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जौ या चना का सत्तू? क्या है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद

Which Sattu is Healthy- गर्मी में शरीर को ठंडक देने के लिए लोग सत्तू का सेवन करते हैं तो आइए जानते हैं जौ या चने का सत्तू क्या है ज्यादा स्वस्थ? 

Barley Or Gram Sattu Which Is Better- भीषण गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए लोग अक्सर ही गर्मियों में हेल्दी और हल्के भोजन की तलाश करते हैं। गर्मी के मौसम में लोग हैवी, ज्यादा तला-भूना या जंक फूड खाने से परहेज करते हैं क्योंकि यह सभी चीजें पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बनती है। ऐसे में ज्यादातर लोग गर्मी से बचाव और हेल्दी रहने के लिए स्वस्थ और पेय पदार्थों का सेवन करना पसंद करते हैं, जिसमें सत्तू भी शामिल है। यूपी, बिहार, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में लोग गर्मी को मात देने के लिए जौ या चने का सत्तू पीते हैं। गर्मी के दिनों में सत्तू पिने से शरीर को ठंडक मिलती है (Is Sattu Good In Summer), एनर्जी से भरपूर रहते हैं और कई अन्या स्वास्थ्य फायदे भी मिलते हैं। लेकिन यहां सवाल ये उठता है कि सेहत के लिए जौ या चने के सत्तू में से क्या ज्यादा फायदेमंद और हेल्दी (Which Sattu is Best) होता है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो आइए न्यूट्रिशनिस्ट रजनी झा से जानते हैं चने का सत्तू या जौ का सत्तू, क्या है ज्यादा हेल्दी? 

जौ सत्तू के फायदे - Barley Sattu Benefits in Hindi 

  • जौ के सत्तू में फाइबर के गुण मौजूद होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत रखा है, मल त्याग को आसान बनाता है। 
  • जौ बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे नियासिन, थायमिन और राइबोफ्लेविन के साथ आयरन, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स का भी एक बेहतर स्रोत है, जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है। 

  • चने के सत्तू की तुलना में जौ के सत्तू में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर के स्तर को कम रखने में मदद करता है, जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में फायदेमंद है। 
  • जौ के सत्तू में मौजूद फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रॉल के स्तर और ब्लड प्रेशर को कम करके दिल से जुड़ी बीमारी के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। 
  • जौ में मौजूद फाइबर की मात्रा तृप्ति की भावना को बढ़ावा देने में मदद करता है, जो तेजी से वजन बढ़ने से रोकता है। 

चना सत्तू के फायदे - Chana Sattu Benefits in Hindi 

  • चने का सत्तू प्रोटीन का भरपूर होता है, जो शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, जिसका सेवन  मांसपेशियों की मरम्मत करने और शरीर के सही विकास में मदद करता है। 

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  • चने के सत्तू में आम तौर पर जौ के सत्तू की तुलना में फैट की मात्रा कम होती है, जो वजन कंट्रोल करने वाले व्यक्ति के लिए एक हेल्दी विकल्प है। 
  • चने का सत्तू में पोटेशियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स होते हैं, जो मांसपेशियों के कार्य और इम्यूनिटी सिस्टम को मजूबत करने में मदद करते हैं। 
  • चने के सत्तू में जौ के सत्तू की तुलना में ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, फिर भी यह रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की तुलना में शरीर में ग्लूकोज को धीमी गति से जारी करता है, जिसका कम मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। 
  • चने का सत्तू कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है और यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों को बढ़ने से रोकता है।

चना सत्तू या जौ सत्तू, ज्यादा हेल्दी क्या है? - Barley Sattu Or Gram Sattu Which One is Better in Hindi

जौ का सत्तू और चने का सत्तू दोनों ही आपके सेहत के लिए फायदेमंद और पौष्टिक होते हैं। कौन-सा सत्तू आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस समस्या को दूर करने के लिए और किस स्वास्थ्य फायदों को प्राप्त करने के लिए इसका सेवन कर रहे हैं। अगर आपको पेट से जुड़ी समस्या, डायबिटीज, मल त्याग में समस्या, हाई ब्लड प्रेशर और बार-बार भूख लगने की समस्या है तो आप जौ के सत्तू का सेवन कर सकते हैं। वहीं अगर आपके शरीर में प्रोटीन की कमी है, वजन कम करना है, इम्यूनिटी मजबूत करनी है, या हड्डियां मजबूत करनी हैं तो आप चने के सत्तू का सेवन कर सकते हैं। 

Image Credit- Freepik 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 14, 2024 12:28 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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