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आम या मैंगो शेक, सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है? डॉक्टर से जानें

आम काटकर खाना या मैंगो शेक पीना, इन दोनों में से शरीर के लिए बेहतर क्या है? इसे जानने के लिए आप यह लेख पढ़ें। डॉक्टर ने दोनों के फायदे और नुकसान विस्तार से बताए हैं।
आम या मैंगो शेक, सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है? डॉक्टर से जानेंआम या मैंगो शेक, सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है? डॉक्टर से जानें

गर्मियों में आम कई तरीकों से खाया जाता है। कटे हुए आम के अलावा मैंगो शेक भी लोगों को बहुत पसंद आता है। अक्सर लोग ठंडे मैंगो शेक को रात में पीकर सोते हैं। गर्मियों में आम कैसे खाना चाहिए? क्या आम को काटकर खाना बेहतर है या फिर ठंडा मैंगो शेक सेहत के लिए अच्छा है? यह जानने के लिए हमने Dr. Pankaj Bansal, Senior Consultant - Internal Medicine, Sharda Care Healthcity से बात की। उन्होंने बताया कि दोनों के अपने फायदे हैं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

गर्मियों में आम काटकर खाना फायदेमंद?

Dr. Pankaj Bansal कहते हैं, “आम में विटामिन A, विटामिन C, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इससे शरीर को एनर्जी, इम्यूनिटी मजबूत और स्किन को फायदा मिलता है। आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं। इन फायदों को लेने के लिए आम को सीधे काटकर खाना ज्यादा हेल्दी ऑप्शन है। आम में मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है और पेट को लंबे समय तक भरा महसूस कराता है। इसके अलावा, जब आम को चबाकर खाते हैं, तो उसमें मौजूद नेचुरल शुगर को शरीर एब्जॉर्ब करता है। इससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ती, लेकिन आम को संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए।

मैंगो शेक पीना कितना फायदेमंद?

Dr. Pankaj Bansal के मुताबिक, “हालांकि, मैंगो शेक का स्वाद बहुत अच्छा लगता है और साथ ही शरीर को तुरंत ठंडक देता है। मैंगो शेक का स्वाद बढ़ाने के लिए कई बार इसमें ज्यादा चीनी, आइसक्रीम, क्रीम या फुल-फैट दूध मिलाया जाता है, जिससे इसकी कैलोरी काफी बढ़ जाती है। ज्यादा मीठा शेक रेगुलर पीने से वजन बढ़ने, ब्लड शुगर बढ़ने और डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है। कुछ लोगों के लिए दूध और आम का कॉम्बिनेशन ब्लोटिंग या पेट में भारीपन कर सकता है। मैंगो शेक खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों और वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों को एक्सपर्ट से पूछकर ही लेना चाहिए।

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क्या मैंगो शेक बिल्कुल नहीं पीना चाहिए?

Dr. Pankaj Bansal ने कहा, “ऐसा नहीं है कि मैंगो शेक पीना ही नहीं चाहिए। मैंगो शेक बनाते समय उसमें एक्स्ट्रा शुगर न डालें। लो-फैट दूध का इस्तेमाल करें और आइसक्रीम या क्रीम न डालें। इससे मैंगो शेक भारी हो सकता है, जो गर्मियों में शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।“

आम खाना या मैंगो शेक - सेहत के लिए कौन सा बेहतर?

Dr. Pankaj Bansal कहते हैं, “हेल्दी डाइट, वजन कंट्रोल और बेहतर डाइजेशन के लिए आम को सीधे खाना बेहतर है। वहीं अगर शरीर को तुरंत एनर्जी चाहिए, तो सीमित मात्रा में हेल्दी मैंगो शेक लिया जा सकता है। आम या मैंगो शेक डायबिटीज, मोटापा या फैटी लिवर से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।”

निष्कर्ष

आम गर्मियों का मौसमी फल है और इसमें ढेर सारे न्यूट्रिशन होते हैं। इसलिए आम को गर्मियों में खाना चाहिए, लेकन इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। बेहतर डाइटेशन और मजबूत इम्यूनिटी के लिए आम को सीधे काटकर खाना सबसे बेहतर है।

FAQ

  • क्या आयुर्वेद के अनुसार दूध और आम का मेल सही है?

    आयुर्वेद में खट्टे फलों को दूध के साथ मिलाना मना है। हालांकि, पूरी तरह से पका हुआ और मीठा आम दूध के साथ लिया जा सकता है, लेकिन कच्चे या खट्टे आम को दूध में मिलाने से पेट खराब और त्वचा की समस्याएं हो सकती हैं।
  • मैंगो शेक पीने का सबसे सही समय क्या है?

    इसे सुबह के नाश्ते या वर्कआउट के बाद लेना सबसे अच्छा है। रात के खाने के बाद मैंगो शेक पीने से बचना चाहिए क्योंकि यह भारी होता है और पाचन में दिक्कत कर सकता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    May 14, 2026 14:45 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 14, 2026 14:45 IST

    Published By : Aneesh Rawat