दूसरी बार मां बनने पर महिलाओं में दिखते हैं ये 7 अलग लक्षण

दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में पहली प्रेग्नेंसी से अलग लक्षण दिखते हैं। चलिए जानते हैं उन लक्षणो के बारे में-

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Sep 27, 2021
दूसरी बार मां बनने पर महिलाओं में दिखते हैं ये 7 अलग लक्षण

प्रेग्नेंसी महिलाओं का सबसे नाजुक पल होता है। इसलिए महिलाओं को हर एक छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। कुछ महिलाएं पहली बार मां बनने के दौरान अपना खास ध्यान रखती हैं, लेकिन दूसरी बार मां बनने पर उन्हें लगता है कि इस दौरान विशेष ध्यान रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें पहले जैसा ही अनुभव होगा। अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं, तो बिल्कुल गलत हैं। अगर आप दूसरी बार मां बनने जा रहे हैं, तो जरूरी नहीं है कि आपको पहली प्रेग्नेंसी जैसे ही लक्षण दिखे। मदरहुड हॉस्पिटल की गायनाक्लॉजिस्ट मनीषा रंजन बताती हैं कि दूसरी प्रेग्नेंसी के लक्षण पहली प्रेग्नेंसी से अलग हो सकते हैं। चलिए जानते हैं दूसरी प्रेग्नेंसी में दिखने वाले लक्षण और इससे बचने के उपाय-

1. पेट का शेप होता है अलग

डॉक्टर बताती हैं कि दूसरी प्रेग्नेंसी में बेली शेप अलग हो सकता है। उनका कहना है कि पहली प्रेग्नेंसी के दौरान बेली शेप तुलनात्मक रूप से कम होता है। वहीं, दूसरी प्रेग्नेंसी में बेली ज्यादा बाहर नजर आता है। दरअसल, पहली प्रेग्नेंसी के दौरान पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और इस दौरान पेट में खिंचाव चुका होता है। इस वजह से दूसरी प्रेग्नेंसी में पेट का साइज ज्यादा बड़ा दिखता है। 

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2. किक और मूवमेंट का पहले हो जाता है एहसास

पहली प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं अक्सर शिशु के मूवमेंट से अनजान होती हैं। वहीं, दूसरी प्रेग्नेंसी में उन्हें इस बात का एक्सपीरिएंश होता है। जिसके कारण वे भ्रूण का मूवमेंट अच्छे और समय से समझ जाती हैं। उन्हें पहले से बच्चे के किक और मूवमेंट का एहसास हो जाता है। 

3. डिलीवरी का समय तुलनात्मक रूप से कम होना

पहली प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं डिलीवरी की प्रक्रिया से गुजर चुकी होती हैं। ऐसे में इस दौरान उनका सर्विक्स पहले से चौड़ा रहता है। जिसके कारण डिलीवरी का समय तुलनात्मक रूप से कम होता है। उदाहरण के तौर पर समझें, तो पहली डिलीवरी में 8 घंटे तक दर्द बना रहता है। वहीं दूसरी में यह दर्द 5 से 6 घंटे तक ही होता है। 

4. पेट दर्द का एहसास कम होना

पहली प्रेग्नेंसी में शिशु को जन्म देने के बाद संकुचन और दर्द काफी ज्यादा महसूस होता है। दरअसल, इस दौरान गर्भाशय में खिंचाव ज्यादा उत्पन्न होता है। इस वजह से आपको दर्द ज्यादा महसूस होता है। लेकिन दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय बड़ा हो जाता है। इससे इस दौरान दर्द और संकुचन तुलानात्मक रूप से कम होता है। 

5. थकान ज्यादा होती है महसूस

अगर आप दूसरी बार मां बनने जा रही हैं, तो इस स्थिति में आपको थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। दरअसल, दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान आपका शरीर पहली प्रेग्नेंसी की कमियों को पूरा करने में लगा होता है। ऐसे में आपको ज्यादा थकान महसूस हो सकती है।

6. स्तनपान कराना हो जाता है आसान

पहली प्रेग्नेंसी में आपको स्तनपान कराने में असुविधा महसूस हो सकती है। लेकिन दूसरी प्रेग्नेंसी में आपके साथ ऐसा नहीं होता है। साथ ही इस दौरान मां का दूध भी जल्दी आ जाता है। जिसे वे अपने बच्चे को आसानी से पिला सकते हैं। 

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7. निप्पल  में बदलाव

प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट साइज में बदलाव होना एक सामान्य बात है। लेकिन दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट को छूने में आपको ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। दरअसल, इस दौरान आपका शरीर ज्यादा नाजुक होता है। जिसके कारण आपके निप्पल में दर्द ज्यादा होने लगता है। साथ ही निप्पल का रंग भी ज्यादा गहरा नजर आता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपने सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चाहे वह दूसरी प्रेग्नेंसी हो या फिर पहली। दोनों ही समय में महिला को एक्स्ट्रा देखभाल की जरूरत होती है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा लापरवाही न बरतें।

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