क्यों फैलती और सिकुडती हैं आपकी उंगलियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 16, 2015
Quick Bites

  • उंगलियों का फैलने-सिकुड़ने के पीछे तापमान प्रमुख वजह।
  • इस प्रक्रिया को कहते है वाहिकासंकीर्णन और वाहिकाप्रसरण।
  • अर्थराइटिस, कार्पल टनल सिंड्रोम आदि भी हो सकते हैं कारण।
  • ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से जरूर करायें इसकी जांच।

कभी-कभी अंगूठी पहनते समय अचानक से लगता है कि उंगली मोटी हो गई है। अंगूठी को पहनना मुश्किल हो जाता है और कभी-कभी उसी उंगली में अंगूठी ढीली होने लगती है। क्या आप जानते हैं कि आपकी उंगली के फैलने औऱ सिकुड़ने का क्या कारण होता है। उंगली के फैलने और सिकुड़ने से आपके वजन का संबंध नही है। असल में इसका संबंध आपके आसपास के तापमान से होता है। तामपान के अलावा अन्य कारणों से भी आपकी उंगली कई बार फैलती-सिकुडती रहती है।

 

Shrink Finger in Hindi

तापमान से प्रभावित होता है शरीर

आपके शरीर मे होने वाले इन बदलावों का मुख्य कारण आपके आसपास के वातावरण का तापमान होता है। जब आप ठंडे माहौल मे होते हो तो आपका शरीर गर्म रहने के लिए ब्लड वेसल को संकुचित और त्वचा मे रक्त के बहाव को कम कर देता है। इस प्रकिया को वाहिका संकीर्णन कहा जाता है। ये आवश्यक होता है क्योंकि आपकी त्वचा गर्मी वातावरण में खो जाती है। इसलिए आपका शरीर धमनियों मे रक्त के बहाव को कम करने की कोशिश करता है। इसलिए जब आप अंगूठी पहनते हो तो वो ढीली रहती है।

वहीं दूसरी ओर जब आपके आसपास का वातावरण गर्म रहता है तो आपका शरीर ठंडा रहने की कोशिश करता है। इससे शरीर से पसीना निकलने लगता है। पसीना निकालने के लिए आपका शरीर त्वचा की गर्मी को बाहर निकालता है। जब बाहर का तापमान बढता है तो ब्लड वेसेल फैल जाती हैं जिससे रक्त का संचार भी बढ जाता है और अनावश्यक गर्मी पसीने के रूप मे शरीर से बाहर निकल जाती है। इस प्रक्रिया को वाहिकाप्रसरण कहते हैं। यह वाहिकाप्रसरण आपकी उंगलियो को फैला देता है।

Swelling in finger

अन्य कारण भी हैं

उंगलिया फैलने और सिकुड़ने का कारण तापमान के अलावा अर्थराइटिस, एक्सरसाइज के दौरान हाथ दब जाना, पानी में ज्यादा देर हाथ का रहना, कार्पल टनल सिंड्रोम और गर्भावस्था के दौरान भी इस तरह की समस्या हो जाती है। कई बार ज्यादा देर तक काम करते रहने के कारण भी त्वचा मे थोड़ी देर के लिए सूजन की वजह से ऐसे होता है। हालांकि ऐसी स्थिति मे कलाईयां, बाहें और कोहनी पर भी फर्क पड़ता है।

 वैसे तो इसका कोई नुकसान नहीं है पर फिर भी अगर ये समस्या ज्यादा हो तो एक बार जांच करा लेना बेहतर रहेगा।

 

ImageCourtesy@Gettyimages

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