Sun Sep 27, 2026 | 03:21 PM IST

चेहरे पर ब्लीच कराने के बाद त्वचा की देखभाल कैसे करें? जानें 5 टिप्स

Face Bleach: चेहरे पर ब्‍लीच करवाने के बाद जरूरी सावधान‍ियां अपनाएं, ताक‍ि त्‍वचा पर इसके बुरे प्रभाव हावी न हों। जानते हैं ऐसे 5 आसान ट‍िप्‍स।  
चेहरे पर ब्लीच कराने के बाद त्वचा की देखभाल कैसे करें? जानें 5 टिप्सचेहरे पर ब्लीच कराने के बाद त्वचा की देखभाल कैसे करें? जानें 5 टिप्स

ब्‍लीच के बाद चेहरे पर न‍िखार आ जाता है। त्‍वचा में ग्‍लो बढ़ाने के ल‍िए लोग ब्‍लीच‍िंग करवाते हैं। कई बार ब्‍लीच के कारण त्‍वचा में खुजली, रेडनेस या सूजन हो जाती है। इन समस्‍याओं से बचने के ल‍िए आपको ब्‍लीच के बाद त्‍वचा का खास ख्‍याल रखना चाह‍िए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कुछ आसान ट‍िप्‍स ज‍िनकी मदद से आप ब्‍लीच के बाद त्‍वचा को बुरे प्रभावों से बचा सकते हैं।   

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1. ब्‍लीच के बाद बर्फ लगाएं   

ब्‍लीच के बाद चेहरे पर जलन, सूजन और रेडनेस की समस्‍या हो सकती है। कई महि‍लाएं ब्‍लीच के बाद बर्फ से स‍िंकाई नहीं करते ज‍िसके कारण चेहरे पर जलन या रेडनेस बढ़ सकती है। आपको ब्‍लीच करने के आद बर्फ के टुकड़े से चेहरे की माल‍िश करनी चाह‍िए। बर्फ की जग‍ह आप एलोवेरा जेल भी लगा सकती हैं।

2. ब्‍लीच के बाद थ्रेड‍िंग से बचें 

ब्‍लीच करने के बाद आपको थ्रेड‍िंग या अपर ल‍िप करवाने से बचना चाह‍िए। ब्‍लीच के बाद त्‍वचा सेंस‍िट‍ि‍व हो जाती है। केम‍िकल्‍स के कारण जलन और सूजन बढ़ जाती है। इस दौरान अगर आप थ्रेड‍िंग करेंगे, तो त्‍वचा में रेडनेस या सूजन (swelling) हो सकती है। 

इसे भी पढ़ें- बातें जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं

3. ब्‍लीच के बाद स्‍क्रब न करें 

ब्‍लीच करने के बाद आपको स्‍क्रब (scrub) करने से बचना चाह‍िए। स्‍क्रबि‍ंग, स्‍क‍िन केयर रूटीन का अहम स्‍टेप है। लेकि‍न आपको ब्‍लीच के बाद स्‍क्रब करने से बचना चाह‍िए क्‍योंक‍ि इससे खुजली या जलन की समस्‍या हो सकती है। ब्‍लीच के बाद स्‍क्रब करने के त्‍वचा ड्राई भी हो सकती है।    

4. ठंडे पानी से चेहरा धोएं 

ब्‍लीच के बाद आप चेहरे पर फेसवॉश (facewash) अप्‍लाई न करें। ब्‍लीच के बाद फेसवॉश करने से रैशेज होने का डर रहता है। ब्‍लीच के बाद आप चेहरे को ठंडे पानी से धो लें लेक‍ि‍न साबुन या फेसवॉश का इस्‍तेमाल न करें। ऐसा करने से त्‍वचा पर दाने हो सकते हैं।

5. धूप से बचें

ब्‍लीच करवाने के बाद आपको धूप में जाने से बचना चाह‍िए। ब्‍लीच करवाने के बाद धूप में जाने से त्‍वचा में रेडनेस (redness) के लक्षण नजर आ सकते हैं। ब्‍लीच के बाद धूप में जाने से प‍िगमेंटेशन या त्‍वचा जलने की समस्‍या हो सकती है।   

इन ट‍िप्‍स को अपनाएं 

  • बार-बार ब्‍लीच (bleach) करने से बचें। आपको महीने में एक से ज्‍यादा बार ब्‍लीच नहीं करना चाह‍िए।  
  • आपको कटी, छ‍िली या जली त्‍वचा पर ब्‍लीच नहीं लगवाना चाह‍िए। इसमें मौजूद केम‍िकल्‍स त्‍वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। 
  • ब्‍लीच‍िंग क्रीम को आंख के पास न लगाएं। ये ह‍िस्‍सा सेंस‍िट‍िव होता है। ऐसा करने से इंफेक्‍शन (infection) हो सकता है। 
  • गरम पानी से ब्‍लीच करने से आपको बचना चाह‍िए। गरम पानी के इस्‍तेमाल से त्‍वचा संवेदनशील बन जाती है।

स्‍क‍िन रोग व‍िशेषज्ञ की सलाह ल‍िए बगैर आप ब्‍लीच का इस्‍तेमाल न करें। कई लोगों की त्‍वचा सेंस‍िट‍िव होती है इसल‍िए उन्‍हें ब्‍लीच नहीं करवाना चाह‍िए।   

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 06, 2022 15:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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