बुढ़ापे के प्रति तनाव संभालने में मदद करता है सकारात्मक भाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 11, 2016
Quick Bites

  • सकारात्मक सोच बुढ़ापे में तनाव से बचाती है।
  • सकारात्मक सोचने वालों की उम्र भी अधिक होती है।
  • आत्मविश्वास मजबूत कर उससे सीख लेनी चाहिए।
  • योग और ध्यान नकारात्मक विचारों को खत्म कर देते है।

कहते है कि पॉजिटिविटी, पॉजिटिविटी को आकर्षित करती है। आपका अनुभव भी रहा होगा। तो फइर बुढ़ापे को लेकर इतना गर क्यों। बच्चे से जवान होने की जल्दी हमारे अंदसर जिस तरह की ऊर्जा का संचार करती है, अगर वैसी ही ऊर्जा और सकारात्मक सोच हम अपने बुढापे के लिए रखेंगे तो आपको बुढ़ापा खलेगा नहीं। सकारात्मक सोच तनाव को कम करने में मदद करती है, जो बुढ़ापे की आधी परेशानियों को ऐसे ही कम देती है। नकारात्मक सोच आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव डालती है, जो आपके बुढ़ापे को प्रभावित कर सकती है। ऐसा अमेरिका की एक शोध में सामने आया है।

  • अमेरिका स्थित यूनीवर्सिटी ऑफ नार्थ कैरोलिना की एक शोध के अनुसार हम अपने बुढ़ापे की ओर जिस तरह से देखते है, ठीक वैसे ही हम बुढ़ापे में अपनी परेशानियों का सामना कर पाते है। इसके शोधकर्ता एसोसिएट प्रोफेसर शिवॉन न्यूपर्ट का कहना है कि बुढ़ापे को लेकर तनाव रखने से शरीर की सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है, जो कि बुढ़ापे मे हमारे नजरिए को भी नकारात्मक बना सकता है।
  • शोध के अनुसार, सकारात्मक सोचने वालों की उम्र भी अधिक होती है। कुल मिलाकर सकारात्मक सोच खुशहाल जिंदगी की चाबी है। नकारात्मक सोच से सेहत और उम्र दोनों ही घटती है। निराशावादी लोगों को विभिन्न वस्तुओं या परिस्थितियों के प्रति नजरिए में परिवर्तन लाना चाहिए।
  • बार-बार काम करते वक्त आपको भविष्य की टेंशन या नकारात्मक विचार आते हों तो आप जो काम कर रहे हो उसे थोड़ी देर के लिए बंद कर दें और अपने दिमाग को शांत रखने के लिए अपने विचारों को किसी सुंदर सी प्राकृतिक और शांत माहौल वाली जगह पर ले जाएं।
  • जो बात आपको ज्यादा परेशान कर रही है उससे अपना ध्यान हटा कर उन बातों की तरफ रूख कीजिए जो आपको अच्छी लगती है।सकारात्मक व्यवहार से ही हम इस तरह की बातों से पीछा छुड़ाते हुए स्वयं को नई परिस्थितियों के लिए तैयार कर सकते  हैं।
  • हर व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आते-जाते रहते हैं। इनसे परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि अपना आत्मविश्वास मजबूत कर उससे सीख लेनी चाहिए और जीवन को नई दिशा देनी चाहिए। सकारात्मक सोच के से ही नई दिशा का निर्धारण कर सकते है।
  • घर की जिम्मेदारी हो या ऑफिस  की ये कभी खत्म नहीं होती हैं। इसलिए आपको इनमें तालमेल बैठाकर अपने मन को शांत रखना है। कोई चाहे कितना भी आपको उकसायें आपको शांत रहकर ही उसका जवाब देना है। एक सुकून का भाव आपको जगाना पड़ेगा।


योग और ध्यान में एैसी शक्ति है जो बड़े से बड़े नकारात्मक विचारों को खत्म कर देती है और आपके मन में शांति और उर्जा को पैदा करती है। जितना हो सके ध्यान लगाएं।


Image Source-Getty

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