जानें कितने प्रकार की होती हैं ऑटोइम्यून बीमारियां और क्या हैं इनके लक्षण

ऑटोइम्यून बीमारियां होने पर आपके शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र शरीर पर ही हमला करने लगता है, जानें ऑटोइम्यून बीमारियों के प्रकार। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Mar 29, 2022Updated at: Mar 29, 2022
जानें कितने प्रकार की होती हैं ऑटोइम्यून बीमारियां और क्या हैं इनके लक्षण

ऑटोइम्यून बीमारी ऐसी स्थिति है जिसमें आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही आपके शरीर पर हमला करने लगती है। हमारा इम्यून सिस्टम शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए एंटीबॉडी का निर्माण करता है लेकिन ऑटोइम्यून डिजीज (Autoimmune Diseases in Hindi) होने पर हमारा इम्यून सिस्टम गलती से हमारे शरीर की कोशिकाओं को ही नुकसान पहुंचाने लगता है। कुछ ऑटोइम्यून डिजीज सिर्फ शरीर के एक ही अंग को प्रभावित करते हैं लेकिन कई ऐसे भी ऑटोइम्यून डिजीज हैं जो शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऑटोइम्यून डिजीज होने पर शरीर में कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। आइये विस्तार से जानते हैं कितने प्रकार की होती हैं ऑटोइम्यून बीमारियां?

ऑटोइम्यून बीमारियों के प्रकार (Types of Autoimmune Diseases in Hindi)  

ऑटोइम्यून बीमारियां कई तरह की होती हैं और इनके कारण भी अलग-अलग हो सकते हैं। ये बीमारियां आनुवांशिक कारणों से भी हो सकती हैं। मुख्यतः ऑटोइम्यून बीमारियां पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होती हैं। हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की कोशिकाओं को हेल्दी रखने के लिए काम करती हैं। लेकिन जब प्रतिरक्षा प्रणाली हेल्दी टिश्यू और हानिकारक एंटीजन के बीच अंतर नहीं कर पाता है तो यह शरीर के हेल्दी टिश्यू को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इस स्थिति को ऑटोइम्यून डिजीज कह सकते हैं। ऑटोइम्यून बीमारियां के मुख्य प्रकार इस तरह से हैं।

Types-of-Autoimmune-Diseases

1. टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes)

टाइप 1 डायबिटीज की बीमारी से दुनियाभर में लाखों लोग पीड़ित हैं। इसे डायबिटीज का सबसे आम प्रकार माना जाता है। टाइप 1 डायबिटीज में हमारा इम्यून सिस्टम, शरीर में इंसुलिन बनाने वाले अंग पैनक्रियाज पर हमला कर देता है और उसके सारे सेल्स को नष्ट कर देता है। इस स्थिति में आपका शरीर शुगर पचा नहीं पाता और आप टाइप 1 डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं। टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने से मरीज को बार-बार पेशाब आना।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना।
  • शरीर में पानी की कमी।
  • दिल की धड़कन बढ़ना।
  • हाथों में झुनझुनी, कंपकंपी जैसी समस्याएं।
  • कमजोरी और थकान महसूस करना।

2. सोरियाटिक अर्थराइटिस (Psoriatic Arthritis)

सोरियाटिक अर्थराइटिस के बारे में कम लोग जानते हैं, यह आमतौर पर सोरियासिस के रोगियों में पाया जाता है। जोड़ों में सूजन और अकड़न इसके लक्षण हैं। सोरियाटिक अर्थराइटिस के रोगियों की उंगलियां, पंजे, घुटने और रीढ़ में सूजन भी आ जाती है। इससे दर्द होता है और सही समय पर जांच एवं उपचार न होने से स्थिति गंभीर हो सकती है। सोरायटिक अर्थराइटिस के लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • उंगलियों और पैरों की उंगलियों में सूजन।
  • मांसपेशियों में दर्द।
  • स्किन में रूखापन और जोड़ों में दर्द।
  • आंखों में लालपन होना और दर्द होना।
  • अत्यधिक थकान।
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3. रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)

रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis in Hindi) या गठिया एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इस बीमारी में भी हमारे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र गलती से हमारे ही कोशिकाओं पर हमला कर देता है। ये बीमारी शरीर में जोड़ों के साथ-साथ शरीर के अलग-अलग अंगों, जैसे आंखों को, लंग्स, दिल और खून की धमनियों और त्वचा पर भी बुरा असर डालती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • जोड़ों में अकड़न और दर्द।
  • कमजोरी होना।
  • हल्का बुखार बना रहना।
  • मुहं और आंखों का सूखना।
  • शरीर में गांठ बनना।

4. मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis)

मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें आपके सेंट्रल नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान होता है। यह समस्या मस्तिष्क, रीढ की हड्डी और ऑप्टिक नर्व को ज्यादा प्रभावित करती है। इसकी एक ऑटोइम्यून बीमारी के रूप में पहचान की जाती है जिसमें एंटीबाडी प्रतिरक्षी व्यक्ति के मस्तिष्क, रीढ की हड्डी और आंखों की नसों पर प्रभाव डालती है। मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी में दिखने वाले प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • चलने में असमर्थता।
  • कमजोरी होना।
  • बुखार।
  • आंखों से जुड़ी समस्याएं।
  • सोचने में दिक्कत होना।
  • डिप्रेशन।

5. इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज  (Inflammatory Bowel Disease)

इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें आपके पेट में लंबे समय तक सूजन बनी रह सकती है। इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज में अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis) और क्रोहन डिजीज शामिल हैं। इस बीमारी में दिखने वाले प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • पेट में सूजन की समस्या।
  • पेट में गंभीर दर्द।
  • कमजोरी।
  • वजन घटना।
  • लगातार दस्त होना।

6. सीलिएक रोग (Celiac Disease)

सीलिएक डिजीज एक प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें आपको ग्लूटन नमक प्रोटीन से एलर्जी होती है। इस बीमारी में ग्लूटन वाली चीजों के सेवन से मरीज को कई समस्याएं हो सकती हैं। मुख्य रूप से ग्लूटन गेंहू, जौ, सूजी, जई जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। सीलिएक डिजीज के लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • लगातार वजन कम होना।
  • कब्ज और दस्त की समस्या।
  • पेट में दर्द और अन्य समस्याएं।
  • थकान और कमजोरी।
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7. एडिसन रोग (Addison’s Disease)

एडिसन रोग एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जो आपके शरीर में एड्रिनल ग्रंथियों द्वारा बनाए गए विशेष हार्मोन्‍स की अपर्याप्‍त मात्रा के कारण होता है। इसे हाइपोकोर्टिसोलिज्म के रूप में भी जाना जाता है, एक दीर्घकालिक अंतःस्रावी विकार यानि एंडोक्राइन डिसऑर्डर है। एडिसन रोग के लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • अत्यधिक कमजोरी।
  • तनाव और थकान।
  • वजन कम होना।
  • लो ब्लड शुगर।

इन बीमारियों के अलावा ऑटोइम्यून बीमारियों के कुछ और प्रकार हैं लेकिन वे अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं। ऑटोइम्यून बीमारियों के लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए।

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