मल में बलगम आने के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

सामान्य स्थितियों की वजह से मल में बलगम आने की परेशानी हो सकती है। लेकिन कुछ गंभीर वजहों से भी आपको यह परेशानी हो सकती है। 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Aug 23, 2021 05:10 IST
मल में बलगम आने के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

मल यानि टूल में बलगम आना एक सामान्य स्थिति हो सकती है। अगर मल में बलगम सीमित मात्रा में है, तो यह आपको दिखाई नहीं दे सकता है। लेकिन अगर मल में बलगम आपको दिखाई दे रहा है, तो इसका मतलब साफ है कि आपके मल में बलगम काफी ज्यादा बढ़ चुका है। यह समस्या आपके पाचन से जुड़ी हो सकती है। इसलिए अगर आपको इस तरह के संकेत नजर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मल में बलगम के लक्षण (Mucus in stool Symptoms)

मल में बलगम आना स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। यह समस्या आपको एकाएक या फिर धीरे-धीरे बढ़ सकती है। मल में बलगम कितना ज्यादा है, यह शरीर के अंदरुनी कारणों पर निर्भर करता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि मल में बलगम आना कोई गंभीर बीमारी हो। कुछ सामान्य कारणों से भी आपके मल में बलगम आ सकती है। मल में बलगम आना अपने आप में एक लक्षण है। इस लक्षण के साथ-साथ आपके शरीर में कुछ अन्य बदलाव या लक्षण नजर आ सकते हैं। जानते हैं इस बारे में-

  • मल से ब्लड आना
  • पेट में दर्द होना।
  • मल के साथ पस निकलना।
  • मल में बदबू आना।
  • पेट में मरोड़ आना।
  • मल त्यागने में परेशानी होना।
  • मल पतला निकलना।
  • बदन दर्द होना।
  • बुखार
  • अस्वस्थ महसस होना।
  • मतली और उल्टी होना।
  • मल में बदबू आना।
  • मल के रंग और संरचनात्मक में बदलाव दिखना।

कुछ गंभीर लक्षण

  • उलझन होना।
  • थकान और कमजोरी होना।
  • स्थिर रहने में दिक्कत।
  • पेट सख्त होना।
  • भ्रम रोग
  • दिल की धड़कने तेज होना।
  • मरीज को उल्टी होना।
  • गूदे से खून आना।

डॉक्टर को कब दिखाने की है जरूरत?

मल में बलगम आने की स्थिति को सामान्य माना जाता है। इसलिए आमतौर पर लोग डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं। हालांकि, अगर आपको गंभीर लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। 

मल में बलगम के कारण (Mucus in stool Causes)

मल में बलगम आने के कारण पेट से जुड़ी कोई परेशानी हो सकती है। इसके अलावा इसके कुछ अन्य गंभीर कारण भी हो सकते हैं। जैसे-

  • क्रोन रोग
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस
  • इरिटेबल बाउल सिंड्रोम
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस
  • एनल फिशर रोग।
  • एनल फिस्टुला।
  • कोलन कैंसर या किडनी कैंसर।
  • परजीवी संक्रमण
  • अवशोषण से जुड़ी समस्या।

मल में बलगम आने की जांच (Mucus in stool Diagnosis)

मल में अधिक बलगम आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट करवा सकते हैं। जैसे-

  • ब्लड टेस्ट
  • सिगमोइडोस्कोपी
  • कोलोनोस्कोपी
  • एक्स रे

मल में बलगम आने का बचाव (Mucus in stool Prevention)

मल में बलगम किन कारणों से आ रहा है। उस आधार पर ही डॉक्टर मरीज का इलाज करते हैं। परिक्षण में अगर किसी गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो आपका उस बीमारी के हिसाब से इलाज किया जाता है। इसके अलावा डॉक्टर आपके लाइफ-स्टाइल में कुछ बदलाव करने के लिए कह सकते हैं। जैसे-

  • पर्याप्त रूप से पानी पिएं। 
  • अपने आहार में प्रोबायोटिक्स युक्त चीजों को शामिल करें। 
  • कम मसाले और अम्ल युक्त आहार लें। 
  • भोजन में पर्याप्त फाइबर, वसा और कार्बोहाइड्रेट को शामिल करें। 

अगर आपको पेट से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अपनी हल्की-फुल्की परेशानी को नजरअंदाज करने से बचें। ताकि समय रहते आपका उचित इलाज किया जा सके।

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