Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

चना सत्तू या प्रोटीन शेक: गर्मियों में ताकत के लिए कौन है ज्यादा फायदेमंद? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें

चना सत्तू और प्रोटीन शेक दोनों ही शरीर को एनर्जी देते हैं, लेकिन गर्मियों में कौन ज्यादा फायदेमंद है ये इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति की जरूरतें कैसी हैं।

आजकल हेल्थ और फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ लोग अपनी डाइट में प्रोटीन और न्यूट्रिशन को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं। यही वजह है कि गर्मी का मौसम आते ही चना सत्तू और प्रोटीन शेक के बीच तुलना शुरू हो जाती है। ऐसे में अक्सर लोग यह सोचते हैं कि चना सत्तू पिएं या प्रोटीन शेक का सहारा लें। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन गर्मियों में सही विकल्प चुनना आपके शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है। चना सत्तू न केवल सस्ता और आसानी से उपलब्ध है, बल्कि इसमें मौजूद फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ लंबे समय तक एनर्जी भी प्रदान करते हैं। वहीं दूसरी ओर, प्रोटीन शेक एक मॉडर्न न्यूट्रिशन सप्लीमेंट है, जिसे खासतौर पर फिटनेस फ्रीक्स और जिम जाने वाले लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं।

चना सत्तू Vs प्रोटीन शेक

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन सलाह देती हैं कि जो लोग गर्मी में बाहर काम करते हैं, उन्हें सत्तू को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। यह सस्ता, नेचुरल और आसानी से उपलब्ध विकल्प है। वहीं, एथलीट्स या जिम करने वाले लोग, जिन्हें ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है, वे प्रोटीन शेक का सेवन कर सकते हैं लेकिन उन्हें भी हाइड्रेशन का ध्यान रखना जरूरी है।

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चना सत्तू क्या है और इसके फायदे

चना सत्तू भुने हुए चने से तैयार किया जाता है, इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। गर्मियों में सत्तू का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है। न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि सत्तू नेचुरल कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है। यह न केवल शरीर का तापमान कंट्रोल करता है, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा रखता है। इसके अलावा, सत्तू पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।

प्रोटीन शेक क्या है और इसके फायदे

प्रोटीन शेक आमतौर पर पाउडर के रूप में उपलब्ध होते हैं, जिन्हें पानी या दूध में मिलाकर पिया जाता है। यह खासतौर पर जिम जाने वालों और मसल्स बनाने वालों के बीच फेमस है। प्रोटीन शेक में ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मसल रिकवरी और ग्रोथ के लिए फायदेमंद है। अगर किसी व्यक्ति को अपनी डाइट में पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा, तो प्रोटीन शेक एक आसान विकल्प हो सकता है।

 chana sattu vs protein shake

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गर्मियों में कौन सा बेहतर है?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, गर्मियों में चना सत्तू ज्यादा फायदेमंद विकल्प है। इसका मुख्य कारण यह है कि सत्तू शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ हाइड्रेट भी करता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और फाइबर होते हैं, जो गर्मी में शरीर को संतुलित रखते हैं। दूसरी ओर, प्रोटीन शेक शरीर को ठंडक देने में उतना प्रभावी नहीं होता। खासकर अगर इसे दूध के साथ लिया जाए, तो यह कुछ लोगों के लिए भारी भी पड़ सकता है और पाचन में समस्या पैदा कर सकता है।

निष्कर्ष

गर्मियों में अगर आप एक ड्रिंक पीना चाहते हैं जो शरीर को ठंडक दे, एनर्जी प्रदान करे और नेचुरल हो, तो चना सत्तू बेहतर विकल्प है। प्रोटीन शेक अपनी जगह फायदेमंद है, लेकिन यह हर किसी के लिए और हर मौसम में जरूरी नहीं है। इसका सही चुनाव आपकी लाइफस्टाइल, जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

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FAQ

  • क्या चना सत्तू रोज पीना सुरक्षित है?

    गर्मियों में सीमित मात्रा में रोज सत्तू पीना सुरक्षित और फायदेमंद है।
  • क्या बिना वर्कआउट के प्रोटीन शेक पी सकते हैं?

    बिना वर्कआउट के प्रोटीन शेक पी सकते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से बचना चाहिए। डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूरी है।
  • क्या सत्तू वजन घटाने में मदद करता है?

    सत्तू में फाइबर ज्यादा होता है, जो भूख को कंट्रोल करता है और वजन घटाने में सहायक है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 28, 2026 17:24 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Apr 28, 2026 17:24 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain

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