ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी के बाद रिकवरी में मदद करेंगे ये 4 योगासन, एक्सपर्ट से जानें तरीका और फायदे

अगर आप भी स्तन कैंसर के इलाज के बाद खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो एक्सपर्ट के बताए गए योगासन को जरूर अपनाएं। 

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Jan 19, 2021 18:03 IST
ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी के बाद रिकवरी में मदद करेंगे ये 4 योगासन, एक्सपर्ट से जानें तरीका और फायदे

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जिसका इलाज कराना बहुत जरूरी होता है, नहीं तो इससे किसी भी मरीज की जान को खतरा होता है। ऐसे ही महिलाओं में भी स्तन कैंसर यानी ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी एक आम कैंसर का प्रकार है। इसके लिए मरीज को जरूरी है कि वो सही समय पर अपने लक्षणों को पहचानें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर संबंधित जांच कराएं। लेकिन क्या आप जानते हैं स्तन कैंसर के इलाज के बाद भी कई तरह की समस्याएं महिलाओं को होती है। जिसके कारण महिलाओं को इलाज के बाद भी शारीरिक रूप से परेशानी होती है। जिसे दूर करने के लिए आमतौर पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।  लेकिन क्या आप जानते हैं स्तन कैंसर के इलाज के बाद आप कुछ योगा को भी अपना सकते हैं जिसकी मदद से आप खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। जी हां, ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद आप कुछ योग की मदद से खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके लिए हमने बात की बुद्धा योदशाला के योगाचार्या अर्जुन सिंह से। जिन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद घर पर कौन से योगासन करने सही होते हैं। 

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स्तन कैंसर के लिए योग (Yoga For Breast Cancer In Hindi)

ब्रीदिंग योगा

ब्रीदिंग एक्सरसाइज आपके पूर्ण स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, ये न सिर्फ आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने का काम करता है बल्कि ये आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी स्वस्थ रखने का काम करता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, ब्रीदिंग एक्सरसाइज आपके फेफड़ों, हृदय और मस्तिष्क को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार होता है। ये आपके पूर्ण श्वास को प्रोत्साहित करने और तनाव को कम करने का काम करता है। जिसकी मदद से रक्त में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है। ऐसे ही ये ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद भी जरूरी है ये आपके रक्त के संचार को बढ़ाने के साथ रक्त में ऑक्सीजन बढ़ने लगता है। 

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चाइल्ड पोज

चाइल्ड योगा पोज आपके शरीर की मांसपेशियों को अच्छी तरह से खोलते हुए उन्हें राहत प्रदान करता है साथ ही आपको हो रही थकावट से भी दूर करता है। आप इसे रोजाना घर पर आसानी से कर सकते हैं, इससे आपकी कूल्हों, जांघों और पीठ की मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है और मजबूती आती है। इसके लिए आप जमीन पर अपने घुटनों के सहारे रहें और अपनी छाती को नीचे की ओर करते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर रखें। आप करीब 2 से 3 मिनट तक इस स्थिति में रहें और सांस अंदर बाहर करें।

शवासन

शवासन भी एक ऐसा योगासन है जो आपके फेफड़ों के साथ आपके मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने का काम करता है। शवासन आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देने के साथ आपकी मांसपेशियों को तनावमुक्त करने का काम करता है। आप ब्रेस्ट कैंसर या स्तन कैंसर के इलाज  के बाद आसानी से घर पर शवासन को अपना सकते हैं इससे आप लंबे समय तक खुद को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। इस योगासन को अपनाने के लिए आप जमीन पर किसी मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों और पैरों को अच्छी तरह से फैला लें। इसके बाद आप अपने दिमाग को शांत करते हुए खुलकर सांस लें और बाहर छोड़ें।

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पैरों को दीवार पर रखें

पैरों को दीवार पर रख कर रीढ़ और गर्दन पर दबाव डालता है और इससे रक्त का संचार शरीर में बढ़ता है। ये आपके शरीर को अच्छी तरह से राहत प्रदान करने के साथ आपकी मांसपेशियों को अच्छी तरह से तनावमुक्त करने का काम करते हैं। इसके लिए आप अपने पैरों को दीवार के साथ खड़ा करें और अपनी पीठ, गर्दन और हाथों को जमीन पर अच्छी तरह से फैला लें। आप जितनी देर तक इस स्थिति में रहते हैं उतनी देर आपके शरीर में ब्लड का संचार बढ़ता है। आप कम से कम 5 से 10 मिनट तक इस स्थिति में रहें और सांस को लें और छोड़ दें। 

एक्सपर्ट अर्जुन सिंह बताते हैं कि जिन महिलाओं का स्तन कैंसर का इलाज होता है उन महिलाओं को कम से कम 1 से 2 महीने तक आराम करने के बाद ही इस तरह के योगासनों को अपनाना चाहिए। इसके अलावा जरूरी है कि आप किसी भी आसान को अपनाने से पहले आप अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

(इस लेख में दी गई जानकारी बुद्धा योदशाला के योगाचार्या अर्जुन सिंह से बातचीत पर आधारित है)।

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