पेरेंट्स को बच्चों के सामने नहीं करनी चाहिए ये गलतियां, पड़ता है बुरा असर

कई बार पेरेंट्स अंजाने में बच्चों के सामने ऐसी गलतियां करते हैं, जिसका बच्चे के जीवन पर तमाम उम्र असर रहता है। जानें इनके बारे में।

Deepshikha Singh
Written by: Deepshikha SinghPublished at: Jul 16, 2022Updated at: Aug 16, 2022
पेरेंट्स को बच्चों के सामने नहीं करनी चाहिए ये गलतियां, पड़ता है बुरा असर

शिशु बचपन से ही घर के माहौल को समझना शुरू कर देते हैं। 4-5 साल के होते-होते बच्चे घर के माहौल में पूरी तरह ढल जाते हैं। वो घर के हर सदस्य के स्वभाव को पहचानने लगते हैं। कई बार बच्चे मानसिक रूप से धीरे-धीरे परेशान रहने लगते हैं, जो उनके स्वभाव में भी बखूबी देखी जा सकती है। ऐसे में माता-पिता होने के नाते आपको ये देखना चाहिए कि कहीं घर का माहौल तो ऐसा नहीं है, जो बच्चे पर असर डाल रहा हो, जिससे बच्चे की मानसिक शांति प्रभावित हो रही हो और वो लगातार चिड़चिड़ा रहने लग रहा हो।

घर में हमेशा लड़ाई करना

 घरों में अक्सर पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी बहस, वाद-विवाद या झगड़े होते रहते हैं। ऐसे में बच्चे के सामने लड़ने से उनकी मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। बच्चों के सामने इस तरह के झगड़े से उनका रिश्तों पर से विश्वास भी उठ सकता है। इसलिए घर में लड़ाई होने पर बच्चे के सामने ही एक-दूसरे को सॉरी बोलें। इससे बच्चे का रिश्तों के प्रति विश्वास बढ़ेगा। 

मारपीट करना 

बच्चे के सामने मारपीट करना तमाम उम्र उसकी कड़वी याद में बनकर रह सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि घर में लगातार हिंसा देखकर बच्चा तनावग्रस्त रहने लगे। बचपन में जो चीजें बच्चे के दिल पर छप जाती हैं, उनका प्रभाव काफी लंबे समय तक उनके जीवन पर रहता है। इसलिए बच्चे के सामने गाली देने या मारपीट करने से बचें। ये बच्चे की फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर लंबे समय तक असर डाल सकता है। 

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किसी से मेलजोल ना रखना

आजकल अधिकतर लोग एकल परिवार (न्यूक्लियर फैमिली) में रहते हैं। ऐसे में अगर आप अपने घर-परिवार के आसपास किसी से मेलजोल नहीं रखते हैं, तो ये भी बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए अच्छी बात नहीं है। बच्चों में सोशल स्किल्स के डेवलपमेंट के लिए जरूरी है कि वो दूसरे लोगों से घुले-मिले और बात करे। बच्चा इन सब से बहुत कुछ सीखता है। इससे बच्चा अधिक आत्मविश्वासी बनेगा। साथ ही उसमें ये समझ विकसित होगी कि किसी के सामने कैसे बिहेव करते हैं। उसके जीवन में ये सब चीजें बहुत काम आएंगी। महीने में एक दिन ऐसा जरूर रखें कि आप किसी को अपने घर बुलाएं या फिर किसी के घर जाएं।

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सख्त अनुशासन

घर में सख्त अनुशासन से बच्चे कई बार परेशान रहने लगते हैं। ऐसा हो सकता है कि बच्चे को बार-बार किसी बात के लिए मना करने पर उसके मन में आपके प्रति गलत छवि बने। घर में अनुशासन उतना ही रखें, जितना जरूरी हो। घर में ऐसा माहौल रखें कि किसी समस्या या मुसीबत होने पर बच्चा आपसे खुलकर बात कर सके। घर में स्ट्रेस फ्री माहौल रखें। आप इन बातों को अपनाकर बच्चे का संपूर्ण रूप से विकास कर सकते हैं।

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