। अगर आप अपने शरीर में एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप रोजाना एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज करने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। आप वॉकिंग, जॉगिंग, स्वीमिंग, रनिंग, एरोबिक्स, साइक्लिंग या जुम्बा जैसी कई एक्सरसाइज कर अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं।

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