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चेहरा लाल होना की बीमारी (रोजेशिया) से परेशान थीं हेल्थ कोच स्नेहजा, जानें डाइट और योग से कैसे ठीक की समस्या?

हेल्थ कोच स्नेहजा ने हेल्दी डाइट और फेशियल योगा फॉलो करके रोजेशिया जैसी स्किन कंडीशन को खत्म किया है। आइए उन्हीं से जानें उनकी ये प्रेरणात्मक कहानी।   
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चेहरा लाल होना की बीमारी (रोजेशिया) से परेशान थीं हेल्थ कोच स्नेहजा, जानें डाइट और योग से कैसे ठीक की समस्या?


त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं ऐसी होती हैं जिनका इलाज लंबे समय तक चलता है। ऐसी ही एक स्किन प्रॉब्लम है रोजेशिया। रोजेशिया एक प्रकार की स्किन कंडीशन है जिसमें चेहरे पर लाल दाने होने लगते हैं। इसमें गालों और माथे पर हमेशा लाल रंग के दाने रहते हैं। इन लाल दानों में पस भरा होता है और इस कारण त्वचा में ड्राईनेस भी बढ़ जाती है। डॉक्टर्स मानते हैं कि इस समस्या को केवल कंट्रोल किया जा सकता है और पूरी तरह खत्म नहीं कर सकते हैं। लेकिन इस बात को गलत साबित कर दिखाया है हेल्थ कोच और फेशियल योगा एक्सपर्ट स्नेहजा ने। स्नेहजा को कई सालों से यह समस्या थी। लेकिन जब उन्होंने हेल्दी डाइट और फेशियल योगा को जिंदगी का हिस्सा बनाया, तो उन्हें असर नजर आने लगा। यह जर्नी उनके लिए काफी बड़ी रही है। ओनलीमायहेल्थ को दिए इंटरव्यू में स्नेहजा ने बताया कि किस तरह उन्होंने रोजेशिया की समस्या को पूरी तरह खत्म किया है। स्नेहजा ने रोजेशिया को ठीक करने के लिए डाइट की मदद भी ली है। हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल के जरिए किसी भी बीमारी को कैसे खत्म किया जा सकता है। इस बारे में जानने के लिए ओनलीमायहेल्थ बीमारी और डाइट सीरीज पर काम कर रहा है। आज इस सीरीज में हम स्नेहजा से जानेंगे कि उन्होंने डाइट और फेशियल से रोजेशिया को कैसे खत्म किया है। 

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आपको रोजेशिया की समस्या कब हुई थी?

रोजेशिया की शुरुआत के बारे में जानकारी देते हुए स्नेहजा बताती हैं “मुझे 10 साल पहले 2014 में यह समस्या शुरू हुई थी। तब मैं यूके (UK) में पढ़ाई के लिए गई हुई थी। शुरुआत में मेरे चेहरे पर एक एक्ने आया जो दो साल तक गया ही नहीं। मैंने कई दवाईयां ली और चेकअप कराएं। लेकिन इसका समाधान नहीं मिल पा रहा था। इंडिया आकर जब मेरे दोबारा चेकअप हुए मुझे एक्ने रोजेशिया डायग्नोज हुआ।” 

रोजेशिया के कारण आपको क्या-क्या परेशानियां हो रही थीं

अपनी परेशानियों को खुलकर बताते हुए स्नेहजा कहती हैं “रोजेशिया होने की वजह से मेरा चेहरा लाल रहता था। स्किन ड्राई होना शुरू हो गई थी। गालों पर हमेशा लाल दाने रहते थे जिससे मुझे इर्रिटेशन होती थी।” रोजेशिया के कारण कई लोग अपना कॉन्फिडेंस भी खोने लगते हैं। ऐसे में स्नेहजा हार मानने के बजाय समस्या की जड़ जानने में लग गई थीं। 

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रोजेशिया को खत्म करने के लिए आपने क्या-क्या किया

