जुलाई में शुरू होगी मोदी केयर हेल्‍थ स्‍कीम! जानें ये 5 बड़ी बातें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 23, 2018
Quick Bites

  • योजना का लक्ष्य देश की करीब 40 फीसदी आबादी को इससे जोड़ने का है।
  • मोदीकेयर के तहत हर परिवार को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
  • योजना से जुड़ने वाले परिवारों के सदस्यों की संख्या पर कोई रोक नहीं होगी।

दुनिया की सबसे बड़ी और भारत की सबसे महत्‍वाकांक्षी स्‍वास्‍थ्‍य सेवा कार्यक्रम 'मोदी केयर', जो हर साल प्रति परिवार को 5 लाख रुपए का स्‍वास्‍थ्‍य बीमा कवर देगी, जिससे देश का 10 करोड़ परिवार लाभांवित होगा। केंद्र सरकारी की इस योजना को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है यानी अब जल्‍द ही इस स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम का लाभ देश की गरीब जनता को मिलेगा। आपको बता दें कि, नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने क्रेंद्रीय बजट 2018 में सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्‍मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन की घोषणा की थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को कवर करने की बात कही थी, जिसे बुधवार को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस योजना से जुड़ी 5 प्रमुख बाते हैं जिसे हर किसी को जानना जरूरी है।

गरीबों को मिलेगा योजना का लाभ

योजना का लक्ष्य 10.7 करोड़ परिवारों या देश की करीब 40 फीसदी आबादी को इससे जोड़ने का है। मोदीकेयर के तहत हर परिवार को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। योजना से जुड़ने वाले परिवारों के सदस्यों की संख्या पर कोई रोक नहीं होगी। इस योजना के तहत किस तरह के परिवारों को फायदा होगा, इसका फैसला आर्थिक आधार पर किया जाएगा।

क्‍या है योजना का लाभ

योजना के दायरे में आने वाले परिवारों को सरकारी और चुने हुए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही देशभर में कहीं भी इलाज की सुविधा ली जा सकती है। आयुष्मान भारत योजना बिल्कुल कैशलेस होगी। इसमें बीमा कवर के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं रहेगी। इसके अलावा,  इस योजना का लाभ अस्‍पताल में 3 दिन पहले भर्ती होने वाले व्‍यक्ति को और अस्‍पताल में भर्ती होने के 15 दिन बाद तक मरीज को इस स्‍कीम के दायरे में रखा जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: सरकार हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य करे स्वास्थ्य बीमा : नैटहेल्थ

केंद्र और राज्‍य सरकारें देंगी आर्थिक सहयोग

अनुमान है कि इस पर हर साल 12 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें केंद्र के साथ राज्‍य सरकारों का भी शेयर होगा। समयसीमा के बारे में नड्डा ने कहा, इस संबंध में परिचालन दिशानिर्देश सात कार्य समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा है और इसे राज्यों से साझा किया जाएगा। इस संबंध में रोगों का सूचीकरण और इससे संबंधित प्रक्रिया अंतिम चरण में है। स्वतंत्र सीईओ की अगुवाई में राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी का पंजीकरण और संचालन अप्रैल में किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: जानें, 50 करोड़ लोगों को कब से मिलेगा 5 लाख के हेल्थ इंश्‍योरेंस का लाभ

कैसा होगा प्रीमियम

हालांकि, प्रीमियम भुगतान के संबंध में कुछ बहस हुई है। सरकार के वर्तमान अनुमानों के मुताबिक प्रति परिवार प्रीमियम प्रतिवर्ष 1,000-1,200 हो सकता है, जो कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के मुकाबले 500 रुपये अधिक है। बीमा कंपनियों ने सरकारों से एतराज जताया है। बीमा कंपनियां प्रीमियम भुगतान को अधिक रखने के पक्ष में है, जिसका भुगतान राज्‍य सरकार पहले से करे।

कब तक शुरू हो जाएगी योजना

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने बताया है आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (एनएचपीएम) जुलाई के अंत तक लांच होने के लिए तैयार हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश की चालीस फीसदी आबादी को अपने दायरे में लाने वाली इस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके एक दिन बाद नड्डा ने गुरुवार को कहा, आयुष्मान भारत से जुड़ी सभी गतिविधियां जुलाई के अंत तक पूरी हो जाएंगी।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Health News In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES2996 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK