पेट में दर्द हो सकता है अल्‍सर का संकेत, जानें इसके घरेलू उपाय

पेट का अल्सर होने पर व्यक्ति को पेट में हल्का दर्द और उल्टी की समस्या हो सकती है। लेकिन कुछ घरेलू उपायों से इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है।    

 
Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Dec 24, 2022 10:00 IST
पेट में दर्द हो सकता है अल्‍सर का संकेत, जानें इसके घरेलू उपाय

खाना खाने के बाद पेद में दर्द और मितली जैसा महसूस हो, तो ये लक्षण पेट में अल्‍सर के हो सकते हैं। पेट में अचानक दर्द होना सामान्‍य स्थिति नहीं है। इस परेशानी पर समय रहते ध्‍यान न दिया जाए या उपचार में देरी की जाए, तो इसके परिणाम घातक भी हो सकते हैं। पेट में अल्‍सर को पेप्टिक अल्‍सर या गैस्ट्रिक अल्‍सर भी कहा जाता है। इस तरह के अल्‍सर में अधिक दर्द होता है और ये पेट की परत पर होते हैं। पेट का अल्‍सर न केवल बेचैनी बढ़ाते हैं, बल्कि खाने की इच्छा को भी समाप्त कर देते हैं। पेट में अल्‍सर की वजह से पेट और छोटी आंत से जुड़ी अन्‍य समस्‍याओं को भी बढ़ावा मिल सकता है।  इसके कुछ लक्षण इस प्रकार हैं-

पेट के अल्‍सर के लक्षण 

  • पेट में हल्‍का दर्द 
  • वजन कम होना 
  • दर्द के कारण खाना अच्‍छा न लगना 
  • जी मचलाना 
  • पेट हमेशा भरा हुआ लगना 
  • एसीडिटी होना 
  • सीने में जलन होना 
  • उल्‍टी में खून आना 

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पेट के अल्‍सर को ठीक करने के घरेलू उपचार

पेट के अल्सर की समस्या को ठीक करने के लिए आपको वैसे तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। लेकिन कुछ घरेलू उपायो से भी आप इसके लक्षणों को ठीक कर सकते हैं। जानें इसके कुछ घरेलू उपायों के बारे में। 

बेकिंग सोडा और एप्‍पल साइडर विनेगर

बेकिंग सोडा पेट के पीएच लेवल को सही करने में मदद करता है। एप्‍पल साइडर विनेगर में दर्द निवारक गुण होते हैं, इसलिए बेकिंग सोडा और एप्‍पल साइडर विनेगर का मिश्रण पेट के अल्‍सर के उपचार में मददगार हो सकता है।

एक चम्‍मच एप्‍पल साइडर विनेगर, आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा और थोड़ा सा शहद एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं। आराम पाने के लिए इस मिश्रण को दिन में एक बार जरूर पिएं।  

लहसुन का करें उपयोग 

लहसुन में एलिसिन नाम का कम्‍पाउंड होता है। इस कम्‍पाउंड में शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। ये गुण हेलिकोबैक्‍टर पाइलोरी से लड़ने में मदद करते हैं, जो पेप्टिक अल्‍सर को ट्रिगर करने के लिए जिम्‍मेदार होते हैं। लहसुन के फायदे लेने के लिए आप इसकी दो से तीन कच्‍ची कलियां चबाएं। ऐसा कई दिनों तक रोज करने से पेप्टिक अल्‍सर में आराम मिलेगा। 

शहद और दालचीनी पाउडर 

शहद में ग्‍लूकोज ऑक्‍सीडेज नामक एंजाइम होता है। यह एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्‍साइड को प्रोड्यूस करता है। ये पेप्टिक अल्‍सर के लिए जिम्‍मेदार बैक्‍टीरिया से लड़ने में मदद करता है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्‍मच शहद और एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएं। इस मिश्रण को दिन में दो बार पीने से आराम मिल सकता है। 

हल्‍दी भी है फायदेमंद 

हल्‍दी में करक्‍यूमिन होता है, जो पावरफुल एंटी-इनफ्लेमेटरी और एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर होता है। यह पेट के अल्‍सर को रोकने और उनके उपचार में मदद कर सकता है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्‍मच हल्‍दी पाउडर मिलाएं और इसमें अपनी जरूरत अनुसार शहद मिलाकर पिएं। इस मिश्रण को दिन में दो से तीन बार पिया जा सकता है। 

अदरक का करें इस्तेमाल  

अदरक पेट के अल्‍सर पर प्रोटेक्टिव और प्रिवेंटिव असर डालता है और इनकी गंभीरता को भी कम करता है। इसलिए अदरक का उपयोग उन लक्षणों का उपचार करने में किया जा सकता है, जो पेट के अल्‍सर के कारण उत्‍पन्‍न होते हैं। एक कप पानी में एक चम्‍मच कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर उबाल लें। थोड़ा ठंडा होने पर शहद मिलाकर इसका सेवन करें। 

ग्रीन टी  

ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन गैलेट नाम का एक पॉलीफेनोल होता है, जो अल्‍सर एंटी-अल्‍सर गुणों के लिए जाना जाता है। ग्रीन टी पेट के अल्‍सर के उपचार में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक कप उबलते पानी में एक चम्‍मच ग्रीन टी डालें। इसमें थोड़ा शहद मिलाएं और ठंडा होने पर पी लें। ग्रीन टी को दिन में दो बार पिया जा सकता है।  

केला  

कच्‍चे केले में फॉस्‍फेटिडिलकोलाइन और पेक्टिन जैसे कम्‍पाउंड होते हैं। ये कम्‍पाउंड पेट की मसल्‍स को मजबूत बनाते हैं। केले का सेवन करना पेप्टिक अल्‍सर के उपचार में मददगार हो सकता है। रोजाना एक पके या कच्‍चे केले का सेवन फायदेमंद हो सकता है। 

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पत्‍तागोभी का करें सेवन

पत्‍तागोभी में ग्‍लूटामाइन नाम का अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है। ये कम्‍पाउंड अल्‍सर से क्षतिग्रस्‍त होने वाली गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल लाइनिंग को पोषण देने और मरम्‍मत करने में मदद करता। इसमें एक एंटी-पेप्टिक अल्‍सर फैक्‍टर भी होता है जो पेप्टिक अल्‍सर को ठीक करने में मदद कर सकता है। पत्‍तागोभी का जूस निकालकर इसे दिन में एक बार पिया जा सकता है। 

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