Paradoxical Breathing: क्या है विरोधाभासी श्वास? जानें क्या है इसके कारण, लक्षण और इलाज

अगर आपको भी सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो जान लें कहीं ये पैराडॉक्सिकल ब्रीथिंग के संकेत तो नहीं और क्या है इसका उपचार।

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Sep 08, 2020 13:54 IST
Paradoxical Breathing: क्या है विरोधाभासी श्वास? जानें क्या है इसके कारण, लक्षण और इलाज

विरोधाभासी श्वास (Paradoxical Breathing) श्वसन में शामिल नुकसान से जुड़ी समस्याओं के लिए है। सांस लेते समय बाहर निकलने के बजाय छाती की दीवार या पेट की दीवार अंदर ही जाती है। बता दें कि अक्सर छाती की दीवार और पेट की दीवार प्रत्येक सांस के साथ विपरीत दिशाओं में चलती है। विरोधाभासी श्वास यानी पैराडॉक्सिकल ब्रीथिंग के महत्व को समझने के लिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि ये स्थिति क्यों होती है। श्वास के दो अलग-अलग भाग होते हैं: वेंटिलेशन और श्वसन। जिसमें वेंटिलेशन से फेफड़े में और बाहर हवा की गति को संदर्भित करता है। श्वसन फेफड़ों और रक्तप्रवाह के बीच होने वाली गैसों के आदान-प्रदान को संदर्भित करता है। विरोधाभासी श्वास की इस स्थिति के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में जानना जरूरी है। 

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विरोधाभासी श्वास के कारण (Causes Of Paradoxical Breathing In Hindi)

विरोधाभासी श्वास लेने के लिए कई तरह के कारण जिम्मेदार होते हैं। सांस की तकलीफ का लगभग कोई भी कारण, हालांकि, रोगी को काफी गंभीर होने पर विरोधाभासी सांस लेने का नेतृत्व कर सकते है। विरोधाभासी सांस एक वो स्थिति है जिसके परिणामस्वरूप डॉक्टर डायाफ्रामिक डिसफंक्शन कहते हैं। सांस लेने की इस स्थिति का निदान करना काफी मुश्किल हो सकता है। आपको बता दें कि वैज्ञानिकों को पूरी तरह से यकीन नहीं है कि क्या विरोधाभासी श्वास या इसकी अंतर्निहित स्थिति का कारण बनता है। हालांकि कुछ ऐसी स्थितियां हैं:

  • शिथिल छाती।
  • डायाफ्राम का पैरालाइसिस।
  • सांस लेने में विफलता।
  • सांस की मांसपेशियों में कमजोरी।
  • छाती की दीवार पर चोट के कारण।
  • स्लीप एपनिया

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लक्षण (Symptoms)

विरोधाभासी श्वास की उपस्थिति अलग-अलग प्रकार के श्वसन संकट या श्वसन विफलता की ओर इशारा करती है। विरोधाभासी श्वास की अभिव्यक्ति इसके कारण पर निर्भर करती है कि किस तरह से इस श्वास की प्रक्रिया को परेशानी होती है। आपको बता दें कि पैराडॉक्सिकल सांस लेने के चिकित्सीय कारणों से पेट की दीवार और छाती की दीवार के बीच सीसॉ गति पैदा होने का खतरा होता है, जब रोगी सांस ले रहा होता है।

  • सांस की तकलीफ। 
  • अत्यधिक नींद आना, जिसे हाइपरसोमनिया भी कहा जाता है।
  • बहुत ज्यादा थकावट होना। 
  • रात में बार-बार जागते रहना।
  • खराब व्यायाम प्रदर्शन।
  • अचानक सांस लेने में तेजी आना। 

इलाज (Treatment)

विरोधाभासी श्वास (Paradoxical Breathing) के ज्यादातर मामलों को आसानी से इलाज करके हल निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कारण एक पोषक तत्व की कमी है, तो आप पूरक आहार ले सकते हैं या अपने आहार को संशोधित कर सकते हैं। इसके साथ ही डॉक्टर उन इलाजों के लिए आपको कह सकते हैं जो विरोधाभासी श्वास के लक्षणों को कम कर आपको राहत पहुंचाने का काम कर सकते हैं। अगर आपको सोते समय ये समस्या होती है, तो आपके डॉक्टर आपके लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (CPAP) का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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बचाव (Prevention) 

  • स्वस्थ वजन बनाए रखें, मोटापे से दूर रहें।
  • शराब पीना और धूम्रपान की आदत को जल्द से जल्द छोड़ें।
  • संतुलित पोषण के साथ अच्छी डाइट लें।
  • कोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाएं।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करें। 

 

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