गठिया के पुराने से पुराने दर्द को ठीक कर सकता है अडूसा का पत्ता, इन 7 बीमारियों से भी मिलेगा छुटकारा

आयुर्वेद में काफी लंबे समय से अडूसा के पत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आइए जानते हैं इसके औषधीय गुण

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आयुर्वेदWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Nov 02, 2020Updated at: Nov 02, 2020
गठिया के पुराने से पुराने दर्द को ठीक कर सकता है अडूसा का पत्ता, इन 7 बीमारियों से भी मिलेगा छुटकारा

आयुर्वेद में वसाका यानी अडूसा के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। यह भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के कई देशों में होता है। यह एक द्विबीजपत्री झाड़ीदार पौधा है, जो एकेन्थेसिया परिवार का है। इसकी पत्तियां, फूल, जड़ और छाल सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। आयुर्वेद में ही नहीं, बल्कि यूनानी चिकित्सा में भी अडूसा के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। गठिया दर्द, सर्दी जुकाम और अल्सर जैसी समस्याओं में यह दवा कारगर साबित हो सकता है। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल कई दवाइयों में किया जाता है। आइए जानते हैं अडूसा के पत्तों से होने वाले फायदे-

गठिया दर्द में राहत

अडूसा के पत्तों के इस्तेमाल से आप गठिया के पुराने से पुराने दर्द को ठीक कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए अडूसा के पत्तों को अच्छी तरह से पीस लें। इस पेस्ट को लेप की तरह अपने दर्द वाले हिस्से पर लगाएं। इससे आपको काफी राहत मिल सकता है। अडूसा के पत्तों में जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, तो सूजन और दर्द को ठीक कर सकते हैं। यह गठिया के दर्द को ही नहीं, बल्कि यूरीक एसिड की समस्याओं को भी ठीक करने में गुणकारी होता है। इसके अलावा घाव होने पर भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

ब्रीथिंग प्रॉब्लम को करे दूर

बढ़ते प्रदूषण की वजह से सांस से संबंधी समस्याएं भी काफी ज्यादा बढ़ रही हैं। ऐसे में आप नियमित रूप से अडूसा के पत्तों का सेवन करके सांस से संबंधी समस्याओं को ठीक कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए अडूसा के पत्तों से आधा चम्मच रस निकालें। इसमें थोड़ी सी मात्रा में शहद मिलाएं। इसके बाद इसका सेवन करें। इससे खांसी और सांस से जुड़ी समस्याएं ठीक हो जाएंगी।

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मुंह के छालों को करता है ठीक

पेट की गड़बड़ी की वजह से मुंह में छालों की समस्या हो सकती है। अगर आपको अक्सर मुंह में छाले की शिकायत रहती है, तो अडूसा के पत्तों का इस्तेमाल करें। मुंह में छाले होने पर अडूसा के पत्तों को चबाने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा मसूड़ों में दर्द और मुंह से आने वाली बदबू को भी ठीक करने में यह आपकी मदद कर सकता है। पत्तियों के अलावा आप इसकी टहनियों का इस्तेमाल दातुन के रूप में कर सकते हैं।

सूखी खांसी से छुटकारा

सूखी खांसी में भी अडूसा के पत्तों का आप इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अडूसा की कुछ पत्तियां लें, इसमें 5-6 मुन्ना और थोड़ी सी मात्रा में मिश्री मिलाकर इसका काढ़ा तैयार करें। इस काढ़े के सेवन से सूखी खांसी की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

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सिर दर्द से छुटकारा

अगर आप सिर दर्द की समस्या से काफी ज्यादा परेशान हैं, तो अडूसा आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए सबसे पहले अडूसा के 3-4 फूल लें। इसे सूखाकर इसका चूर्ण तैयार करें। इसमें थोड़ी सी मात्रा में गुड़ मिलाएं। दिन में 2 से 3 बार इसका सेवन करने से सिर दर्द की समस्या से राहत पाया जा सकता है। 

ब्लीडिंग

नाक से ब्लीडिंग या फिर किसी अन्य आंतरिक रक्तस्त्राव की शिकायत होने पर आप अडूसा के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले 5 ग्राम अडूसा की पत्तियां लें। इसमें 5 ग्राम हरतकी, और 5 ग्राम विटिस विनीफेरा मिलाएं। अब इन सभी चीजों को 400ml पानी में अच्छी तरह से उबालकर काढ़ा तैयार करें। इस पानी को तबतक उबालें, जब तक यह 100ml ना रहे जाए। इस काढ़े में 1 चम्मच शहद मिलाकर इसका दिन में 2 बार सेवन करें। इससे रक्त स्त्राव की शिकायत दूर हो जाएगी।

शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को करता है खत्म

शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में भी अडूसा की पत्तियां फायदेमंद हो सकती हैं। शरीर में नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों को दूर करने में यह गुणकारी होता है।

अडूसा के नुकसान

  • अगर आप किसी अन्य दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो डॉक्टर्स की सलाह के बिना इसका सेवन ना करें।
  • डायबिटीज रोगियों को इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
  • 1 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए यह सुरक्षित नहीं होता है। गर्भवती महिलाओं को भी इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।
  • अगर आप अदरक के साथ अडूसा के पत्ते लेते हैं, तो आपको उल्टी, दस्त जैसी शिकायत हो सकती है। 
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