Fri Sep 11, 2026 | 08:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

वजाइनल इंफेक्शन से राहत के लिए इस्तेमाल करें कपूर में मिलाकर ये 2 चीजें, मिलेगा आराम

महिलाओं में वजाइनल इंफेक्शन काफी आम है। ऐसे में आप वजाइना के इंफेक्शन के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए कपूर गुलाब जल और ग्लिसरीन के घरेलू उपाय का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

आज के समय में महिलाओं में वजाइनल इंफेक्शन की समस्या काफी ज्यादा बढ़ गई है और आम हो गई है। वजाइना में इंफेक्शन के कारण जलन, रेडनेस, खुजली आदि समस्या महसूस हो सकती हैं। इसलिए, वजाइना का ध्यान रखना महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है। वजाइना में इंफेक्शन, जैसे यीस्ट इंफेक्शन या बैक्टीरियल वेजिनोसिस काफी आम माने जाते हैं, लेकिन इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर इसका इलाज किया जा सकता है। वहीं इस समस्या के लक्षणों से राहत पाने के लिए भी आप कुछ घरेलू उपायों को ट्राई कर सकते हैं।

हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि वजाइनल इंफेक्शन के कारण योनि के बाहरी हिस्से में होने वाली जलन, खुजली औ ड्राइनेस से राहत पाने के लिए आप कपूर, गुलाब जल और ग्लिसरीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके इस्तेमाल के तरीके और फायदों के बारे में।

कपूर, गुलाब जल और ग्लिसरीन के मिश्रण के फायदे

वजाइनल इंफेक्शन के कारण योनि के बाहर होने वाली स्किन से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए आप कपूर, गुलाब जल और ग्लिसरीन के इस मिश्रण का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि इसके उपयोग से आपको ये फायदे मिल सकते हैं:

  1. खुजली और जलन से राहत: कपूर में नेचुरल कूलिंग एजेंट और हल्के एनेस्थेटिक गुण होते हैं और जब इसे गुलाब जल के साथ मिलाया जाता है तो यह योनि के बाहरी हिस्से में होने वाली हल्की खुजली और जलन से तुरंत राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
  2. ठंडक देता है: गुलाब जल अपनी ठंडी प्रकृति के लिए जाना जाता है। इंफेक्शन के कारण होने वाली रेडनेस और गर्माहट को कम करने में यह मिश्रण आपके लिए आरामदायक साबित हो सकता है।
  3. सूखापन से राहत: ग्लिसरीन एक बेहतरीन 'ह्यूमेक्टेंट' है, जो नमी को सोख कर स्किन को मुलायम बनाए रखने में मदद करता है। योनि के बाहरी हिस्से में अगर सूखेपन के कारण खुजली की समस्या हो रही है तो ग्लिसरीन उसे हाइड्रेट करने में मदद करती है।
  4. एंटी-बैक्टीरियल गुण: कपूर में हल्के एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो स्किन पर मौजूद बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद करता है। ऐसे में वजाइनल इंफेक्शन के कारण योनि के बाहर होने वाली समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
  5. पीएच संतुलन बनाए रखे: गुलाब जल का पीएच स्तर स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, जो इंफेक्शन के दौरान बिगड़े हुए संतुलन को हल्का सुधारने में मदद कर सकता है।

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गुलाब जल, ग्लिसरीन और कपूर का इस्तेमाल कैसे करें?

वजाइनल इंफेक्शन के बाहरी हिस्सों को ठीक करने के लिए इस उपाय को तैयार करने के लिए आप इस रेसिपी को ट्राई कर सकती हैं:

इंग्रेडिएंट्स:

  • गुलाब जल- 2 चम्मच
  • ग्लिसरीन- 1 चम्मच
  • कपूर पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच

कैसे करें तैयार

गुलाब जल, ग्लिसरीन और कपूर पाउडर को एक बाउल में डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद कॉटन की मदद से वजाइना के बाहरी हिस्से पर हल्के हाथ से लगा सकते हैं। ध्यान रहे आप दिन में 1 बार से ज्यादा इस मिश्रण का इस्तेमाल न करें।

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निष्कर्ष

गुलाब जल, ग्लिसरीन और कपूर का ये मिश्रण वजाइनल इंफेक्शन के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। ध्यान रहे कपूर का इस्तेमाल हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता है। इसलिए आप इस मिश्रण का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर या स्किन स्पेशलिस्ट से कंसल्ट जरूर करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • वजाइना में इंफेक्शन होने पर क्या करें?

    वजाइना में इंफेक्शन होने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए, क्योंकि इसका इलाज इंफेक्शन के प्रकार पर निर्भर करता है , जिसमें एंटीफंगल या एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही वजाइनल हाइजीन का ध्यान रखना, सूती कपड़े पहनना और शुगर कंट्रोल रखना जरूरी है।
  • प्राइवेट पार्ट इन्फेक्शन के क्या लक्षण हैं?

    प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन के लक्षणों में खुजली, जलन, रेडनेस और सूजन की समस्या शामिल है। इसके अलावा असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज, पेशाब या शारीरिक संबंध के दौरान दर्द और कभी-कभी छोटे दाने या घाव शामिल है, जो इंफेक्शन के प्रकार पर निर्भर करता है।
  • वजाइना में इन्फेक्शन क्यों होता है?

    वजाइनल इंफेक्शन बैक्टीरिया, फंगस या परजीवी के कारण होता है, जब योनि में बैक्टीरिया का नेचुरल संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे कैंडिडा जैसे फंगस या हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। 

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Dec 31, 2025 10:07 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Dec 31, 2025 10:07 IST

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