आजकल पेट से जुड़ी परेशानियों से लगभग हर तीसरा शख्स परेशान है, कब्ज, एसिडिटी और अपच लगभग हर दूसरे व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी हैं। घंटों बैठकर काम करना, बाहर का तला-भुना खाना और फाइबर की कमी गट हेल्थ को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है। जब पेट ठीक से काम नहीं करता, तो उसका असर सिर्फ डाइजेशन पर नहीं बल्कि इम्यूनिटी, वजन, स्किन और यहां तक कि मूड पर भी दिखाई देने लगता है। ऐसे में बोरिंग सा दिखने वाला कद्दू सेहत के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है। कई लोग कद्दू की सब्जी खाना पसंद नहीं करते हैं लेकिन अगर आप कद्दू का रायता खाएंगे तो इससे न केवल स्वाद मिलेगा बल्कि गट हेल्थ भी अच्छी होगी। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, घर में कद्दू का रायता बनाने की रेसिपी और इसके फायदे क्या हैं?
गट हेल्थ के लिए कद्दू का रायता
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि कद्दू और दही जब ये दोनों साथ आते हैं, तो पेट के लिए एक पावरफुल फूड बन जाते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, कद्दू फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जबकि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि कद्दू रायता न सिर्फ पाचन सुधारता है, बल्कि कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं में भी राहत देता है। खास बात यह है कि यह रायता वजन घटाने वालों और डायबिटीज के मरीजों के लिए भी एक हेल्दी विकल्प माना जाता है।
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1. कब्ज, गैस और एसिडिटी से राहत
कद्दू रायता कब्ज से परेशान लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद माना जाता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, कद्दू का फाइबर स्टूल को सॉफ्ट बनाता है, जिससे मल त्याग आसान होता है। वहीं दही पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करने में सहायक होता है।
2. ओवरईटिंग रोके
डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि कद्दू कैलोरी में कम लेकिन फाइबर में ज्यादा होता है, जिससे पेट देर तक भरा रहता है। इससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है। साथ ही दही प्रोटीन का अच्छा सोर्स है, जो मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है।
3. बेहतर गट से इम्यूनिटी होगी बूस्ट
डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि अच्छी गट हेल्थ सिर्फ पाचन तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका सीधा असर इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। कद्दू में घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। वहीं दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन क्रिया को मजबूत बनाते हैं।

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Pumpkin Raita बनाने की रेसिपी
कद्दू का रायता बनाने के लिए आपको उबला मैश किया हुआ आधा कप कद्दू चाहिए होगा, इसके अलावा 1 कप ताजा दही, आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक, चुटकीभर काली मिर्च, स्वादानुसार हरी मिर्च और हरी धनिया चाहिए होगी।
- एक बाउल में दही को अच्छे से फेंटें और उसमें मैश किया हुआ कद्दू मिलाएं।
- अब स्वादानुसार नमक, भुना जीरा और काली मिर्च डालें।
- ऊपर से हरी धनिया और मिर्च मिलाएं। आपका हेल्दी कद्दू रायता तैयार है।
डाइटिशियन की सलाह
कद्दू रायता दोपहर के भोजन के साथ सबसे बेहतर माना जाता है। एक कटोरी रायता रोजाना गट हेल्थ सुधारने में सहायक हो सकता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, इसे नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से पाचन मजबूत रहता है और पेट से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
निष्कर्ष
कद्दू का रायता न सिर्फ बनाने में आसान है और झटपट बन जाता है बल्कि इससे गट हेल्थ भी अच्छी होती है। डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि रात में बहुत देर से रायता खाने से बचें, खासकर अगर आपको सर्दी-जुकाम या साइनस की समस्या रहती है। इसके अलावा बाजार के फ्लेवर वाले दही की बजाय घर का ताजा दही इस्तेमाल करें।
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FAQ
कमजोर आंतों के क्या लक्षण हैं?
लगातार गैस, कब्ज, दस्त, पेट दर्द, थकान, बार-बार बीमार पड़ना और स्किन प्रॉब्लम्स कमजोर आंतों के संकेत हो सकते हैं।क्या तनाव आपकी आंत को खराब करता है?
ज्यादा तनाव से डाइजेशन प्रभावित होता है और पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।गट हेल्थ को ठीक करने के लिए क्या करें?
रोजाना का सही रूटीन बनाएं और इसके साथ बैलेंस डाइट, समय पर खाना, ज्यादा पानी पीना, एक्सरसाइज और योग करना गट हेल्थ सुधारने का आसान तरीका है।
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Current Version
Feb 05, 2026 14:07 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 05, 2026 14:07 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Archana Jain