इस डॉक्टर ने घर पर रहकर खुद को कोरोना से किया ठीक, जानिए कैसे

जैसे डॉक्टर शैली ने कोरोना से जंग जीती वैसे ही आप भी जीत सकते हैं। बस सबसे पहले आप खुद को पैनिक में मत डालिए। कोरोना का इलाज संभव है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Apr 29, 2021Updated at: Apr 29, 2021
इस डॉक्टर ने घर पर रहकर खुद को कोरोना से किया ठीक, जानिए कैसे

डॉक्टर हो या किसी और पेशे का व्यक्ति, कोरोना सभी को अपने चपेट में ले रहा है। डॉक्टरों को ज्यादा खतरा इसलिए है, क्योंकि वे लगातार मरीजों से मिल रहे हैं। ओन्ली माई हेल्थ को न्यूट्रीशनिस्ट और डेंटिस्ट डॉक्टर शैली तोमर ने अपने कोविड पॉजिटिव होने के अनुभवों को बताया। उन्होंने बताया कि जब वे कोविड पॉजिटिव हुईं तो उन्होंने कौन से उपाय किए, जिन्हें घर पर रहकर ही किया जा सकता है। अभी देशभर में कोरोना को लेकर इतना पैनिक है, कि ठीक ठाक आदमी भी बीमार पड़ रहा है। लगातार मौत की खबरें देखकर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। लेकिन कोरोना से इतना घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि इसकी उम्र केवल 14 दिन है। कोरोना के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर इसे घर पर ही ठीक किया जा सकता है। बहुत गंभीर स्थिति होने पर  ही अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने घर पर रहकर कोरोना को मात दी है। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि डॉक्टर शैली तोमर ने घर पर रहकर कैसे कोरोना पॉजिटिव को नेगेटिव किया।

inside2_Battleaginstcorona

घर पर शुरू किया इलाज

डॉक्टर शैली कहती हैं कि जब मुझे कोरोना हो गया था तब मैंने घर पर ही अपना इलाज किया। वे कहती हैं कि आज के समय में नेगेटिव होना ही नया पॉजिटिव है। उनका मतलब है कि कोरोनावायरस से नेगेटिव होना ही पॉजिटिव है। वे बताती हैं कि 12 अप्रैल, 2021 को उन्हें हल्का बुखार आया। करीब 99 डिग्री उनका टेंपरेचर था। साथ ही स्किन पर रैशिज भी हो गए थे। शैली को लगा कि यह सीजन का बुखार और एलर्जी है पर अगले ही दिन उनकी सूंघने की क्षमता पूरी तरह से चली गई। वे कहती हैं कि मुझे न तो किसी पर्फ्यूम की खूशबू आ रही थी और न ही किसी कॉफी की। यह दोनों ही चीजें तेज खूशबू वाली होती हैं। इसके बाद मैंने 14 अप्रैल को अपना आरटीपीसीआर टेस्ट कराया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शैली के लिए यह रिपोर्ट हैरान कर देने वाली थी।

कौन सी दवाएं खाईं?

रिपोर्ट आने के बाद शैली ने खुद को आइसोलेट कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपने डॉक्टर से संपर्क किया और उसी रात दवाएं शुरू कीं। दवाओं में दिन में दो बार एंटीवायरल मेडिसिन, किसी दूसरे इंफैक्शन को दूर रखने के लिए दिन में दो बार एंटीबायोटिक लिए। जिनमें जिंक के साथ मल्टीविटामिन, विटामिन सी और विटामिन डी शामिल थे। इसके अलावा शैली घर पर ही हर 6 घंटे में अपना टेंपरेचर जांच रही थीं। साथ ही पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से ऑक्सीजन का लेवल भी जांच रही थीं। शैली बताती हैं कि मेरा पूरा फोकस था कि मेरा ऑक्सीजन लेवल 94 से ऊपर रहे और टेंपरेचर 100 डिग्री के अंदर रहे। 

इसे भी पढ़ें : कोरोना पॉजिटिव होने या लक्षण दिखने पर न करें ये 6 काम, बढ़ सकती है परेशानी

