Period Problems And PCOS: आजकल महिलाओं के पास घर के काम से लेकर ऑफिस का स्ट्रेस सारा दिन चलता है। इससे महिलाएं देर रात तक जागती हैं, लगातार स्ट्रेस रहता है, नींद पूरी नहीं होती और लाइफस्टाइल अनहेल्दी हो जाता है। इन वजहों से महिलाओं के हार्मोन बैलेंस नहीं रह पाते और महिलाओं में आजकल PCOS की समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है। PCOS के कारण पीरियड्स अनियमित होना मुख्य लक्षण है। इसके अलावा, अचानक बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना, चेहरे पर एक्ने, वजन बढ़ना और प्रेग्नेंसी में दिक्कत होना (symptoms of pcos) बहुत ही आम है। PCOS की समस्या को आयुर्वेदिक तरीके से भी मैनेज किया जा सकता है। इस बारे में हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। डॉ. चेतन ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, PCOS सिर्फ यूटरस की बीमारी नहीं है, बल्कि पूरी बॉडी का बैलेंस बिगड़ना है। PCOS को मैनेज करने में अशोक छाल और शतावरी बहुत फायदेमंद होती है।
अशोक छाल PCOS में कैसे मदद करती है?
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, PCOS सिर्फ यूटरस तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि PCOS होने का कारण वात और कफ दोष का बैलेंस न होना है, डाइजेशन धीमा होना और आर्तव वह स्रोतस यानी फर्टिलिटी सिस्टम में रुकावट होना है। अगर डाइजेशन सही नहीं होता, तो कफ बढ़ता है और शरीर में एक्स्ट्रा फैट बढ़ने लगता है, टॉक्सिन्स और हार्मोनल गड़बड़ी बढ़ने लगती है। इस कंडीशन में ओव्यूलेशन पर असर पड़ता है और पीरियड्स समय पर नहीं होते। इसे बैलेंस करने के लिए अशोक छाल का इस्तेमाल काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। वैसे भी अशोक छाल सीधे तौर पर महिला के फर्टिलिटी सिस्टम पर काम करती है।”
- अशोक छाल के इस्तेमाल से पीरियड्स रेगुलर होने लगते हैं।
- पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने को कंट्रोल करता है।
- यूटरस की मांसपेशियों को स्ट्रेंथ देता है।
- पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में राहत देता है।

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शतावरी PCOS में कैसे मदद करती है?
Science Direct में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शतावरी में मौजूद 'स्टेरॉयड सैपोनिन्स' फर्टिलिटी को सही करने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं, जो PCOS के इलाज में जरूरी है। इस बारे में डॉ. चेतन कहते हैं, “शतावरी को महिलाओं की समस्याओं से ही जोड़कर देखा जाता है। शतावरी को शरीर के लिए न्यूट्रिशन से जुड़ा टॉनिक भी माना जाता है। दरअसल, शतावरी की तासीर ठंडी होती है, जो पित्त और वात को शांत करती है। जिन महिलाओं में PCOS के साथ चिड़चिड़ापन, गर्मी, मुंहासे या बेचैनी रहती है, उनके लिए शतावरी लेना बेस्ट है। आयुर्वेद में शतावरी को खासतौर पर महिलाओं की दिक्कतों को मैनेज करने के लिए लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसके रेगुलर इस्तेमाल से पीरियड्स का पैटर्न धीरे-धीरे सुधरने लगता है।”
- शतावरी से हार्मोन को बैलेंस करने में सपोर्ट मिलता है।
- ओव्यूलेशन का प्रोसेस रेगुलर करने में मदद मिलती है।
- अनियमित पीरियड्स और उसमें होने वाले दर्द से राहत मिलती है।
- यूटरस और ओवरीज को न्यूट्रिशन देता है।
PCOS होने पर लाइफस्टाइल में कैसे करें बदलाव?
डॉ.चेतन कहते हैं, “अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि आयुर्वेद में एक चूर्ण या गोली खाकर PCOS का इलाज हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। जब तक लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं होंगे, तब तक PCOS को मैनेज करना बहुत मुश्किल है।”
- देर रात तक जागने से हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ता है, इसलिए रोजाना एक समय तय करना बहुत जरूरी है।
- बहुत ज्यादा मीठा, प्रोसेस्ड और जंक फूड नहीं खाना चाहिए। PCOS में डेयरी प्रोडेक्ट्स न लें।
- कपालभाति, भ्रामरी और हल्के आसन मेटाबॉलिज्म और हार्मोन बैलेंस में मदद करते हैं।
- लगातार स्ट्रेस से PCOS और बिगड़ सकता है। इसलिए मेडिटेशन और वॉक की जा सकती है। इसके साथ स्क्रीन से दूरी रखकर स्ट्रेस कम किया जा सकता है।
- रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।
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निष्कर्ष
डॉ. चेतन जोर देते हुए कहते हैं कि आयुर्वेद में तुरंत असर नहीं होता, बल्कि इसका असर दो-तीन महीनों में देखने को मिलता है। अगर पीरियड्स 2 से 3 महीने तक न आए, पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग हो, दर्द होने लगे और प्रेग्नेंसी में दिक्कत हो, तो खुद दवाइयां न लें बल्कि आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें। अशोक की छाल और शतावरी जैसी औषधियां लेने से हार्मोनल सिस्टम को सपोर्ट मिलता है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह पर कोई भी औषधि न लें।
FAQ
अशोक की छाल का सेवन कैसे करें?
पेट दर्द और ऐंठन से राहत पाने के लिए अशोक की छाल को चूर्ण या कैप्सूल के रूप लिया जा सकता है।अशोक की छाल का पानी पीने के क्या फायदे हैं?
अशोक छाल का काढ़ा पीने से पीरियड्स का दर्द और भारी पीरियड्स कम होता है। अशोक की छाल सफेद पानी और रेगुलर पीरियड्स न होने जैसी समस्याओं को ठीक करती है।महिलाओं को शतावरी कब लेनी चाहिए?
महिलाओं को शतावरी सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले गर्म दूध या पानी के साथ लेनी चाहिए, ताकि हार्मोनल बैलेंस, डाइजेशन और एनर्जी मिल सके। किसी भी तरह की औषधि लेने से पहले आयुर्वेदचार्य से सलाह लेना जरूरी है।
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Feb 02, 2026 19:21 IST
Modified By : Aneesh Rawat Feb 02, 2026 19:21 IST
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Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma