वजन बढ़ाना और परफेक्ट बॉडी पाना है तो ऐसे करें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की शुरुआत

अगर आप मजबूत मसल्स के साथ बेहतरीन बॉडी शेप चाहते हैं, तो ये ट्रेनिंग आपके लिए बहुत मददगार हो सकती है। इसके अलावा स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग आपका अतिरिक्‍त वजन घटाने में भी मदद करती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के द्वारा मसल्स का मास बढ़ाया जा सकता है।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Sep 21, 2018Updated at: Sep 21, 2018
वजन बढ़ाना और परफेक्ट बॉडी पाना है तो ऐसे करें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की शुरुआत

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हालांकि भारी एक्सरसाइज है मगर अगर आप अपनी बॉडी बनाना चाहते हैं और मजबूत मसल्स के साथ बेहतरीन बॉडी शेप चाहते हैं, तो ये ट्रेनिंग आपके लिए बहुत मददगार हो सकती है। इसके अलावा स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग आपका अतिरिक्‍त वजन घटाने में भी मदद करती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के द्वारा मसल्स का मास बढ़ाया जा सकता है। इसके अभ्यास से आपकी उम्र बढ़ती है और मसल्स लंबे समय तक मजबूत रहती हैं। ऐसे में आप लंबे समय तक जवान रहते हैं और आपमें हमेशा जोश भरा रहता है। आइए आपको बताते हैं क्या है स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और क्या है इसे करने का तरीका।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से पहले जरूरी है तैयारी

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज को अचानक नहीं शुरू किया जा सकता इसलिए इसकी तैयारी बहुत जरूरी है। शुरुआी हफ्ते में 3-4 दिन मसल्स की एक्सरसाइज जरूर करें। इसके अलावा वेट मशीन से एक्सरसाइज और डंबल करें। ध्यान रखें कि ये सभी एक्सरसाइज किसी अच्छे ट्रेनर की मौजूदगी में लें क्योंकि अगर आपने मशीन की उंचाई गलत चुन ली, तो चोट लगने की आशंका होती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज के दौरान शुरूआत में आप अपने शरीर से वसा और कैलोरी को जलाते हैं।

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ऐसे करें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की शुरुआत

सबसे ज्यादा आसान विकल्प वेट मशीन से एक्सरसाइज और डंबल उठाना है, इसलिए शुरुआत में दो सप्ताह तक इसे ही करें। मशीन का फायदा यह होता है कि वह आपको सही मूवमेंट सीखने को मिलती है। इसमें यह भी जरूरी है कि मशीन को आप अपने कद और काठी के हिसाब से ही एडजस्ट करें। लेकिन, अगर मशीन को ठीक से एडजस्ट न किया गया हो तो आप गलत मूवमेंट में कसरत करेंगे, इससे चोट लगने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

बहुत ज्यादा वजन न उठाएं

अगर आप बहुत ज्यादा वजन उठाते हैं तो आपकी कमर पर बुरा असर पड़ सकता है, जबकि मशीन से वेट ट्रेनिंग करते हुए मशीन आपकी बॉडी को सपोर्ट देती है, जिससे चोट की संभावना कम होती है।

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सभी हिस्सों के लिए अलग-अलग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

  • छाती के लिए- बेंच प्रेस, चेस्ट प्रेस मशीन, पुश अप्स, पेक डेक मशीन आदि।
  • पेट के लिए- क्रंच, रीवर्स क्रंच, ऑब्लिक ट्विस्ट, पेल्विक टिल्ट आदि होते हैं।
  • बैक के लिए- सीटेड रो मशीन, बैक एक्सटेंनशन, पुलडाउन।
  • बाइसेप्स के लिए- बाइसेप्स कर्ल, हैमर्ल, कनसेन्ट्रेशन कर्ल।
  • ट्राइसेप्स के लिए- ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, डिप्स, किकबैक्स।

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