Sawan Special: सावन की इस बारिश में नहाने के हैं कई गजब फायदे, जानें बारिश में कब नहाएं और कब नहीं?

प्रकृति अगर बीमारी देती है, तो उसका इलाज भी दे देती है। गर्मियों के बाल झड़ने और फोड़े-फुंसी जैसी कई तरह की समस्‍याओं का इलाज है बारिश में भीगना।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jul 26, 2021 13:39 IST
Sawan Special: सावन की इस बारिश में नहाने के हैं कई गजब फायदे, जानें बारिश में कब नहाएं और कब नहीं?

बारिश में भीगने से सर्दी-जुकाम और संक्रमण जैसी बीमारियों का डर रहता है। पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि बारिश में भीगने के सिर्फ नुकसान ही है, बल्कि इसके कई फायदे भी हैं। पर ये निर्भर करता है कि आप बारिश में कब और कैसे भीग रहे हैं। दरअसल सावन की बारिश में भीगने के अपने ही फायदे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौसम में बारिश पिछले दो नहीने पहले से ही हो रही होती है, जिसमें वातावरण की गंदगी और हानिकारक गैस पहले ही साफ हो चुके होते हैं। तो सावन की बारिश को सबसे साफ पानी वाली बारिश मानी जाती है। वहीं बारिश का पानी शरीर, त्वचा और चेहरे को बहुत प्रभावी तरीके से साफ करने में मदद (Rain Bath Benefits) करता है और चेहरे पर जमा हानिकारक बैक्टीरिया को दूर कर देता है। वहीं इसके कई औप फायदे भी हैं, आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

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बारिश का पानी में नहाने के पीछे का साइंस

बारिश का पानी हल्का होता है, जिसके कारण इसका पीएच क्षारीय (basic pH) होता है। बारिश को एक तरह से वॉटर थेरेपी के लिए भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। यह आपके तन मन को तरोताजा कर देता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिट्टी में शामिल मिनरल और बैक्‍टीरिया नहीं होते। जिससे यह सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए ही लाभकारी बन जाता है। गर्मी के मौसम में होने वाले फोड़ा और फुंसी को बारिश का पानी ठीक कर सकता है। बारिश का पानी क्षारीय गुण गंभीर मुंहासे और चेहरे के सूजन को कम करने में मदद करता है।

बारिश में नहाने के फायदे-Health Benefits Of Bathing In Rain 

बेहतरीन क्लींजर है बारिश का पानी

बारिश का पानी एक बेहतरीन क्लींजर की तरह काम करता है। पुराने लोग आज भी इस पानी का इस्तेमाल करके शरीर से लेकर कपड़ो तक की सफाई करते हैं और कहते हैं कि ये इससे बेहतरीन क्लींजर कोई हो नहीं सकता। आप चाहें तो बारिश का पानी किसी साफ बर्तन या बॉटल में भरकर रख लें। सोने से पहले अपनी त्वचा पर इस पानी को लगाएं या इससे त्वचा को साफ करें। कुछ ही दिन में आपकी त्वचा बेदाग और मुलायम हो जाएगी। सुबह उठकर इस पानी से चेहरा धोने पर त्वचा का रंग भी साफ होता है। झांइयां और दाग-धब्बे भी मिट जाते हैं।

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हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

बारिश के पानी में नहाने के बाद बहुत से लोग ऐसा मानते हैं कि उन्हें बहुत अच्छी नींद आती है। ये बात गलत भी नहीं है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि बारिश के पानी में भीगने या नहाने से व्यक्ति के शरीर में सही तरीके से हार्मोन बनता है और हार्मोन का संतुलन (hormonal equilibrium keeps bath in rain) भी बना रहता है। वहीं ये आपको शांत करके रिलेक्स महसूस करवा सकता है। इस तरह ये हार्मोनल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।

बालों और स्किन के लिए फायदेमंद

बालों में जमे धूल और गंदगी को पूरी तरह से साफ करने में बारिश का पानी बहुत फायदेमंद होता है। वहीं जिन लोगों को अकसर गर्मियों के मौसम में घमौरियां हो जाती हैं उनके लिए ये रामबाण इलाज है। दरअसल ये रैशेज त्‍वचा पर सर्द गर्म होने के कारण होती हैं। अकसर बच्‍चे जब पसीने में नहा लेते हैं तो उनकी स्किन पर छोटे छोटे दाने हो जाते हैं। गर्मी बढ़ने पर ये दाने काटते भी हैं। इन्‍हें दूर करने के लिए बच्‍चों को बारिश में नहाना चाहिए। इससे त्‍वचा का तापमान संतुलित होता है और घमौरियां भी ठीक हो जाती हैं।

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बारिश में कब नहाएं और कब नहीं (when to bath in the rain)?

अकसर पहली बारिश का लुत्फ उठाना चाहते हैं, जबकि ये फायदेमंद नहीं है। पहली बारिश में नहाने से हमें हमेशा बचना चाहिए क्योंकि इससे न सिर्फ स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बढ़ सकता है बल्कि त्वचा सम्बंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। रैशेज, मुंहासे जैसी समस्याओं का अकसर पहली बरसात में भीगने से और बढ़ जाती है। इसके पीछे एक वजह यह है कि बरसता की पहली फुहार प्रदूषित या एसिड रेन (Acid Rain) वाली होती है, जिसका आपकी त्वचा पर खराब असर पड़ता है।

इसलिए हमेशा दो तीन दिन या काफी समय से होने वाली लगातार बारिश में ही नहाएं। इस तरह हर सावन और भादो माह की बारीश आपके लिए कई छोटी-मोटी बीमारियों का रामबाण इलाज बन सकती है।

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