ब्लड क्लॉटिंग को दूर करने के लिए आजमाएं ये 6 नैचुरल ब्लड थिनर्स

ब्लड क्लॉटिंग होना आम बात है, लेकिन अगर यह लंग्स, हृदय या फिर मस्तिष्क के पास होने लगे, तो इससे शरीर में ब्लड प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jun 03, 2021
ब्लड क्लॉटिंग को दूर करने के लिए आजमाएं ये 6 नैचुरल ब्लड थिनर्स

शरीर में ब्लड क्लॉटिंग होने से कई तरह की खतरनाक स्थितियां पैदा हो सकती हैं। कोरोनाकाल में कुछ लोगों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या देखी गई है। ब्लड क्लॉटिंग होने से हृदय, मस्तिष्क और फेफड़ों में रक्त प्रवाह रूकने की संभावना बढ़ जाती है। ब्लड क्लॉटिंग को रोकने के लिए ब्लड थिनर्स का इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद में कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो ब्लड थिनर्स का काम करती हैं। गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि ब्लड क्लॉटिंग शरीर में रक्तस्त्राव से बचाव करता है। यह कई मामलों में हमारे शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन अगर यह ब्लड का थक्का दिल, लंग्स या फिर मस्तिष्क के आसपास हो जाए, तो खतरनाक भी साबित होती हैं। इसलिए ब्लड थिनर्स का इस्तेमाल किया जाता है। ब्लड थिनर्स नसों और धमियों में रक्त के प्रवाह को बेहतर करता है। दवाइयों के साथ-साथ कुछ नैचुरल उपचार भी हैं, जो एक बेहतरीन ब्लड थिनर्स के समान कार्य  (blood thinner medicine in ayurveda) कर सकते हैं। चलिए जानते हैं उनके बारे में- 

अदरक से करें खून को पतला

शरीर में ब्लड क्लॉटिंग को कम करने में अदरक काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके सेवन से ब्लड पतला हो सकता है। दरअसल, अदरक में सैलिसिलेट नामक नैचुरल रासायन होता है, जो ब्लड क्लॉटिंग को रोकने में आपकी मदद कर सकता है। इसके अलावा अदरक शरीर में होने वाले सूजन को कम करता है और नसों को आराम दिलाता है। अदरक कई गुणों से भरपूर है, लेकिन गर्मियों में इसका सेवन सीमित मात्रा में करें।

हल्दी में है खून को पतला करने का गुण

हल्दी कई गुणों से भरपूर है। इसमें मौजूद करक्यूमिन एक एंटीकोआगुलंट की तरह कार्य करता है। हल्दी के सेवन से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या दूर होती है। साथ ही ब्लड को पतला करके शरीर से कोलेस्ट्रॉल और प्लाक को हटाने में हमारी मदद करता है। इससे शरीर में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या काफी कम हो जाती है। 

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लाल मिर्च ब्लड क्लॉटिंग की समस्या करे दूर 

लाल मिर्च यानि केयेन मिर्च (Cayenne pepper) के सेवन से धमियां और नसों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या दूर होती है। इस मिर्च में उच्च मात्रा में सैलिसिलेट मौजूद होता है, जो ब्लड को पतला करने में हमारी मदद करता है। साथ ही इसके सेवन से ब्लड प्रेशर की समस्या को कम किया जा सकता है। 

लहसुन भी है असरदार

शरीर के मुक्त कणों से छुटकारा दिलाने में लहसुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। इसके सेवन से शरीर की कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं। साथ ही यह हमारे शरीर में प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाता है। इसके सेवन से ब्लड प्रेशर को दूर किया जा सकता है। ब्लड क्लॉटिंग की समस्या को दूर करने के साथ-साथ यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मददगार है। लहसुन में एंटीथ्रॉम्बोटिक एजेंट मौजूद होता है, जो ब्लड क्लॉटिंग की समस्या को दूर करने में हमारी मदद करता है। 

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दालचीनी ब्लड क्लॉटिंग की समस्या करे दूर

आयुर्वेदाचार्य का कहना है कि किचन में मौजूद मसालों में कई गुण छिपे होते हैं। इन्ही मसालों में से एक है दालचीनी। दालचीनी में कौमारिन नामक यौगिक मौजूद होता है, जो ब्लड को पतला करने में हमारी मदद करता है। इसके सेवन से आपका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। लेकिन ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में कौमारिन का सेवन आपके लिवर को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पूरे दिन में 1 इंच से ज्यादा दालचीनी का इस्तेमाल न करें। 

विटामिन ई फूड्स

विटामिन ई रिच फूड्स के सेवन से भी आप ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से निजात पा सकते हैं। विटामिन ई के सेवन से प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाया जा सकता है। इससे हार्ट डिजीजी के खतरे को रोका जा सकता है। बादाम, अखरोट, पालक, केले, एवाकाडो, आलू, यम जैसे खाद्य पदार्थों में विटामिन ई की प्रचुरता होती है।

इन प्राकृतिक तरीकों से आप ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से निजात पा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि अगर किसी तरह की गंभीर परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। ताकि डॉक्टर आपको उचित सलाह दे सके।

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