वायु प्रदूषण से फेफड़ों को बचाता विटामिन ई, जानें कैसे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 22, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • फेफड़ों को वायु प्रदूषण से बचाता है विटामिन ई।  
  • घर में हो रहे प्रदूषण से भी प्रभावित होता है फेफड़ा।  
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है विटामिन ई।  
  • चोकरयुक्‍त आटा है विटामिन ई का मुख्य स्रोत।

आज अधिकतर रोगों का कारण है वायु प्रदूषण। यह लगातार दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। वायु प्रदूषण सिर्फ बाहर ही नहीं अब घर में भी बढ़ता जा रहा है। जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे फेफड़े होते हैं। इस प्रदूषण से निपटने के लिए मनुष्य बहुत से उपाय कर रहा है। लेकिन इससे बचाव के लिए सबसे अधिक जरूरी है इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाना। प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरी है विटामिन ई युक्त पदार्थों का सेवन, क्योंकि इनमें कुछ ऐसे एंटी आक्सीडेंट होते हैं जो हमारे रोग प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत रखते हैं। विस्‍तार से जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

इसे भी पढ़ें : ये नैचुलर उपाय अपनाएं, त्वचा के दाग-धब्बे हटाएं

Lung Cancer in Hindi

फेफड़ों को दुश्‍मन है वायु प्रदूषण

घर में होने वाला वायु प्रदूषण भी घातक होता है। एक शोध के मुताबिक खाना बनाने, रोशनी या ठंड के मौसम में कमरे को गर्म रखने के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला ईंधन फेफड़ों के लिए बहुत खतरनाक है। इससे फेफड़े की प्रतिरक्षण क्षमता कमजोर होती है। धूम्रपान करना फेफड़ों को सबसे ज्यादा हानि पहुंचाता है। कोई जितना अधिक धूम्रपान करेगा, लंग कैंसर और सीओपीडी का खतरा अधिक होगा। ज्यादातर गर्मी के महीने में कुछ जगहों में ओजोन और दूसरे प्रदूषक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे लोग ज्यादातर वायु प्रदूषण से संवेदनशील होते हैं।

 

विटामिन ई है फायदेमंद

विटामिन ई का सेवन कमजोर हो रही प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती बनाता है और जीवाणुओं से शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है। विटामिन ई का एक खास लक्षण है कि यह स्वयं ऑक्सीकृत होने के बावजूद अन्य तत्वों को ऑक्सीकृत होने से बचाता है। यह कोशिकाओं तक पहुंचने वाले रक्त दूषित तत्वों को अलग करता है और रक्त को सही सलामत रखता है। यह रूधिर कणिकाओं की रक्षा करने वाला है तथा खून में पडऩे वाले थक्को में रुकावट डालता है। शरीर की संपूर्ण कमी को समाप्त करता है। शरीर में विटामिन ई की आवश्यकता इसके ऑक्सीकरण प्रतिरोधी गुणों के कारण है।


विटामिन ई के स्रोत

विटामिन ई समस्त वानस्पति भोज्य पदार्थों में अधिक मात्रा में उपलब्ध होता है। यह वानस्पतिक तेलों, चोकर, गेहूं के अंकुर और उससे निकले तेल, बादाम, मटर, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, अंगूर, पत्तागोभी, प्याज, लहसुन सब्जियों में उपलब्ध है। यह टमाटर और चुकंदर में भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। चोकरयुक्त आटे से विटामिन ई सबसे ज्यादा मात्रा में मिलता है।

विटामिनों में विटामिन ई शरीर के लिए जरूरी पोषक पदार्थों में से एक है। इसके अलावा अगर आपको लगे कि फेफड़े सही से काम नहीं कर रहे हैं तो चिकित्‍सक से जरूर संपर्क करें।


ImageCourtesy@gettyimages

Read More Artcle on Lung cancer in Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES2 Votes 2186 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर