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साइनस का आयुर्वेदिक इलाज: साइनस की समस्या में आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक नुस्खे, जल्द मिलेगी राहत

साइनस नाक का एक रोग है। साइनस की समस्या को आयुर्वेदिक तरीके से भी ठीक किया जा सकता है। जानें साइनस का आयुर्वेदिक इलाज-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jan 18, 2022Updated at: Jan 18, 2022
साइनस का आयुर्वेदिक इलाज: साइनस की समस्या में आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक नुस्खे, जल्द मिलेगी राहत

ayurvedic treatment for sinus: आयुर्वेद में साइनस को प्रतिश्याय नाम से जाना जाता है। सर्दी के मौसम में अधिकतर लोगों को साइनस की समस्या का सामना करना पड़ता है। सिर दर्द, नाक बंद होना, नाक से पानी बहना, हल्का बुखार और आधे सिर में तेज दर्द उठना साइनस के लक्षणों में शामिल हैं। कई बार साइनस में चेहरे पर सूजन भी आ जाती है। इसके मरीज धूल-मिट्टी और धुआं बर्दाश्त नहीं पर पाते हैं। आयुर्वेद में भी साइनस का इलाज संभव है। जानें साइनस का आयुर्वेदिक इलाज-

साइनस का आयुर्वेदिक इलाज (ayurvedic treatment for sinus)

साइनस नाक का एक रोग है। इसमें रोगी के नाक और गले में कफ जमा हो जाता है। साइनस अस्थमा का भी कारण बन सकता है। यह अन्य रोगों को भी पैदा करता है। दरअसल, साइनस में नाक के अंदर की हड्डी बढ़ और तिरछी हो जाती है, इसकी वजह से सांस लेने में रूकावट पैदा होती है। इस दौरान साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से साइनस में मवाद या बलगम जमा हो जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाता है। इससे सिर, माथे में दर्द होने लगता है। आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा से जानें साइनस का आयुर्वेदिक इलाज-

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1. अदरक

आयुर्वेद में अदरक का खास महत्व है। अदरक की मदद से साइनस की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है। अदरक में दर्द निवारक, वायुनाशी, पाचक और स्लाइवा स्त्राव को बढ़ाने वाले गुण होते हैं। इसके अलावा अदरक कफ निस्सारक गुण वाला भी होता है। आयुर्वेद में कफ रोगों का इलाज करने के लिए अदरक का उपयोग किया जाता है। इसलिए साइनस में भी अदरक लाभकारी होता है। लेकिन अगर आपके शरीर की प्रकृति पित्त है, तो डॉक्टर की सलाह पर ही इसका उपयोग करें। 

कैसे करें अदरक का सेवन (how to use ginger for sinus infection)

अदरक में वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने की शक्ति होती है। यह एलर्जी के रिएक्शन को भी कम करती है। अदरक के सेवन से बलगम साफ होता है। अदरक साइनस के दर्द को पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवों को भी नष्ट करता है। इसके लिए आप एक गिलास पानी में अदरक के 2-3 स्लाइस उबाल लें। इस पानी को छानकर पी लें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

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2. तुलसी 

आयुर्वेद में तुलसी का उपयोग कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। तुलसी में गाढ़े बलगम को निकालने, कफ निस्सारक और रोगाणुरोधक गुण है। तुलसी शरीर से कफ को निकालकर अस्थमा, एलर्जिक और साइनस की बीमारी को ठीक करता है। श्वसन मार्ग से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए तुलसी का उपयोग लाभकारी होता है। पित्त प्रधान व्यक्तियों को इसका सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए। तुलसी इस रोग को दूर करने में मदद करता है

कैसे करें तुलसी का इस्तेमाल (how to use basil for sinus)

तुलसी और अदरक का काढ़ा साइनस के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, अदरक और मिश्री डालें। इसे अच्छी तरह से उबलने दें। इसके बाद इसे छानकर पी लें। इससे साइनस के रोगियों को काफी आराम मिलेगा।

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3. पिप्पली

पिप्पली में बुखार, सर्दी-जुकाम और दर्द को कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं। पिप्पली गले, फेफड़ों से बलगम को निकालने में सहायक होता है। यह कफ निस्सारक रोग जैसे साइनस, अस्थमा में भी आराम दिलाता है। आयुर्वेद में पिप्पली जड़ी-बूटी को काफी फायदेमंद माना जाता है

कैसे करें पिप्पली का उपयोग (how to use pippali for cough)

साइनस की समस्या से राहत पाने के लिए पिप्पली का सेवन चूर्ण के रूप में किया जा सकता है। इसके लिए पिप्पली का चूर्ण लें, इसे गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इसकी मात्रा डॉक्टर की राय पर ही तय करें।

4. घृत 

साइनस के रोगियों के लिए घृत जड़ी-बूटी भी लाभकारी होती है। घृत पाचन अग्नि को तेज करता है। यह नासिका मार्ग में आ रही रुकावटों को दूर करता है। इसके साथ ही यह एलर्जी से भी बचाता है। साइनस के लक्षणों को कम करने के लिए घृत का हरीद्रा के साथ उपयोग किया जा सकता है।

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5. काली मिर्च

काली मिर्च की तासीर काफी गर्म होती है। इसलिए यह कफ से संबंधित रोगों को दूर करने में मदद करता है। इसके साथ ही काली मिर्च में एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। काली मिर्च के सेवन से गले में जमा कफ भी आसानी से निकल जाता है। इसलिए यह साइनस के रोगियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है। 

कैसे करें काली मिर्च का सेवन (how to use black pepper for sinusitis)

इसके लिए एक आप सूप में काली मिर्च का पाउडर मिला सकते हैं। आप चाहें तो काली मिर्च को अपनी चाय में भी मिला सकते हैं। काली मिर्च साइनस की सूजन को भी कम करता है, बलगम को सूखा देता है।

अगर आप साइनस के रोगी है, तो इन आयुर्वेदिक उपायों को आजमा सकते हैं। साइनस की समस्या बढ़ने पर आपको कुछ समय तक घी के सेवन से बचना चाहिए। इस दौरान आप अदरक, काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं। लेकिन कोई भी उपाय आजमाने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। साथ ही पित्त प्रकृति के लोगों को इन आयुर्वेदिक उपायों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना चाहिए। 

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