कहीं आपके सनस्क्रीन में भी तो नहीं हैं ये हानिकारक इंग्रीडिएंट्स, जानें क्यों हैं ये नुकसानदायक

जानें सनस्क्रीन में कौन से इंग्रीडिएंट्स नहीं होने चाहिए और किस तरह से हैं ये नुकसानदायक। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

 
Shilpy Arya
Written by: Shilpy AryaPublished at: Apr 04, 2022Updated at: Apr 04, 2022
कहीं आपके सनस्क्रीन में भी तो नहीं हैं ये हानिकारक इंग्रीडिएंट्स, जानें क्यों हैं ये नुकसानदायक

गर्मियों में सूर्य की हानिकारक किरणों और सनटैन से बचने के लिए अक्सर लोग सनस्क्रीन लगाते हैं। सनस्क्रीन एजिंग के साथ ही आपके चेहरे को कई अन्य दिक्कतों से बचाती है। मार्केट में मिलने वाले सनस्क्रीन केमिकल युक्त होते हैं, जो कुछ स्किन टाइप के लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए आपको अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रखकर ही सनस्क्रीन का चुनाव करना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसे हानिकारक इंग्रीडिएंट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको अवॉइड करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं, आपकी सनस्क्रीन में कौन-कौन से इंग्रीडिएंट्स नहीं होने चाहिए।

1. फ्रेगरेंस (Fragrance)

खुशबू वाली सनस्क्रीन लगाने से भला क्या नुकसान हो सकते हैं, ऐसा अक्सर लोगों को लगता है। पर शायद आप नहीं जानते इसका इस्तेमाल करना भी कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है। इससे कई लोगों को त्वचा में एलर्जी हो सकती है। कुछ लोगों के लिए यह त्वचा में इरिटेशन, सूजन और जलन की वजह बन सकती है। इन दिक्कतों से बचने के लिए फ्रेगरेंस वाले सनस्क्रीन का प्रयोग करने से बचें।

2. सिलिकॉन (Silicon)

यह आपकी त्वचा की बाहरी परत पर अवरोध उत्पन्न करता है। इस तरह यह अपकी स्किन को बाहरी तत्वों से बचाता है। लेकिन कई बार इससे आपकी स्किन में गंदगी, मेकअप या पसीना रुक सकता है जिसकी वजह से आपकी त्वचा ठीक से सांस नहीं ले पाती। यह मुंहासे व जलन का कारण बनता है। इससे स्किन में छोटे-छोटे दाने हो सकते हैं।

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3. होमोसलेट (Homosalate)

यह यूवीबी किरणों को अवशोषित करता है और इन्हें सीधे त्वचा के संपर्क में नहीं आने देता। लेकिन कुछ स्किन टाइप के लोगों को इससे नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि यह आपके शरीर में हार्मोन का बैलेंस बिगाड़ सकता है। 

4. रेटिनिल पामिटेट (Retinyl Palmitate)

इसका उपयोग एंटीऑक्सीडेंट के रूप में किया जाता है। रेटिनिल पामिटेट विटामिन ए का रूप भी होता है। इससे युक्त सनस्क्रीन को लगाकर सूरज के सीधे संपर्क में आने से त्वचा में रैशेज आदि हो सकते हैं। इसके अलावा जानवरों पर हुए एक शोध के अनुसार इसकी वजह से स्किन कैंसर होने का जोखिम भी रहता है। 

5. ऑक्टिनॉक्सेट (Octinoxate)

जानवरों पर किए गए अध्ययन से पता चला कि ऑक्टिनॉक्सेट प्रजनन प्रणाली और थायरॉयड पर असर डालता है। इसके साथ ही यह स्किन एलर्जी की वजह भी हो सकता है। ऑक्टिनॉक्सेट युक्त सनस्क्रीन को लगाने से आपको त्वचा में खुजली जलन व लालिमा की दिक्कत हो सकती है। 

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सही सनस्क्रीन का चुनाव करना बेहद जरूरी होता है। आप जिस सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें उसमें ये इंग्रीडिएंट्स नहीं होने चाहिए क्योंकि इससे आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आपकी स्किन अधिक सेंसिटिव है, तो किसी भी प्रोडक्ट को खुद पर आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ ही आप धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन के अलावा कुछ अन्य नेचुरल उपाय अपना सकते हैं। हरी सब्जियों के साथ संतरे या आंवले का सेवन करें। यह एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं तो चेहरा ढक कर ही निकलें। साथ ही पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें।

 
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