Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

बाजार का छिला हुआ लहसुन खाना सेहत को पहुंचा सकता है नुकसान, एक्सपर्ट से जानें कैसे

क्‍या आप भी बाजार से छ‍िला हुआ लहसुन खरीदकर खाते हैं? आपको बता दें क‍ि ऐसा करना सेहत के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है। छ‍िले हुए लहसुन का इस्‍तेमाल करने से सेहत खराब हो सकती है और शरीर बीमार‍ियों की चपेट में आ जाता है। जानते हैं इसके नुकसान।

मैं अक्‍सर बाजार से छ‍िला हुआ लहसुन लाकर इस्‍तेमाल करती थी। छ‍िला हुआ लहसुन इस्‍तेमाल करने से काम जल्‍दी हो जाता है। लहसुन को काटने या छीलने की झंझट नहीं होती और लहसुन का सीधे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। एक बार मेरी दोस्‍त ने मुझे छ‍िला हुआ लहसुन इस्‍तेमाल करते हुए देखा और टोक द‍िया क‍ि तुम्‍हें इसका इस्‍तेमाल नहीं करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि यह सेहत के ल‍िए अच्‍छा नहीं होता। उस वक्‍त तो मुझे कुछ समझ नहीं आया, फ‍िर बाद में उसने मुझे बताया क‍ि छ‍िले हुए लहसुन का इस्‍तेमाल करना सुव‍िधाजनक लगता है, लेक‍िन यह सेहत के ल‍िए ब‍िल्‍कुल अच्‍छा नहीं होता इससे सेहत खराब हो सकती है। क‍िचन में समय बचाने के ल‍िए कई लोग छ‍िला हुआ लहसुन खरीदते हैं। यह सुव‍िधाजनक जरूर लगता है लेक‍िन छ‍िला हुआ लहसुन सेहत के ल‍िए अच्‍छा है या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है क‍ि उसे प्रोसेस, स्‍टोर या पैक करने का तरीका क्‍या है? गलत तरीके से पैक क‍िया हुए लहसुन में बैक्‍टीर‍िया की ग्रोथ हो जाती है जो सेहत के ल‍िए नुकसानदायक हो सकता है। इस लेख में जानें छ‍िले हुए लहसुन को खाने के नुकसान।

इंफेक्‍शन हो सकता है

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लहसुन की बाहरी परत सुरक्षा कवच का काम करती है। अगर उसे पहले ही छील द‍िया जाए, तो लहसुन हवा, नमी और सूक्ष्‍मजीवों के संपर्क में आ जाता है। अगर स्‍टोरेज ठंडा और साफ न हो, तो बैक्‍टीर‍िया पनप सकते हैं। इससे बचने के ल‍िए एक्‍सपर्ट्स सलाह देते हैं क‍ि छ‍िले हुए लहसुन को फ्र‍िज में रखें और जल्‍दी इस्‍तेमाल कर लें।

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प्र‍िजर्वेट‍िव्‍स से पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि खुले हुए लहसुन को फ्रेश रखने के ल‍िए उसमें प्रि‍जर्वेट‍िव्‍स म‍िलाए जाते हैं ज‍िससे लहसुन को लंबे समय तक फ्रेश रखा जाता है। ज्‍यादा लंबे समय तक प्रि‍जर्वेट‍िव्‍स का सेवन करने से पाचन समस्‍याएं जैसे अपच, गैस या ब्‍लोट‍िंग हो सकती है।

फूड पॉइजन‍िंग हो सकती है

  • छ‍िले हुए लहसुन को अगर सफाई से या सही तापमान पर नहीं रखेंगे, तो उसमें खतरनाक बैक्‍टीर‍िया पनप सकते हैं।
  • घर पर भी गलत तरीके से लहसुन को स्‍टोर करने के कारण फूड पॉइजन‍िंग हो सकती है।
  • लहसुन को रेफ्र‍िजरेट करना और सीम‍ित समय में इस्‍तेमाल करना जरूरी है।

शरीर को छ‍िले लहसुन के फायदे नहीं म‍िलते

अगर आप बाजार से खुला हुआ लहसुन खरीदकर इस्‍तेमाल करते हैं, तो शरीर को लहसुन के फायदे नहीं म‍िलते। लहसुन को काटने से उसमें एल‍िस‍िन नाम का तत्‍व बनता है। इसमें एंटीबैक्‍टीर‍ियल और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं। लंबे समय तक इसे खुले में रखने से या प्रोसेस‍िंग के दौरान इसकी मात्रा कम हो जाती है और लहसुन के फायदे कम हो जाते हैं।

लहसुन का इस्‍तेमाल कैसे करें?- How To Use Garlic

  • कोश‍िश करें क‍ि साबुत लहसुन खरीदें और जरूरत के समय ही छीलें।
  • अगर छ‍िला हुआ लहसुन खरीद रहे हैं, तो अच्‍छी ब्रांड चुनें।
  • लहसुन को हमेशा फ्र‍िज में रखें और कुछ ही द‍िनों में उसे खत्‍म कर लें।
  • बदबू आने पर, च‍िपच‍िपापन महसूस होने पर या रंग बदलने पर लहसुन का इस्‍तेमाल न करें।

न‍िष्‍कर्ष:

बाजार में ब‍िकने वाले खुले हुए लहसुन का इस्‍तेमाल करने से फूड पॉइजन‍िंग, पाचन समस्‍याएं और इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है इसल‍िए लहसुन को हमेशा ताजा इस्‍तेमाल करें और जरूरत होने पर ही उसे छीलें। पहले से छ‍िले लहसुन को खरीदने से बचें।

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FAQ

  • लहसुन खाने के नुकसान क्‍या हैं?

    लहसुन खाने से पेट में जलन, गैस, एस‍िड‍िटी हो सकती है। ज्‍यादा मात्रा में लेने से एलर्जी, रैशेज और असंतुल‍ित बीपी की समस्‍या हो सकती है। 
  • लहसुन खाने के फायदे क्‍या हैं?

    लहसुन खाने से इम्‍यून‍िटी बढ़ती है, कोलेस्‍ट्रॉल और बीपी कंट्रोल होता है। इससे द‍िल की सेहत बेहतर होती है और पाचन सुधरता है और सूजन कम होती है।
  • क‍िसे लहसुन नहीं खाना चाह‍िए?

    लो ब्लड प्रेशर, ब्लीडिंग डिसआर्डर या लहसुन से एलर्जी हो, तो लहसुन खाने से बचें। गंभीर एसिडिटी या पेट में अल्‍सर है तो भी लहसुन का सेवन न करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Yashaswi Mathur
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