जानिए, क्यूं इस महिला को 5 साल से हो रहें है नॉन स्टॉप पीरियड्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 03, 2017
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Quick Bites

  • आजीवन ब्लीडिंग होने वाले रोग को विलेब्रैंड डिजीज कहते है।
  • इस बीमारी से जूझ रहीं है आस्ट्रेलिया में रहने वाली क्रिस्टिस ।
  • पांच सालों से रोजाना आधा लीटर रक्त का स्त्राव होता है।
  • अनियमित माहवारी को लेकर महिलाओं रहें सतर्क।

महिलाओं को होने वाली माहवारी कई बार बहुत ज्यादा कष्टकारी होती है। ऐसे में अगर किसी को लगातार पांच सालों से रोज इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा तो उसके दर्द का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही दर्द से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली क्रिस्टस जूझ रहीं है। डॉक्टरों की मुताबिक क्रिस्टस जीवनभर ब्लींडिंग होने वाली विलेब्रैंड डिजीज से पीडि़त है, जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं पाया गया है। यह एक दुर्लभ बीमारी होती है। पहली बार उसे 14 साल की उम्र में पीरियड हुए, जो लगातार तब से जारी हैं।

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  • क्रिस्टस एनीमिया से ग्रस्त है। क्रिस्टस को इस वजह से हाई स्कूल के दिनों से ही एनीमिया की गंभीर परेशानी हो गई। 19 साल की उम्र में उन्होंने साप्ताहिक स्तर पर आइरन की गोलियां लेनी शुरू कर दी। सात महीने तक आइरन की गोली लेने के बाद भी उनका आइरन लेवल काफी कम था। इसके बाद उन्होंने कई टेस्ट कराए और फिर उन्हें अपनी बीमारी ( विलेब्रैंड डिजीज ) के बारे में पता चला।  
  • इस बीमारी में शरीर के अंदर खून के थक्का बनने की क्षमता खत्म हो जाती है। इस वजह से खून बाहर निकलने की जगह ढूंढता है। ब्लीडिंग डिजीज के तौर हैमोफीलिया का नाम लोगों ने सुना है, लेकिन विलेब्रैंड डिजीज की जानकारी कम लोगों को है। इस बीमारी की वजह से क्रिस्टस शरीर से हर रोज आधे लीटर रक्त का स्त्राव होता है, जबकि पीरियड्स के दौरान महिलाओं का औसतन 20 से 60 मिलीलीटर रक्तस्त्राव होता है।
  • उसका कहना है कि वह पांच साल से तनाव और दर्द झेल रही है। डॉक्टरों ने क्रिस्टस को इससे बचने के लिए एक दवाई दी है जिससे 12 घंटे तक ब्लीडिंग बंद रहती है। दवाई का असर खत्म होते ही ब्लीडिंग फिर शुरू हो जाती है।  डॉक्टर उसे यूटरस निकलवाने की सलाह दे चुके हैं, लेकिन उसका कहना है वह अधूरी औरत नहीं बनना चाहती है ।
  • अनियमित मासिक धर्म का एक बड़ा कारण ओवरवेट होना भी है। प्रोपर एक्‍सरसाइज करें और हेल्‍दी डाइट लें। असंतुलित हार्मोन भी अनियमित पीरियड का एक कारण होते हैं। टीनएजर्स में, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम नामक हार्मोन का असंतुलित होना आम बात है। पीरियड्स की समस्या को तुरंत दिखा लेना चाहिए।

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