Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

टाइम पर खाना हेल्दी रहने के लिए क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट से जानें नाश्ता, लंच और डिनर का सही समय

अगर दिन में सही समय पर खाना खाया जाए, तो इसका असर शरीर पर पड़ता है। इस लेख में डाइटिशियन ने बताया है कि ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का क्या समय होना चाहिए। आप भी इस लेख को पढ़ें और अपनी खाने के समय को सही करें।  

लोगों की जिंदगी इतनी ज्यादा भागदौड़ वाली हो गई है कि ब्रेकफास्ट लंच के समय होता है, तो लंच को छोड़ दिया जाता है और फिर डिनर देर को किया जाता है। बहुत से लोग लंच को छोड़कर शाम को जंक फूड या स्नैक्स खा लेते हैं। ये आदतें धीरे-धीरे यही आदतें शरीर के मेटाबॉलिज्म, पाचन और वजन पर असर डालने लगती हैं। इसलिए हमने Ms. Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad से जाना कि ब्रेकफास्ट से लेकर लंच और डिनर का क्या समय होना चाहिए। Rhitika Sharma मानती हैं कि सिर्फ क्या खाना है, यह जरूरी नहीं है, बल्कि कब खाना है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का सही समय

Senior DietitianRhitika Sharma कहती हैं, “शरीर का अपना एक बॉडी क्लॉक होता है, जिसे सर्कैडियन रिद्म कहा जाता है। यह शरीर को संकेत देता है कि कब डाइजेशन बेहतर होगा, कब शरीर को एनर्जी की जरूरत है और कब आराम करना जरूरी है। अगर रोजाना खाने का समय बदलता रहता है, तो शरीर का बैलेंस बिगड़ जाता है।”

सुबह का नाश्ता कब करना चाहिए?

Rhitika Sharma के मुताबिक, “रातभर सोने के बाद शरीर में कई घंटों तक किसी भी तरह का खाना नहीं जाता। इसलिए सुबह का नाश्ता शरीर को एनर्जी देता है। अगर कोई सुबह का नाश्ता छोड़ देता है, तो शरीर लंबे समय तक फास्टिंग मोड में बना रहता है। इससे कमजोरी, चिड़चिड़ापन और बार-बार भूख लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उठने के बाद सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच नाश्ता करना सबसे बेहतर माना जाता है। हेल्दी ब्रेकफास्ट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल होने चाहिए। जैसे ओट्स, फल, अंडे, पोहा, उपमा, दही या स्प्राउट्स शरीर को दिनभर एक्टिव रखने में मदद कर सकते हैं।

लंच का सही समय क्या है?

Senior Dietitian Rhitika Sharma ने बताया, “दोपहर के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म काफी एक्टिव होता है। इसलिए इस समय दिन का मुख्य भोजन किया जा सकता है। दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे के बीच लंच करना बेहतर होता है। इस समय शरीर भोजन को बेहतर तरीके से पचा सकता है। अगर लंच बहुत देर से किया जाए, तो ब्लड शुगर का बैलेंस बिगड़ सकता है और शाम तक ज्यादा भूख लगने लगती है। लंच में दाल, रोटी, चावल, हरी सब्जियां, सलाद और दही जैसी चीजें शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।”

right time to eat

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डिनर कब करना चाहिए?

Rhitika Sharma कहती हैं, “रात के समय शरीर का डाइजेशन स्लो हो जाता है। ऐसे में देर रात भारी खाना खाने से शरीर को भोजन पचाने में परेशानी हो सकती है। इससे एसिडिटी, ब्लोटिंग, खराब नींद और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए डिनर रात 7 बजे से 9 बजे के बीच कर लेना चाहिए। खाने और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर होना जरूरी है। रात में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे सूप, खिचड़ी, दाल, सब्जियां या हल्की रोटी लेना बेहतर माना जाता है।”

हेल्दी खाने की आदत कैसे बनाएं?

Senior Dietitian Rhitika Sharma ने कहा, “रोजाना अलग-अलग समय पर खाने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा, हार्मोनल असंतुलन और डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए समय पर खाना और हेल्दी खाने की आदत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए अपने लाइफस्टाइल में कुछ आदतों में बदलाव करना चाहिए।

  1. रोज एक तय समय पर खाना खाने की कोशिश करें।
  2. सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें।
  3. देर रात में भारी और मसालेदार भोजन न करें।
  4. खाने के बीच लंबे गैप न रखें।
  5. दिनभर प्रचुर मात्रा में पानी पिएं।
  6. खाना खाते समय मोबाइल या टीवी न देखें।
  7. पैकेड, प्रोसेस्ड और जंक फूड से परहेज करें।

निष्कर्ष

Senior Dietitian Rhitika Sharma जोर देते हुए कहती हैं कि लोगों को हेल्दी फूड के साथ खाने के सही समय का भी ध्यान रखना चाहिए। नाश्ता, लंच और डिनर सब एक समय पर करने से डाइजेशन बेहतर रहता है औ वजन कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है।

FAQ

  • अगर मैं नाश्ता छोड़ दूं, तो क्या होगा?

    नाश्ता छोड़ने से दोपहर के भोजन तक शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे आप चिड़चिड़ापन और थकान महसूस करेंगे। रिसर्च बताती है कि नाश्ता छोड़ने वालों में टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का खतरा अधिक होता है।
  • रात को देर से खाना खाने के क्या नुकसान हैं?

    देर रात भोजन करने से शरीर उसे एनर्जी के बजाय फैट के रूप में स्टोर करने लगता है। इससे एसिडिटी, अपच और नींद में पूरी न होने जैसी समस्याएं होती हैं।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 14, 2026 14:33 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 14, 2026 14:33 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Rhitika Sharma

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