प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ जाती हैं मुंह और दांतों की कई समस्याएं, जानें क्या है दोनों में संबंध

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याएं आती हैं। चूंकि इस दौरान महिलाओं के कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, इसलिए महिलाओं को कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत सारी महिलाओं में मुंह और दांतों की समस्या

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jan 14, 2019
प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ जाती हैं मुंह और दांतों की कई समस्याएं, जानें क्या है दोनों में संबंध

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याएं आती हैं। चूंकि इस दौरान महिलाओं के कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, इसलिए महिलाओं को कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत सारी महिलाओं में मुंह और दांतों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। आमतौर पर लोग समझ नहीं पाते हैं कि इन समस्याओं का कारण क्या है। मगर आपको बता दें कि प्रेग्नेंसी और मुंह की समस्याओं का आपस में गहरा संबंध है।

गर्भावस्था में मुंह की समस्याएं

अध्ययनों से पता चला है की वे गर्भवती महिलाएं जिन्हें दन्त रोग होता है, उनमें बच्चे के बहुत जल्दी पैदा हो जाने या सामान्य से छोटा पैदा होने की संभावना 7 गुना ज्यादा बढ़ जाती है। इसी लिए गर्भावस्था में महिलाओं को मुंह की सफाई रखने की विशेष हिदायत दी जाती है। दरअसल एक्सपर्ट्स की मानें, तो दांत के रोगाणु शरीर में जैविक द्रव्यों के स्तर को अवरुद्ध करते हैं और गर्भावस्था के दौरान तमाम तरह की जैविक क्रियाएं शिशु के निर्माण के लिए जरूरी हैं। ऐसे में मुंह की सफाई न करने से या वो महिलाएं जिन में दंत रोग गर्भधारण के दौरान गंभीर हो जाते हैं, उनमें बच्चा अपरिपक्व पैदा होने का जोखिम ज्यादा होता है।

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कैल्शियम की कमी का असर

गर्भाशय में जब बच्चे का शरीर बनना शुरू होता है तो सबसे पहले बच्चा मां के शरीर से कैल्शियम लेता है। जिसके कारण मां के शरीर में अचानक कैल्शियम की कमी होने लगती है। इसका असर आमतौर पर दांतों पर भी देखने को मिलता है। इस कारण दांतों के साथ-साथ मां के मसूड़ों को भी हानि होने लगती है। कई बार दांतों की ऊपरी परत भी खराब हो जाती है। गर्भावस्था के दौरान दांतों में होने वाले बदलाव का कारण कैल्शियम की कमी तथा हार्मोन्स में बदलाव होना भी हो सकता है।

जिंजीवाइटिस का होता है खतरा

डिलीवरी के दौरान जिंजीवाइटिस एक आम समस्या है। इसका कारण यह है कि सी सैक्शन के दौरान हारमोन में बदलाव होने की वजह से मुंह को उत्तेजित करने वाले पदार्थ बढ़ जाते हैं, जो कि मसूड़ों में रोग पैदा कर देते हैं। गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों के फूलने और दांतों में दर्द होने से दांत मलिनकिरण की समस्या भी हो जाती है और इस समस्या का कारण आमतौर पर मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना होता है।

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कैसे करें बचाव

  • गर्भावस्था के दौरान मुंह स्‍वास्‍थ्‍य बनाये रखने के लिए दिन में दो बार हल्के ब्रश से धीरे-धीरे प्रतिदिन ब्रश करना चाहिए।
  • हर बार खाने के बाद मुंह की अच्छे से सफाई करें।
  • आप दांतों के बीच के हिस्से को अच्छे से साफ करें। फ्लॉस को मसूड़े की जड़ से ऊपर की ओर खींचें और अच्छे से सफाई करें।
  • डेंटिस्ट से चेकअप कराना भी मुंह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत जरूरी होता है।
  • गर्भावस्था के दौरान मीठा खाने की बहुत इच्छा होती है। लेकिन मुंह के बैक्‍टीरिया शुगर को एसिड में बदल दांतों को नुकसान पहुंचते हैं।
  • दांतों की अच्छी देखभाल के लिए मीठे से परहेज करें।
  • जरूरत से ज्यादा फ्लोराइड के सेवन से दांतों पर सफेद निशान पडऩे लगते हैं।

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