शरीर का हर एक अंग अहम होता है लेकिन कान से हमें सुनने की क्षमता मिलती है और अगर कान में किसी भी तरह की समस्या होती है तो लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शरीर के बाकी अंगों की तरह ही कान भी बीमार हो सकते हैं, जिसके कारण लोगों को कान में दर्द की शिकायत के साथ कान से कम सुनाई दे सकता है। खासकर, कान का संक्रमण यानी इंफेक्शन एक आम समस्या है जो न केवल बच्चों में बल्कि वयस्कों में भी हो सकती है। वयस्कों में कान का इंफेक्शन अक्सर सर्दी, फ्लू, या साइनस के कारण होता है। इसके अलावा, कान की सफाई में लापरवाही, स्विमिंग के दौरान कान में पानी जाने या एलर्जी के कारण भी कान में इंफेक्शन हो सकता है। इस लेख में डॉ. श्रुति शर्मा, ईएनटी, अपोलो स्पेक्ट्रा मुंबई (Dr. Shruti Sharma, ENT, Apollo spectra Mumbai) वयस्कों में कान में इंफेक्शन होने का क्या कारण है इसके बारे में बता रही हैं।
कान में इंफेक्शन होने का क्या कारण है?
डॉक्टर ने बताया कि लोग अक्सर कान के इंफेक्शन के लक्षणों को इग्नोर करते रहते हैं जिसके बाद समस्या गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लेते हैं। डॉक्टर ने बताया कि जब व्यक्ति के कान में इंफेक्शन होता है तो कान में दर्द, खुजली, सुनने में कमी और कान से बदबूदार पानी का रिसाव शुरू हो जाता है। बता दें कि कान में इंफेक्शन के ये लक्षण भले ही शुरुआत में मामूली लगें लेकिन समय से सही इलाज न लेने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
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1. कान में ईयरवैक्स अपने आप बनती है लेकिन अगर इसकी सफाई समय से न हो तो यह इंफेक्शन का एक प्रमुख कारण हो सकता है। दरअसल, ईयरवैक्स बैक्टीरिया के लिए घर का काम कर सकता है, जिसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकता है।
2. सड़क पर आजकल आपने कान साफ करने वाले लोगों को घूमते देखा होगा जो कि कम पैसों में कान की सफाई करने का दावा करते हैं। ऐसे लोगों से कान की सफाई करवाना भारी पड़ सकता है। दरअसल, कान की सफाई के दौरान गलत चीजों का उपयोग कान की आंतरिक संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है और संक्रमण का कारण बन सकता है।
3. जो लोग स्विमिंग करते हैं उनके कान में इंफेक्शन होने का चांस बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि तैराकी या गीले कान रखने से कान में पानी भर सकता है, जिससे बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
4. मानसून या बदलते मौसम में होने वाले सर्दी, फ्लू, या अन्य सांस संबंधी इंफेक्शन कान के इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब ऊपरी श्वसन पथ 'upper respiratory tract' में बैक्टीरिया या वायरस होते हैं, तो वे कान के अंदर फैल सकते हैं और इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
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कान में इंफेक्शन से बचाव के तरीके
1. कान की सफाई के लिए ईयरबड या अन्य चीजों का इस्तेमाल न करें बल्कि डॉक्टर से सलाह लें। आप घर में सिर्फ बाहरी कान को धीरे-धीरे साफ करें।
2. स्विमिंग के दौरान स्विमिंग कैप या इयरप्लग का उपयोग करें, जिससे कि कान में स्विमिंग करते हुए पानी नहीं जाए।
3. सर्दी या फ्लू के दौरान नाक और कान की सफाई का ध्यान रखें ताकि बैक्टीरिया और वायरस न पनपे। यदि आप किसी तरह की एलर्जी से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।
4. समय-समय पर डॉक्टर से कान का चेकअप करवाते रहें, जिससे कि आप कान से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकें।
कान के इंफेक्शन को उचित सावधानियों को अपनाकर रोका जा सकता है। अगर आप कान के संक्रमण के लक्षण महसूस करें, जैसे दर्द, कम सुनाई देना या कान से पानी का निकलना, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर उपचार से आप गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।
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