आयुर्वेद के अनुसार पेट दर्द में इन 5 चीजों से करें परहेज, जानें 5 आसान उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 22, 2018
Quick Bites

  • पेट दर्द में दूध न पिएं क्योंकि इसे पचाना खराब पाचन के दौरान कठिन होता है।
  • कब्ज और पेट दर्द की समस्या अक्सर रहती है, तो घर पर बनाएं आयुर्वेदिक चूरन।
  • 24 घंटों में कम से कम एक बार मल का त्याग ज़रूरी है।

पेट दर्द एक सामान्य समस्या है। आमतौर पर खान-पान में गड़बड़ी के कारण ये समस्या होती है। मगर कई बार नजरअंदाज करने पर पेट का दर्द असहनीय हो जाता है। आयुर्वेद में पेट दर्द को ठीक करने के लिए तमाम नुस्खे बताए गए हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे आहार भी हैं, जिनका सेवन पेट के दर्द को बढ़ाने में मदद करता है। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे आहार, जिन्हें पेट दर्द के दौरान बिल्कुल नहीं खाना चाहिए और कुछ ऐसे उपचार जो पेट दर्द में आपकी मदद कर सकते हैं।

पेट दर्द होने पर इन 5 आहारों से करें परहेज

  • मसालेदार भोजन से आपके पाचन और पेट दर्द की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। पेट दर्द के अलावा मसालेदार भोजन ज्यादा खाने से सीने में जलन की समस्या भी हो सकती है।
  • दूध से बने प्रोडक्ट्स को पचाना कठिन होता है इसलिए अगर आपके पेट में दर्द है तो आपको दूध नहीं पीना चाहिए और न ही दूध से बने पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  • पेट दर्द होने पर चाय या कॉफी का सेवन आपके पेट में एसिडिटी को बढ़ा सकता है।
  • बीन्स में ढेर सारे पौष्टिक तत्व होते हैं और ये शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं मगर पेट दर्द होने पर इन्हें खाना आपकी समस्या को और ज्यादा बढ़ा सकता है।
  • फास्टफू़ड्स में तेल, मसाले और अन्य कई हानिकारक तत्वों की मात्रा ज्यादा होती है। फास्टफूड्स आपका पेट खराब कर सकते हैं और इसकी वजह से आपके पेट दर्द की समस्या बढ़ सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार पेट दर्द का उपचार

आयुर्वेद में पेट दर्द की समस्या के तमाम उपचार बताए गए हैं। पेट दर्द होने पर आमतौर पर भारी भोजन से दूऱ रहना चाहिए। अगर पेट दर्द का कारण कब्ज, एसिडिटी या अपच है, तो ऐसे आहारों का सेवन करना चाहिए, जो आसानी से पच जाएं- जैसे- फल, सब्जियां, खिचड़ी, दाल का पानी आदि। इसके अलावा कुछ आसान आयुर्वेदिक नुस्खों से भी पेट दर्द की समस्या को खत्म किया जा सकता है।

आयुर्वेदिक चूरन

पेट दर्द अगर अक्सर आपको परेशान करता है, तो घर पर ही दर्द निवारक चूर्ण बनाएं। इसके लिए भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, सौंठ, लहसून, धनिया, हींग सूखी पुदीना पत्ती, सबकी बराबर मात्रा लेकर बारीक पीस लें। इसमें थोड़ा सा काला नमक भी मिलाएं। इस चूरन को खाने के बाद एक चम्मच थोड़े से गर्म पानी के साथ लें। इस चूरन से पेट दर्द कभी नहीं होगा और कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी।

दूध और अरंडी का तेल

रोगी को बिना किसी बाधा के मलत्याग होना चाहिए। 24 घंटों में कम से कम एक बार मल का त्याग ज़रूरी है। लेकिन अगर मलत्याग में पेशानी होती है और कब्ज़ियत की शिकायत रहती है तो एक कप  गुनगुने दूध में २ चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर,रात को सोने से पहले पीने से काफी लाभ मिलता है।

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नींबू-पुदीना रस

पुदिने और नींबू का रस एक-एक चम्मच लें। अब इसमें आधा चम्मच अदरक का रस और थोडा सा काला नमक मिलाकर उपयोग करें। दिन में 3 बार इस्तेमाल करें, पेट दर्द में आराम मिलेगा।

अदरक का प्रयोग

अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर उसमें थोडी सी शक्कदर मिलाकर प्रयोग करें। पेट दर्द में लाभ होगा। दिन में 2-3 बार ले सकते हैं।

हींग का प्रयोग

आयुर्वेद के अनुसार हींग दर्द निवारक और पित्तव‌र्द्धक होती है। छाती और पेट दर्द में हींग का सेवन बेहद लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर एकदम थोडी सी हींग को एक चम्मच पानी में घोलकर पका लें। फिर बच्चे की नाभि के चारों लगा दें। कुछ देर बाद दर्द दूर हो जाता है।

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