गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक देने और लू से बचाने के लिए लोग कई तरह की नेचुरल ड्रिंक्स और फूड्स का सेवन करते हैं। इन्हीं में से एक है बेल का शरबत, जिसे आयुर्वेद में बेहद लाभकारी माना गया है। गर्मियों में बेल का शरबत न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करता है। इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर में संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है लेकिन फिर भी कुछ लोगों को बेल के शरबत से परहेज करना चाहिए। इस लेख में सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, बेल का शरबत किसे नहीं पीना चाहिए?
बेल के गुण
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में बेल को ग्राही माना गया है, यानी यह दस्त की समस्या में स्टूल को बांधने का काम करता है। इसके अलावा यह शीतवीर्य होता है, जिसका मतलब है कि यह शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है। डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि बेल दीपनीय गुण वाला भी होता है, यानी यह भूख बढ़ाने और पाचन अग्नि को बेहतर करने में मदद करता है। साथ ही यह वात शामक भी है, जो शरीर में वात दोष को संतुलित करने में सहायक होता है। यही कारण है कि गर्मियों में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। तेज गर्मी और लू के मौसम में बेल का शरबत शरीर को ठंडक देता है और हीट स्ट्रोक से बचाने में मदद कर सकता है। यह आंतों को ठंडा रखता है और डाइजेस्टिव सिस्टम को शांत करता है।
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बेल का शरबत किसे नहीं पीना चाहिए?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि हालांकि बेल का शरबत फायदेमंद है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह उपयुक्त नहीं होता। कुछ स्थितियों में इसका सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। जिन लोगों को कब्ज (constipation) की समस्या रहती है, उन्हें बेल का शरबत सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए, क्योंकि यह स्टूल को और ज्यादा सख्त बना सकता है। इसके अलावा, जिनकी पाचन शक्ति पहले से धीमी है या जिन्हें पेट में भारीपन की शिकायत रहती है, उन्हें भी इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर यदि शरबत में चीनी मिलाई गई हो।
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डॉक्टर की सलाह
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि बेल के गूदे को सीधे खाना ही ज्यादा फायदेमंद होता है, वहीं बेल का शरबत हमेशा ताजा बनाकर ही पीना चाहिए। इसमें ज्यादा चीनी डालने से इसके फायदे कम हो सकते हैं, इसलिए गुड़ या कम मात्रा में मीठा इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इसके अलावा, इसे बहुत ठंडा या बर्फ डालकर पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डाइजेस्टिव सिस्टम पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
निष्कर्ष
बेल का शरबत गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने और लू से बचाने में मदद करता है। आयुर्वेद में इसके कई गुण बताए गए हैं, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। खासकर जिन लोगों को कब्ज या पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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FAQ
बेल का शरबत ठंडा है या गरम?
बेल की तासीर ठंडी होता है तो इससे बना बेल का शरबत भी ठंडा होता है।क्या डायबिटीज मरीज बेल का शरबत पी सकते हैं?
डायबिटीज मरीज बेल का शरबत बिनी चीनी के सीमित मात्रा में, डॉक्टर की सलाह से पी सकते हैं।क्या रोज बेल का शरबत पी सकते हैं?
गर्मियों में रोज बेल का शरबत पी सकते हैं, लेकिन संतुलित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
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May 05, 2026 19:18 IST
Modified By : Akanksha Tiwari May 05, 2026 19:18 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma