Sat Sep 12, 2026 | 01:46 AM IST

मल के साथ आता है खून तो तुरंत बंद करें इन 4 चीजों का सेवन, बढ़ा सकते हैं परेशानी

Rectal Bleeding in Hindi: मल में खून आने का मतलब जरूरी नहीं कि बीमारी ही हो। कई बार यह पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। 

Rectal Bleeding in Hindi: आजकल के असंतुलित खान-पान (Imbalanced Diet) के कारण लोगों को पेट से संबंधित समस्याएं ज्यादा होने लगी हैं। शरीर में होने वाली कुछ समस्याएं या संकेत कभी-कभी हमें सोचने और डरने पर मजबूर कर देते है। उन्हीं में से एक है मल में खून आना। क्या आपके भी मल में कभी खून आता है या आया है। मल में खून आना कोई रोग नहीं है। लेकिन हां यह कुछ बीमारियों का संकेत जरूर हो सकता है। बवासीर (Piles) और फिशर (Fissure) आदि रोगों के मरीजों में तो खून का आना काफी आम बात है। लेकिन सामान्य और तंदरुस्त व्यक्ति में अगर यह समस्या हो रही है तो यह किसी अंदरूनी शरीरिक समस्या का संकेत हो सकता है। खून इसोफोगर और आंत के उपरी हिस्सों में भी बहता है। यह किसी समस्या के होने पर कई बार आपके पाचन तंत्र (Digestive System) तक भी पहुंच जाता है।

खून में लगातार मल आना इतना भी नजरअंदाज करने वाला मामला नहीं है। कई बार ये इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) का भी संकेत हो सकता है। इसलिए मल में खून के साथ बुखार आने पर इसकी जांच कराएं। पाचन तंत्र द्वारा आपके मल (stool) और पेशाब (urine) में भी उतर जाता है। मल के रास्ते काला तरल पदार्थ आना भी खून आने की निशानी है। ऐसा होने पर जरूरी नहीं कि आपको कोई रोग है। हां, लेकिन यह समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है तो ऐसी स्थिति में चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक हो जाता है। बवासीर और फिशर के मामलों मे आप कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) की जांच करानी पड़ सकती है। इसके बाद आपके मल में खून आने का पता लगाया जा सकता है। ऐसी अवस्था होने पर आपको बहुत से खाद्य पदार्थों के सेवन पर रोक लगानी चाहिए। नहीं तो यह आपकी समस्या को दो गुना बढ़ा सकता है। 

खून में मल आने पर न करें इन चीजों का सेवन

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1. तैलीय पदार्थ (Oily Food to Avoid in Rectal Bleeding in Hindi)

अधिक तैलीय पदार्थ (Oily Food) खाने से आपके पेट में मौजूद एसिड उपर की ओर आने लगता है जिससे आपको एसिडिटी (Acidity) की समस्या होने लगती है। मल में खून आने की स्थिति में आपको तेल में बने पदार्थों से बचने के लिए और नरम चीजों का सेवन करने की सलाह दी जाती है ताकि आपके पेट या पाचन तंत्र में सूजन और जलन आदि न हो। ऐसा खाना खाने से आपके पाचन तंत्र पर अधिक भार पड़ेगा और वह अपनी कार्यक्षमता (Capacity) के अनुसार कार्य करने में असमर्थ हो जाता है। नरम चीजों के सेवन से आपके पेट के रास्ते खून आने की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं। इसीलिए खून आने पर भूलकर भी तैलीय पदार्थों का सेवन न करें। 

2. चाय कॉफी (Tea Coffee Avoid Drinking in Rectal Bleeding in Hindi)

चाय और कॉफी में कैफीन (caffeine) की मात्रा काफी अधिक होती है। कैफीन का अधिक सेवन करने से आपकी धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे आपके सर्कुलेशन में भी समस्या आती है। आपके लिए चाय और कॉफी का सेवन इसलिए भी नुकसानदायक हो सकती हैं क्योंकि कैफीन के सेवन से आपके पाचन तंत्र में समस्या तो होती ही है साथ ही आपको बार बार मल त्यागने (Bowel Movements) की तलब लगती है। मल त्यागने पर आपको पेट में दर्द होने के साथ साथ आपका मल के रास्ते से खून भी आता है। 

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3. जंक फूड (Junk Foods to Avoid in Rectal Bleeding in Hindi)

जंक फूड तो वैसे हर तरह से आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। यह आपके दिल, गुर्दे, आंत और पेट सबके लिए नुकसानदायक है। खासकर बवासीर (Piles) के रोगियों के लिए तो जंक फूड किसी जहर से कम नहीं है। इसमें मौजूद मसाले और तेल आपके पेट को झकझोर कर रख देते हैं। ऐसी अवस्था में आप मल त्यागने पर मजबूर हो जाते हैं। इसलिए भूलकर भी जंक फूड का सेवन न करें। ऐसी स्तिथि में आपके पेट में मस्से भी निकल सकते हैं। जिससे खून आने के साथ और मल त्यागने के साथ ही आपके पेट में दर्द भी होने लगता है।

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4. मैदे से बनी चीजों को कहें ना (Say No to Floor in Rectal Bleeding in Hindi)

मल से खून आने की अवस्था में आप मैदे की चीजों से भी धोखा खा सकते हैं। मैदे में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) काफी अधिक होता है, जिससे आपके शरीर में शर्करा का लेवल भी बढ़ जाता है। मल में खून आने के समय पर आप मैदे से बनी चीजों का सेवन बिलकुल न करें। इससे आपके पेट में सूजन तो होगी ही साथ ही आप कब्ज के भी शिकार होने लगेंगे।

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मल में खून आने पर क्या खाएं

  1. मौसमी फलों का सेवन करें।
  2. मौसमी सब्जियों को डेली रूटीन में लाएं।
  3. रेशेदार फलों का करें सेवन।
  4. नरम खाद्य पदार्थों को अपनाएं।
  5. शिकंजी, छांछ आदि का सेवन करें।

मल में खून आने की स्थिति में घबराएं नहीं बल्कि चिकित्सक से परामर्श लें और लेख में दिए गए सुझावों और खाद्य पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें। 

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Kunal Mishra

Kunal Mishra

Sub Editor

जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर काम कर रहे कुनाल को पत्रकारिता मेंं 2 साल से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वे अमर उजाला के लिए भी काम कर चुके हैं।

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    Mar 22, 2021 20:00 IST

    Published By : Kunal Mishra

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