Badam Puree Benefits for Babies in Hindi: छोटे बच्चे अक्सर खाने में काफी नखरे दिखाते हैं। कई बार वे अपनी पसंदीदा चीजें भी नहीं खाते हैं। इसलिए ऐसे में माता-पिता को बच्चों के खान-पान को लेकर एक्टिव रहना चाहिए, जिससे उन्हें शारीरिक कमजोरी महसूस न हो। अगर आपका बच्चा छोटा है तो ऐसे में उसे साबुत अनाज खिलाने के बजाय प्यूरी खिला सकते हैं। प्यूरी आसानी से पचने वाला आहार है। छोटे बच्चों को साबुत बादाम नहीं दिया जा सकता है, इसलिए ऐसे में प्यूरी खिलाना काफी फायदेमंद साबित होती है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास में भी मददगार साबित होते हैं। आइये बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभित से जानते हैं बच्चों को बादाम प्यूरी खिलाने के फायदे।
बच्चों को बादाम प्यूरी खिलाने के फायदे (Badam Puree Benefits for Babies in Hindi)
- बच्चों को बादाम प्यूरी खिलाना सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है।
- इससे बच्चों को अच्छी मात्रा में विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं।
- बादाम की प्यूरी खिलाने से बच्चों का ब्रेन का विकास होता है और दिमाग तेजी से काम करता है।
- इसे खिलाने से बच्चों को एलर्जी की समस्या नहीं होती है।
- बादाम की प्यूरी खिलाने से बच्चों का पाचन तंत्र अच्छा रहता है।
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बादाम की प्यूरी की रेसिपी (Badam Puree Recipe in Hindi)
- बादाम की प्यूरी बनाने के लिए आपको बादाम को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रखना है।
- अब ब्रेस्ट मिल्क या फॉर्मुला मिल्क लें। इसके बाद आपको बादाम के छिलके को निकालकर अच्छे से घिसना है।
- अब इसमें ब्रेस्ट मिल्क मिलाएं और अच्छे से घिस लें। अब आपको बच्चे को उंगली से प्यूरी खिलानी है।
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बादाम की प्यूरी खिलाने से पहले क्या सावधानी बरतें? (Precautions While Giving Badam Puree to Babies in Hindi)
बच्चों को कम से कम 4 साल की उम्र तक साबुत बादाम खिलाने से बचें। ऐसे में कई बार बादाम बच्चे के गले में भी फंस सकता है, जिससे चोकिंग की समस्या हो सकती है। अगर आपका बच्चा 6 महीने से ज्यादा का है तो उसे बादाम की प्यूरी दे सकते हैं।