Yoga For Bloating: पेट में गैस और खट्टी डकारों से हैं परेशान? तुरंत करें ये 3 योगासन

पेट में गैस बन जाए और वो बाहर न निकले तो बड़ी परेशानी होती है। ऐसे में गैस से निजात पाने के लिए आप इन योगासनों की मदद ले सकते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Aug 13, 2020
Yoga For Bloating: पेट में गैस और खट्टी डकारों से हैं परेशान? तुरंत करें ये 3 योगासन

खाना सही तरीके से नहीं खाने के बाद अक्सर पेट में भारीपन महसूस होता है। इससे पेट में सूजन और मिचली आदि की परेशानी भी होती है। ये सब अक्सर आपके पेट में गैस बनने के कारण होता है। इसे आमतौर पर ब्लोटिंग (bloating) के रूप में जाना जाता है, जो अपच का परिणाम है। नतीजतन, आपको दर्द, पेट फूलना, बार-बार चक्कर आना या पेट में दर्द और जी मिचलाना आदि हो सकता है। यह अपेक्षाकृत हानिरहित स्थिति है, लेकिन यह आपकी कार्य करने की क्षमता और सामाजिक शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। यह किसी भी समय किसी को भी हो सकता है। इसके लिए ऐसी दवाएं हैं, जो आपको इस स्थिति से छुटकारा पाने में मदद कर सकती हैं। लेकिन ऐसे में वक्त में अगर योगासनों की मदद लें, तो ये विशेष रूप से खट्टी डकारों और गैस से छुटकारा पाने में मदद करेंगे। तो आइए आज हम आपको ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में बताते हैं।

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विंड पोज योगासन

ब्लोटिंग और पेट फूलने की समस्या से राहत पाने के लिए यह सबसे अच्छा आसन है। इसे करने के लिए अपनी पीठ के बल लेट जाएं, अपने घुटनों को मोड़ें और अपने हाथों को घुटनों पर रखें। सांस छोड़ते और अपने घुटनों को अपनी छाती पर टिकाएं। अपने घुटनों को बगल से हिलाएं। कुछ सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें। उसके बाद अपने पैरों को पेट से दूर ले जाने के लिए श्वास और अपनी पकड़ ढीली करें। इसे 10 बार दोहराएं। इसे करते ही आपके पेट से गैस बाहर आने लगेगा और आप कुछ हल्का महसूस करने लगेंगे।

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एक-पैर वाला स्पाइनल ट्विस्ट

चूंकि आप बैठी हुई स्थिति से इस मुद्रा को करेंगे, इससे आपके पेट पर जोड़ पड़ेगा और पेट का गैस बाहार आएगा। इसे करने के लिए अपने पैरों को बढ़ाकर बैठें। अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और अपनी एड़ी को अपने शरीर के करीब रखें। अपनी हथेली को फर्श पर रखें। बाईं कोहनी दाएं घुटने के बाहर की तरफ मोड़कर रखें। पांच बार से अधिक देर तक इसे करें और हर बार जब आप सांस छोड़ते हैं तब खिंचाव को गहरा करें। फिर मोड़ को छोड़ दें और दूसरी तरफ दोहराएं।

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अर्ध भेकासना 

भेकासन शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है। पहला शब्द है भेक जिसका अर्थ होता है मेंढक जबकि दूसरे शब्द आसन का अर्थ होता है बैठना। दोनों शब्दों का मिलाजुला अर्थ है, मेंढक की तरह बैठना।भेकासन में पीठ को पीछे की तरफ मोड़कर स्ट्रेच किया जाता है। इससे शरीर का गैस तेजी से बाहर आता है। इसे करने के लिए पेट के बल योग मैट पर लेट जाएं। धीरे-धीरे सिर को ऊपर उठाएं। शरीर का ऊपरी धड़ आपकी फोरआर्म पर टिक जाएगा। इसके बाद दाएं घुटने को धीरे-धीरे मोड़ें। दोनों हाथों से बाएं पैर को पकड़कर हिप्स तक लेकर आएं। अपनी कुहनी को आकाश की तरफ घुमाएं। इसके साथ ही अपने हाथों को अपने पैरों के ऊपर रख दें और धीरे-धीरे सीने को ऊपर की तरफ उठाएं। जल्दबाजी न करें, ये चरण बहुत ही आराम से करें।  

इन योगासनों के अलावा इस बात का ध्यान रखें कि ज्यादा खट्टा, तीखा, मसाले वाला खाना खाने से, देर रात तक जागना, पानी कम पीना, गुस्सा, चिंता, बहुत देर तक एक ही जगह बैठे रहने आदि से गैस बनने लगती है। इसके अलावा कुछ दाल व सब्जियां भी ऐसी होती हैं, जो गैस बनाती हैं। इसलिए इन सब चीजों का ध्यान रखें, ताकि आपको गैस, कब्ज और खट्टी डकारों से जुड़ी परेशानियां बिलकुल भी न हो।

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