Thu Oct 8, 2026 | 03:53 PM IST

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क्या जेब में प्याज रखने से बच सकते हैं लू से? ज्योतिरादित्य सिंधिया के दावे का आयुर्वेदाचार्य से जानें सच

देशभर में इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक सभा में लू से बचने के लिए प्याज को पॉकेट में रखने की सलाह दी है।
क्या जेब में प्याज रखने से बच सकते हैं लू से? ज्योतिरादित्य सिंधिया के दावे का आयुर्वेदाचार्य से जानें सचक्या जेब में प्याज रखने से बच सकते हैं लू से? ज्योतिरादित्य सिंधिया के दावे का आयुर्वेदाचार्य से जानें सच

देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक बयान चर्चा में आ गया है। एक जनसभा के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वे भीषण गर्मी में भी एसी का इस्तेमाल नहीं करते और लोगों को सलाह दी कि वे अपनी जेब में प्याज रखें, इससे लू से बचाव हो सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब India Meteorological Department (IMD) ने देश के कई हिस्सों में तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया है और हीटवेव की चेतावनी जारी की है। अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में जेब में प्याज रखने से लू से बचाव हो सकता है या इसके पीछे कोई और तर्क छिपा है? ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि इस दावे की सच्चाई को आयुर्वेद के नजरिए से समझा जाए, ताकि लोग सही जानकारी के आधार पर अपनी सेहत की सुरक्षा कर सकें। इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की-

क्या कहा सिंधिया ने और क्यों हो रही चर्चा

जनसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वे अपनी कार या घर में एयर कंडीशनिंग का उपयोग नहीं करते और 50 डिग्री तक की गर्मी में भी खुद को सहज रखते हैं। सिंधिया ने ''चंबल की स्किन'' का जिक्र करते हुए खुद को गर्मी सहने वाला बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जेब में प्याज रखने से लू का असर नहीं होता। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच बहस छिड़ गई कि क्या सच में प्याज रखने से लू से बचाव हो सकता है या यह सिर्फ एक पारंपरिक मान्यता है।

जेब में प्याज रखने से क्या होता है?

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, प्याज का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है, खासकर गर्मियों में। आयुर्वेद में प्याज को ठंडक देने वाला माना गया है। यह शरीर की रस धातु यानी प्लाज्मा और लिम्फ में कफ तत्व को बढ़ाता है, जिससे शरीर में नमी बनी रहती है और गर्मी का प्रभाव कम हो सकता है। इसका मतलब यह है कि प्याज खाने से शरीर को हाइड्रेशन और कूलिंग मिल (Can onions reduce body heat) सकती है, जो हीटवेव से बचाव में मदद कर सकती है। इसलिए पारंपरिक तौर पर लोग गर्मियों में प्याज, खासकर कच्चा प्याज, सलाद या चटनी के रूप में खाते हैं।

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Can onions reduce body heatCan onions reduce body heat

जेब में प्याज रखने का दावा कितना सही?

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा का साफ कहना है कि केवल जेब में प्याज रखने से कोई चिकित्सकीय फायदा नहीं होता। प्याज का असर तभी होता है जब शरीर में उसका सेवन किया जाए। डॉक्टर श्रेय शर्मा का मानना है कि पुराने समय में जब लोग खेतों या बाहर काम करते थे, तो वे अपने साथ प्याज रखते थे ताकि जरूरत पड़ने पर उसे खा सकें। धीरे-धीरे यह परंपरा एक मान्यता में बदल गई कि प्याज साथ रखने से ही लू से बचाव हो जाता है। इसलिए, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान को एक पारंपरिक संदर्भ में समझना जरूरी है।

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निष्कर्ष

प्याज को लेकर दी गई सलाह पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसे सही संदर्भ में समझना जरूरी है। प्याज का सेवन गर्मियों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सिर्फ जेब में रखने से लू से बचाव नहीं होता। ऐसे में जरूरी है कि लोग सोशल मीडिया या नेताओं के बयानों से प्रभावित होकर बिना सोचे-समझे उपाय अपनाने के बजाय एक्सपर्ट और डॉक्टर की सलाह को मानें।

FAQ

  • गर्मी में प्याज खाने के क्या फायदे हैं?

    प्याज शरीर को ठंडक देने में मदद करता है, हाइड्रेशन बनाए रखता है और शरीर में कफ तत्व बढ़ाकर गर्मी के प्रभाव को कम कर सकता है।
  • लू से बचने के लिए सबसे असरदार उपाय क्या हैं?

    पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना, हल्का भोजन करना और सत्तू, छाछ जैसी ड्रिंक लेना सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं।
  • हीट वेव्स से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित होता है?

    बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को हीटवेव में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए क्योंकि इनमें लू लगने का खतरा ज्यादा होता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 27, 2026 14:15 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Apr 27, 2026 14:15 IST

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