जानें, 50 करोड़ लोगों को कब से मिलेगा 5 लाख के हेल्थ इंश्‍योरेंस का लाभ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 08, 2018

गरीबी और पैसों के अभाव में दम तोड़ने वाले गरीब तबके को केंद्र सरकार ने राहत देते हुए हाल ही में 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस देने की बात कही है। ऐसे में अब गरीब लोग मंहगे अस्पतालों में अपना इलाज मुफ्त में करा सकेगा। उसके इलाज के खर्च की व्यवस्था सरकार करेगी। फिलहाल सरकार ने देश के 50 करोड़ गरीबों को इस सुविधा का लाभ देने का ऐलान किया है। हालांकि अभी इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है जिसके चलते यह ऐलान नहीं हुआ है कि इस योजना का लाभ लोगों को कब से मिलेगा। 

जानकारों का कहना है कि यह स्कीम 15 अगस्त या 2 अक्टूबर से लॉन्च हो सकती है। जबकि कुछ लोग इस स्कीम को 1 अप्रैल, 2018 से भी शुरू होने की बात कह रहे हैं। इस स्कीम के तहत 5 लाख रुपए के इन्श्योरेंस के लिए हर फैमिली को सालाना 1,000 से 1,200 रुपए प्रीमियम देना होगा। इस योजना के तहत आने वाले गरीब व्यक्ति को निजी अस्पताल में कोई फीस नहीं देनी पड़ेगी और उनका इलाज पूरी तरह कैशलेश होगा। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि यह पुरानी योजना की तरह बीमा के रूप में होगी या फिर सरकार अपनी ओर से गरीबों के इलाज का खर्च वहन करेगी।

इसे भी पढ़ें : हेल्‍थ सेक्‍टर में 10 बड़ी घोषणाएं, अब फ्री में होगा इलाज!

कौन उठाएगा 5 लाख खर्च

गरीबों का मिलने वाली इस स्कीम का खर्च केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर उठाएंगी। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के मुताबिक इस योजना में कुल खर्च का 60 फीसदी केंद्र वहन करेगी जबकि 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार को झेलना पड़ेगा। विशेष राज्यों (केंद्र शासित राज्यों) का 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार ही उठाएगी। राज्य चाहे तो ट्रस्ट बनाकर भी इस स्कीम को अमल में ला सकता है।

इसे भी पढ़ें : शोध में खुलासा, 6 घंटे खड़े रहने से जल्दी घटता है वजन

टीबी मरीजों को मिलेगा पोषाहार भत्ता

गरीब आदमी के इलाज का बंदोबस्त करने के लिए साथ ही जेटली ने बजट में टीबी के मरीजों के पौष्टिक आहार का प्रबंध किया है। टीबी की बीमारी खासतौर पर गरीबों को अधिक होती है और देश में संक्रामक बीमारियों में सबसे अधिक मौतें टीबी की वजह से होती है। सरकार ने टीबी का इलाज मुफ्त होने के बावजूद पौष्टिक आहार के अभाव में गरीबों पर इन दवाओं का असर कम होता है। पहली बार टीबी के मरीजों को 500 रुपये प्रति माह रुपये की सहायता दी जाएगी। ताकि वह पौष्टिक आहार ले सके। बजट में इसके लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आपको बता दें कि भारत चीन के बाद ऐसा दूसरा देश है जहां टीबी के सबसे ज्यादा मरीज हैं। यहां हर साल टीबी के करीब 28 लाख नए केस सामने आते हैं और करीब 5 लाख मरीजों की मौत हो जाती है। 

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Loading...
Is it Helpful Article?YES873 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK