Weight loss With Ayurveda: आपकी कमर पर चढ़ी जिद्दी चर्बी को हटाएंगे ये 4 हर्ब, जानें प्रयोग का तरीका

आयुर्वेद में कुछ ऐसे प्राकृतिक हर्ब के बारे में बताया गया है, जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर बैली फैट कम कर सकते हैं। जानैं कौन से हर्ब हैं ये । 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Nov 22, 2019 11:44 IST
Weight loss With Ayurveda: आपकी कमर पर चढ़ी जिद्दी चर्बी को हटाएंगे ये 4 हर्ब, जानें प्रयोग का तरीका

वजन कम करना एक अलग चीज है और बेली फैट घटाना एक अलग चीज। कमर पर चढ़ी जिद्दी चर्बी को हटाना शरीर के अन्य हिस्सों पर चढ़ें फैट को हटाने से ज्यादा मुश्किल होता है। शरीर के अन्य हिस्सों पर फैट को कम करने के लिए अपनाई जाने वाली ट्रिक्स बेली फैट के मामले में ज्यादा प्रभावी नहीं होती। आयुर्वेद के मुताबिक, गतिहीन जीवनशैली, जरूरत से ज्यादा सोना, अनहेल्दी डाइट और जीवन जीने के कुछ तरीकों के परिणामस्वरूप वजन बढ़ता है। इन कारकों के कारण शरीर पर फैट जमा होता है, विशेषरूप से कमर के आस-पास। आयुर्वेद में कुछ ऐसे प्राकृतिक हर्ब के बारे में बताया गया है, जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर बैली फैट कम कर सकते हैं। इसके अलावा ये आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ाती हैं और पाचन में सुधार करती हैं। इन हर्ब के साथ एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट आपको अपने जिद्दी बैली फैट को कम करने में मदद कर सकती है। हम आपको ऐसे ही 4 हर्ब के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं।

4 हर्ब, जो दिलाएंगी जिद्दी बैली फैट से छुटकारा

मेथी

मेथी एक ऐसी हर्ब है, जो पाचन में सुधार करने और वजन कम करने के लिए सबसे अच्छी जानी जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मेथी में गैलेक्टोमेनान होता है, जो पानी में घुलने वाला घटक है। यह भूख को कम करने और आपका अधिक समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है। यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म रेट को भी बढ़ा सकती है। इस जड़ी बूटी का उपयोग करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे पीसकर पाउडर बना लें। आप इस पाउडर को पानी में मिलाकर खाली पेट भी पी सकते हैं।

methi

इसे भी पढ़ेंः कच्चा या पका कौन सा भोजन आपकी सेहत को रखता है दुरुस्त, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

गुग्गुल

गुग्गुल आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में प्रयोग होने वाली सबसे प्राचीन जड़ी-बूटी है। इसमें अनसैच्यूरेटेड स्टेरॉयड होता है, जिसे गुग्गुलस्टेरोन कहते हैं। यह वजन घटाने में मदद करता है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को दुरुस्त रखने के लिए भी जाना जाता है। गुग्गुल का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है चाय में इसका सेवन।

विजयसार

विजयसार एक ऐसा पेड़ है, जिसकी छाल को वजन और डायबिटीज को प्रंबधित करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक, विजयसार अपनी छाल में राल छोड़ता है, जो आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाने का काम करती है। आप सुबह उठकर हर्बल चाय में विजयसार मिलाकर पी सकते हैं, जो आपको अपने बढ़ते हुए पेट को कम करने में मदद करेगा।

vijaysar

इसे भी पढ़ेंः शरीर पर उभरी हुई गांठ (Lipoma) को दूर करने में कारगर है ये 2 आयुर्वेदिक तरीके, जानें गांठ को हटाने का तरीका

त्रिफला

त्रिफला कोई जड़ी बूटी नहीं है बल्कि इसे तीन सूखे मेवों  आंवला , बहेड़ा और हरिताकी का उपयोग करके बनाया गया एक स्नैक है। ये फल शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करता है। ये पाचन तंत्र में भी सुधार करने का काम करता है। रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद या नाश्ते से आधा घंटे पहले आप इस स्नैक का सेवन कर सकते हैं। ऐसा कर आप अपनी कमर पर चढ़ी जिद्दी चर्बी को तेजी से हटा सकते हैं।

Read More Articles On Ayurveda in Hindi

Disclaimer