क्या आपके बच्चे की नाक पर हमेशा गुस्सा रहता है, तो आपको उसे बड़े प्यार से समझाने की जरूरत पड़ती है। आगे जानें कैसे करें बच्चे के चिड़चिड़ेपन को दूर।

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क्या आपका बच्चा भी है मूडी? इन 5 तरीकों से करें ऐसे बच्चों को डील

क्या आपके बच्चे की नाक पर हमेशा गुस्सा रहता है, तो आपको उसे बड़े प्यार से समझाने की जरूरत पड़ती है। आगे जानें कैसे करें बच्चे के चिड़चिड़ेपन को दूर।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Nov 27, 2022 17:00 IST
क्या आपका बच्चा भी है मूडी? इन 5 तरीकों से करें ऐसे बच्चों को डील

किसी बात के लिए नाराजगी दिखाना या किसी बात पर गुस्सा करना एक अभिव्यक्ति है, जो व्यक्ति के द्वारा तब की जाती है जब उसके अनुसार कुछ कार्य नहीं हो रहा हो। यह अभिव्यक्ति बड़ा हो या बच्चा कोई भी दे सकता है। लेकिन छोटी-छोटी बातों पर नाराज रहना, गुस्सा व्यक्त करना, यदि बच्चे के व्यवहार का हिस्सा बनता जा रहा है, तब ऐसे में ये आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। बच्चा खेलता-कूदता हो या छोटी-छोटी शरारतें करता हो, इन सबको देखकर माता-पिता को अच्छा महसूस होता है। लेकिन अगर बच्चा खेल-कूद की उम्र में गुस्सा करना शुरू कर दे और बात-बात पर मुंह फुला कर बैठे रहे, तो यह व्यवहार माता-पिता के लिए चिंता का कारण बन  जाता है। बहुत सारे माता-पिता उम्र के साथ अपने बच्चे के व्यवहार में जब बदलाव देखते हैं तब वो चिन्तित रहने लगते हैं।  लेकिन इस दौरान आपको शांत रहते हुए अपने बच्चे के बर्ताव को अच्छी तरह समझकर उसे ठीक करने की कोशिश करनी होगी। आगे हमारे द्वारा कुछ  टिप्स  बताए गए हैं जिनसे आप अपने बच्चे   के चिड़चिड़ेपन को दूर कर सकती हैं। 

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बच्चे के साथ समय बिताएं

माता पिता बच्चे की अच्छी तरह से देखभाल करने पर उनके स्वभाव का पता लगा सकते हैं। अपने बच्चे के पालन-पोषण में आप उनको ज्यादा समय दें। क्योंकि माता-पिता के साथ समय बिताना बच्चों को खुश करता है।  जब आप अपने बच्चे के साथ समय बिताते हैं तो आप उनकी समस्याओं को आसानी से समझ पाते हैं।

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अपने बच्चे को डायरी लिखने के लिए कहें

जिन बच्चों को अपनी समस्याओं के बारे में बात करने में डर लगता है, वे उन्हें लिखकर अच्छा महसूस कर सकते हैं। इसलिए अपने रोते हुए बच्चे को एक डायरी रखने के लिए  कहें क्योंकि इससे उन्हें तनाव से  उभरने में मदद मिलेगी।

घर में बच्चे को सुरक्षित और खुशनुमा माहौल दें

घर में ऐसा माहौल बनाए रखें जहां बच्चे स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से खुद को व्यक्त कर सकें। इसलिए घर में एक खुशी से भरपूर व सुरक्षित माहौल बनाए रखने का प्रयास करें। जब आप अपने बच्चे को निराश देखते हैं या उनका मूड उदास होता है, तो उसे खुश करने का प्रयास करें।

तनाव को कम से कम रखने की कोशिश करें

सबसे पहले यह पता लगाएं कि आपका बच्चा किसी भी तनाव में तो नहीं है। बच्चे की पढ़ाई और खेलने के समय को तय करें। इसके अलावा बच्चे पर ज्यादा गुस्सा नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से उनके ऊपर तनाव बढ़ सकता है। साथ ही अपने बच्चे की तुलना दूसरो के बच्चों से नहीं करनी चाहिए।

प्रतिक्रिया करने से बचें

जब भी आपका बच्चा कोई गलती करता है या फिर परेशान करता है तो अपने बच्चे के प्रति अधिक कठोर व्यवहार नहीं करना चाहिए। यदि आप देखते हैं कि वह बिना किसी कारण के नाराज हो रहा है, तो उन्हें अनदेखा कर ज्यादा प्रतिक्रिया (ओवर रिएक्ट) ना दें।

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अपने बच्चे को उचित पोषण दें

जिन बच्चों में पोषण की कमी होती है वे अक्सर अलग तरह का बर्ताव करने लगते हैं। । इसलिए आप अपने बच्चे को उचित पोषण प्रदान करें। अपने बच्चे को  स्वस्थ, पौष्टिक आहार खिलाएं और इस बात का ध्यान रखें कि उनकी डाइट में मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व शामिल हों। 

यदि आपके बच्चे में किसी पोषक तत्व की कमी हो गई है, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें सकते है और अपने बच्चे के भोजन में बदलाव कर सकते हैं। एक शोध में सामने आया है कि बच्चों के लिए विटामिन बी और फैटी एसिड ज्यादा फायदे मंद होते हैं। यदि बच्चे में विटामिन बी की कमी है तो उस बच्चे के मूड पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

इन टिप्स को अपनाकर आप अपने बच्चे के चिड़चिड़ेपन को आसानी से दूर कर सकते हैं। 

 

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