स्नेहजा ने बताया “रोजेशिया के इलाज के लिए मेने एंटीबायोटिक्स लेना शुरू किया लेकिन उससे साइड इफेक्ट्स नजर आने लगे थे। इसके कारण स्किन ओवरड्राई हो रही थी। वेट गेन हो रहा था और कब्ज की समस्या भी रहती थी। इसलिए कुछ समय के लिए एंटीबायोटिक्स रोक दिए।” रोजेशिया के इलाज के लिए स्नेहजा ने कई डर्मेटोलॉजिस्ट से मदद मिली। उन्हें कई सारे स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने पड़ते थे। डॉक्टर से डाइट में कई चीजों को अवॉइड करने के लिए कह दिया था।

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जानें फेशियल योगा से स्नेहजा ने अपनी जिंदगी किस तरह बदली 

स्नेहजा बताती हैं कि कोविड के दौरान उनके स्किन प्रोडक्ट्स हर जगह मिलने बंद हो गए थे। ऐसे में उन्होंने रिसर्च करना शुरू किया और खुद पर काम किया। उन्होंने केमिकल स्किन केयर प्रोडक्ट्स अवॉइड करके नेचुरल चीजों की ओर ध्यान लगाना शुरू किया। इस दौरान स्नेहजा ने यूट्यूब से फेशियल योगा सीखना शुरू किया। शुरुआत में उन्हें इसका असर नजर नहीं आया, तो इसलिए फेशियल योगा की क्लासेस लेना शुरू किया। लगातार कई महिनों तक फेशियल योगा करने से रोजेशिया की समस्या कम होने लगी थी। स्नेहजा ने बताया “फेशियल योगा करने से चेहरे की रेडनेस कम होने लगी। एक्ने आकर जल्दी चले जाते थे और समस्या काफी हद तक खत्म हो गई थी।” तब उन्होंने लोगों की जिंदगी बदलने की भी ठानी और फेशियल योगा में सर्टिफिकेशन लेकर फेशियल योगा एक्सपर्ट बनीं। अब तक स्नेहजा हजारों लोगों को फेशियल योगा से जिंदगी बदलने में मदद कर चुकी हैं। 

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रोजेशिया से राहत पाने के लिए आपके क्या डाइट फॉलो की

रिसर्च के जरिए स्नेहजा ने जाना कि रोजेशिया को खत्म करने के लिए बॉडी को अंदर से हील करना भी जरूरी है। इसके लिए डाइट और लाइफस्टाइल दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। इसलिए स्नेहजा ने अब हॉलिस्टिक न्यूट्रिशन की पढ़ाई की और न्यूट्रिशन और डिजीज में रिलेशन समझा। हेल्दी डाइट को करीब डेढ़ साल तक फॉलो करके स्नेहजा ने रोजेशिया को पूरी तरह खत्म किया। 

डाइट में स्नेहजा मैदा या ग्लूटन से बनी किसी भी चीज का सेवन नहीं करती थीं। उन्होंने केवल प्लांट बेस्ड चीजों को खाना शुरू किया जो बिलकुल नेचुरल हैं। इस दौरान स्नेहजा ने चॉकलेट, केक, मिठाईयां जैसी उन सभी चीजों को छोड़ दिया जो बॉडी में हार्मोन्स बिगाड़ सकती थीं। अगर कुछ खाने का मन होता था, तो वह घर पर ही नेचुरल तरीके से चीजों को बनाती थीं। स्नेहजा ने जंक फूड और कैफीन भी पूरी तरह अवॉइड कर दिया, जिससे शरीर में टॉक्सिन जमा न हो। इन सभी चीजों से स्नेहजा ने रोजेशिया की समस्या को खत्म किया।

इस लेख में आज हमने स्नेहजा के उदाहरण से जाना कि किसी भी समस्या को खत्म करने के लिए डाइट और योगा कैसे फायदेमंद है। हमने जाना कि बॉडी को अंदर से क्लीन करने के लिए सही डाइट लेना जरूरी है। जैसे स्नेहजा से अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को कंट्रोल करके रोजेशिया को खत्म किया है। इस सीरीज में हम ऐसी ही असल कहानियां आपसे शेयर करते रहते हैं, जिससे आपको हेल्दी डाइट फॉलो करने की प्रेरणा मिल सके। इस सीरीज के अन्य आर्टिकल्स आप ओनलीमायहेल्थ की वेबसाइ़ड पर जाकर पढ़ सकते हैं। 

 

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