कानों के डैमेज होने पर की जाती है ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी, जानें इसके बारे में

कानों की बनावट, आकार और उनकी स्थिति में किसी भी प्रकार की खराबी या परेशानी की स्थिति में ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की जाती है, जानें इसके बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 06, 2021Updated at: Jul 06, 2021
कानों के डैमेज होने पर की जाती है ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी, जानें इसके बारे में

बचपन से ही कान की बनावट में खराबी या फिर किसी एक्सीडेंट या चोट की वजह से कान को नुकसान पहुंचने पर ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी (Ear Reconstruction Surgery) की जाती है। यह सर्जरी कुछ मामलों में कैंसर की बीमारी के बाद कान खराब होने के बाद भी की जाती है। इस सर्जरी को कॉस्मेटिक ईयर सर्जरी भी कहा जाता है। ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी में कान की बनावट, उसके आकर और स्थिति को बदलने का काम किया जाता है। ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी मुख्यतः दो तरह के लोग कराते हैं, एक जिनके कान की बनावट, आकर और स्थिति में जन्म के समय से ही कोई दोष हो और दूसरे जिनके कान की बनावट, आकर और स्थिति में किसी चोट, एक्सीडेंट या बीमारी की वजह से बदलाव आ गए हों। इसके अलावा आजकल इस सर्जरी का सहारा वे लोग भी लेते हैं जिन्हें अपने कानों की बनावट या आकार से कोई परेशानी है। आइये विस्तार से जानते हैं ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी के बारे में।

कितने प्रकार की होती है ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी? (Types of Ear Reconstruction Surgery)

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ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी कई तरह से की जाती है। कान की स्थिति और मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग तरह की सर्जरी के सहारे कानों की बनावट, आकर और स्थिति को बदला जाता है। जिसमें शरीर के कई हिस्सों से स्किन और मांस के टुकड़ों की सहायता से या प्लास्टिक सर्जरी की सहायता से काम किया जाता है। मुख्यतः ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी तीन प्रकार से की जाती है।

माइक्रोटिया रिपेयर (Microtia Repair)

इस सर्जरी के माध्यम से कान की सर्जरी कर उसे नया आकार और नयी स्थिति दी जाती है। दरअसल यह सर्जरी ज्यादातर जन्म से ही कानों की विकृति को ठीक करने के लिए होती है। जिन लोगों के कानों की बनावट, आकर और स्थिति जन्म से ही गड़बड़ होती है उन्हें यह सर्जरी दी जाती है। इस सर्जरी के माध्यम से कान की बनावट और आकर को नया रूप देने का काम किया जाता है। इसके अलावा कई मामलों में यह सर्जरी कान में चोट आदि लगने पर भी होती है।

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ओटोप्लास्टी (Otoplasty)

ओटोप्लास्टी में कान के बाहरी बनावट को बदलने का काम किया जाता है। इसे कॉस्मेटिक सर्जरी भी कहा जाता है। ईयर पिनिंग की सहायता से कानों की बनावट, आकर और स्थिति में बदलाव लाकर कानों को नया शेप देने का काम इस सर्जरी के माध्यम से किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो ओटोप्लास्टी में कान के उन हिस्सों की सर्जरी की जाती है जो हमें दिखाई देते हैं। ओटोप्लास्टी का चलन आजकल विदेशों में खूब है लोग अपने कानों की बनावट को बदलने के लिए यह सर्जरी कराते हैं।

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ईयर डिफेक्ट रिपेयर (Ear Defect Repair)

ईयर डिफेक्ट रिपेयर सर्जरी के माध्यम से कैंसर सर्जरी और एक्सीडेंट या चोट की वजह से खराब हुए कानों की मरम्मत की जाती है। इस सर्जरी में कान के बाहरी हिस्सों को दोबारा से ठीक स्थिति और आकार में लाने का काम होता है। एक्सीडेंट और कैंसर की सर्जरी की वजह से खराब हुए कानों के आकार, उनकी बनावट को बदलने के लिए यह सर्जरी बेहद उपयोगी मानी जाती है।

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कैसे की जाती है ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी (Ear Reconstruction Surgery Procedure)

ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी को कान की सर्जरी में विशेषज्ञता रखने वाले चिकित्सकों की देखरेख में किया जाता है। सर्जरी से पहले चिकित्सक मरीज की स्थिति और उसके कान की स्थिति की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ दिनों के लिए दवाओं का सेवन करने की सलाह भी सर्जरी से पहले दी जाती है। इसके बाद मरीज को उसकी स्थिति के अनुसार माइक्रोटिया रिपेयर, ओटोप्लास्टी या ईयर डिफेक्ट रिपेयर सर्जरी दी जाती है।

भारत में ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी में आने वाला खर्च (Ear Reconstruction Surgery Cost in India)

मरीज की स्थिति और उसके कानों की बनावट आदि के आधार पर यह सर्जरी की जाती है। ईयर रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी में अलग-अलग तरह की सर्जरी की जाती है। उन सर्जरी के टाइप के हिसाब से इसका खर्च भी अलग-अलग होता है। सामान्यतः इस सर्जरी को कराने के लिए भारत में कम से कम 2 लाख रूपये से लेकर 10 लाख रूपये तक का खर्च आता है।

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