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पानी पीने पर कड़वा स्वाद क्यों आता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

पानी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, क्योकि ये बॉडी को सही तरह से काम करने में मदद करता है। लेकिन, कुछ लोगों को पानी का स्वाद कड़वा लगता है, जिस कारण उनके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। आइए जानते हैं पानी का स्वाद कड़वा होने के क्या कारण हैं?

पानी हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके बिना हमारा एक दिन भी रह पाना मुश्किल होता है। हमारे शरीर के लिए भी पानी का बहुत महत्व है, क्योंकि यह शरीर के वजन का एक बड़ा हिस्सा होता है और सेल्स तक पोषक तत्व पहुंचाने, टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने, शरीर के तापमान को कंट्रोल करने और जोड़ों के लिए फायदेमंद होते हैं। पानी का वैसे कोई स्वाद नहीं होता है, लेकिन कई बार कुछ लोगों को पानी पीने पर इसका स्वाद कड़वा होता है। ऐसे में आइए विश्व रिकॉर्ड धारक डाइटीशियन और वजन प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. प्रत्यक्ष भारद्वाज (Dr. Pratyaksha Bhardwaj, World Record Holding Dietitian and Weight Management Expert) से जानते हैं कि पानी का स्वाद कड़वा क्यों लगता है?

पानी का स्वाद कड़वा लगने के कारण

डाइटीशियन डॉ. प्रत्यक्ष भारद्वाज का कहना है कि, अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि नल का पानी या फिर स्टोरेज में रखा पानी पीते समय कड़वा लगने लगता है। आमतौर, पानी का कोई स्वाद नहीं होता, लेकिन इसमें मौजूद मिनरल्स, पाइपलाइन की गुणवत्ता और हमारे शरीर की स्थिति इसके स्वाद को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं पानी का स्वाद कड़वा लगने के क्या कारण (pani kadwa kyon lagta hai) हो सकते है-

1. मिनरल्स ज्यादा होता है

पानी में नेचुरल तरीके से कई मिनरल होते हैं, जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फेट। ये मिनरल अगर पानी सीमित मात्रा में हों, तो पानी को नुकसान नहीं पहुंचता है, बल्कि शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन, जब इनकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, जैसे कि हार्ड वाटर में, तब पानी का स्वाद कसैला, धातु वाला या कड़वा लगने लगता है। बोरवेल या जमीन से निकाला गया पानी अक्सर हार्ड वाटर होता है क्योंकि इसमें मिनरल्स ज्यादा होते हैं। अगर आप ऐसी जगह में रहे हैं जहां खारा या भारी महसूस होता है तो इसकी जांच करवाना जरूरी है।

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2. पाइपलाइन और स्टोरेज टैंक की समस्या

पुरानी या जंग लगी पाइपलाइनों में लोहे, तांबे या सीसे जैसे मेटल के कण पानी में घुल सकते हैं, जिससे पानी का स्वाद कड़वा या धातू वाला हो सकता है। साथ ही, अगर टंकी की सफाई लंबे समय तक नहीं कई गई हो तो उसमें शैवाल, फफूंद या बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो न सिर्फ पानी के स्वाद को प्रभावित करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालते हैं।

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3. दवाइयों और कुछ बीमारियां

कई बार समस्या पानी में नहीं, बल्कि हमारे शरीर में होती है। कुछ दवाइयां जैसे एंटीबायोटिक्स, ब्लड प्रेशर, थायराइड या कैंसर की दवाएं भी मुंह के स्वाद को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके कारण आपको नॉर्मल पानी भी कड़वा लग सकता है। इसके अलावा, मुंह का ड्राईनेस, एसिडिटी, गले में इंफेक्शन या जिंक और आयरन के ज्यादा होने से भी पानी का स्वाद बिगड़ सकता है।

4. क्लोरीन का इस्तेमाल

शहरों में सप्लाई के पानी में क्लोरीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यह प्रक्रिया जरूरी है ताकि पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया मारे जा सकें, लेकिन कभी-कभी क्लोरीन की मात्रा ज्यादा हो जाती है, जिसके कारण पानी का स्वाद कड़वा लगने लगता है।

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पानी के कड़वे स्वाद से कैसे बचें?

पानी का स्वाद कड़वा लगने के पीछे कई कारण हैं, लेकिन इससे बचने के कई उपाय है, जैसे-

  • हमेशा साफ और फिल्टर वाला पानी पिएं। RO या फिल्टर के पानी में मौजूद एक्स्ट्रा मिनरल, क्लोरीन और बैक्टीरिया को हटा सकते हैं।
  • स्टोरेज टैंक और पाइप लाइन को रेगुरल साफ करें, पाइपलाइन में जंग लगने या लीक होने की स्थिति में इस समस्या को तुरंत रिपेयर करवाएं।
  • अगर आपको पानी का स्वाद कड़वा लगता है तो जरूरी है कि आप रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाएं, ताकि आपको सही समस्या का पता लगाना चाहिए।
  • पानी का स्वाद कड़वा लगने की समस्या होती है तो आप पानी की गुणवत्ता की जांच करवाएं।

निष्कर्ष

पानी का स्वाद कड़वा लगना आम बात नहीं है। यह किसी बड़ी समस्या या पानी में होने वाली समस्या का संकेत हो सकता है, जो आपको बीमार कर सकती है। इसलिए, पानी का स्वाद कड़वा लगे तो आप तुरतं अपनी पानी और सेहत की जांच करवाएं।
Image Credit: Freepik 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 03, 2025 20:22 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Oct 03, 2025 20:22 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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