ये थे शुरूआती लक्षण

शैली बताती हैं कि रिपोर्ट के पॉजिटिव आने के दूसरे दिन मुझे बहुत थकान और आलस महसूस हो रहा था। वे दूसरे और तीसरे दिन खूब सोईं। शैली को साथ ही शरीर में दर्द हो रहा था। वे बताती हैं कि यह दर्द शरीर में हाइपर-इफ्लामेटरी रिस्पोन्स की वजह से होता है और साथ ही कमर में बहुत दर्द हो रहा था। शैली कहती हैं कि इसके बावजूद मैंने खुद को शांत रखा और लगातार परिवार से फोन पर बात करती रही। लेकिन फिर मेरे लिए पहले तीन दिन बहुत परेशान कर देने वाले थे। वे बताती हैं कि उनकी सूंघने की ताकत बिल्कुल चली गई थी। वे किसी भी फूड का टेस्ट नहीं ले पा रही थीं, सिर्फ थोड़ा सा नमकीन और मीठे का स्वाद बचा था। बाकी किसी का स्वाद नहीं था। साथ ही भूख भी नहीं लग रही थी। 

inside1_Battleaginstcorona

कोविड होने पर यह थी डाइट

शैली ने बताया कि एक न्यूट्रीशनिस्ट होने के नाते मैं जानती थी कि खुद को ठीक करने के लिए न्यू्ट्रीशनल फूड लेना कितना जरूरी है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसी सास (Mother-in-law) मिली, जिन्होंने मुझे फ्रेश प्रोटीन रिच फूड बनाकर दिए। मैंने कोविड से ठीक होने के लिए मूंग दाल, मसूर दाल, काले चने का सूप, सोया चाट, ओट्स, चुकंदर का सूप, सूखे बादाम और फल जैसे संतरे, खरबूज, अंगूर, कीवी और सेब खाए। इसके अलावा मैंने गुनगुना पानी खूब पिया। इसके अलावा मैंने दिन में दो बार आयुष का काढ़ा बनाकर भी पिया। मैंने दिन में दो बार पानी में अजवाइन डालकर भाप ली। शैली ने इसके अलावा आधा गिलास गुनगुने पानी के साथ हल्दी भी खाई। 

‘मैंने खुद को मेंटली स्ट्रॉन्ग रखा’

शैली बताती हैं कि कोरोना में खुद मेंटली स्ट्रांग रखना बहुत जरूरी है। मैंने खुद को कहा कि मुझे किसी भी शर्त पर ठीक होना है। कोरोना से डरना नहीं है। इसी दौरान मैंने कोविड के बारे में खूब पढ़, कई डॉक्टरों से बात की और खुद को किसी भी इमरजेंसी के लिए तैयार किया। मुझे मालूम था कि स्थिति बिगड़ने पर कौन सी दवाएं खानी हैं, पर सौभाग्य से मेरा केस बिगड़ा नहीं है। पांचवे दिन मैं रिकवर करने लगी थी। छठे दिन शैली ने ब्लड टेस्ट कराए जिनमें सीआरपी (सी रिएक्टिव प्रोटीन), जो उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जो चेस्ट स्कैन के लिए बाहर नहीं जा पाए हैं। वे बताती हैं कि 10 से ज्यादा सीआरपी लेवल का होना गंभीर बीमारी की ओर इशारा करता है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर की जरूरत होती है। 

इसे भी पढें : कोरोना मरीजों तक इमरजेंसी मदद पहुंचाने में कैसे हो रहा है सोशल मीडिया का इस्तेमाल, जानें कोविड हीरोज की कहानी

वे बताती हैं कि मेरा सीआरपी लेवल भी ठीक रहा और मैं धीरे-धीरे रिकवर होने लगी। आज 14वां दिन है और मैंने एंटीबॉडी टेस्ट कराया, जोकि पॉजिटिव था। इसका मतलब है कि मेरे शरीर ने इंफैक्शन से लड़ने केलिए एंटीबॉडी बना ली हैं, यह अच्छी बात है। हालांकि मैं अभी भी 21 दिनों के लिए आइसोलेशन में हूं ताकि मेरे परिवार को मेरी वजह से कोई दिक्कत न हो। 

ठीक होकर कर रहीं कोरोना मरीजों की मदद

शैली कोरोना से ठीक होकर बाकी मरीजों की मदद कर रही हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते से कई सोशल मीडिया ग्रूप्स को जॉइन किया है और कई लोगों की मदद करने का मौका मिला। मैं लोगों तक बस यह जानकारी पहुंचा रही हूं कि किस जगह पर बेड्स, ऑक्सीजन  और दवाएं मिल जाएंगी। 

लोगों से की अपील

शैली ने लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस अभी सभी को अपनी चपेट में ले रहा है। पर स्थिति गंभीर हो उससे पहले आप संभल जाइए। अगर आपको कोरोना के कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत खुद को आइसोलेट कीजिए और चौथे या पांचवे दिन खुद का सीआरपी टेस्ट कराएं। और जब आप रिकवर हो जाएं तब जिनको जरूरत है उनकी मदद करें।

जैसे शैली ने कोरोना से जंग जीती वैसे ही आप भी जीत सकते हैं। बस सबसे पहले आप खुद को पैनिक में मत डालिए। कोरोना का इलाज संभव है। सबसे अच्छी बात है कि इसका इलाज घर पर ही किया जा सकता है। 

Read more on Miscellaneous in Hindi 

Disclaimer