कोरोना वायरस से बचने के लिए इटली की इस महिला ने दिया दुनियाभर के लोगों को पैगाम, लिखीं कई भावुक बातें

इटली की इस महिला की बातें पढ़कर आप समझ सकते हैं कि कोरोना वायरस को फैलने से नहीं रोका गया, तो हम किस स्थिति में पहुंच सकते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 13, 2020Updated at: Mar 13, 2020
कोरोना वायरस से बचने के लिए इटली की इस महिला ने दिया दुनियाभर के लोगों को पैगाम, लिखीं कई भावुक बातें

कोरोना वायरस ने चीन के बाद सबसे ज्यादा तबाही इटली में मचाई है। गुरूवार 12 मार्च को महज 24 घंटे में ही इस वायरस ने इटली में 189 लोगों की जान ले ली है। इसी के साथ इटली में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 10,16 पहुंच गई है। इटली में कोरोना वायरस के अब तक 15,113 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 1,258 लोगों को ठीक किया जा चुका है। इस स्थिति को देखते हुए इटली को लॉक-डाउन कर दिया गया है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, दुकानें और मॉल्स बंद हैं। इटली की एक महिला ने फेसबुक पर अपनी कहानी और शहर की स्थिति में बारे में एक पोस्ट लिखी है, जो काफी तेजी से वायरल हो रही है।

इटली की इस महिला की कहानी शेयर करते हुए हम आपको आशवस्त करना चाहते हैं कि हमारा उद्देश्य आपको डराना नहीं है, बल्कि उस शहर की सही स्थिति से अवगत कराना है, जो इस समय इस वायरस के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित है। भारत एक घनी आबादी वाला देश है, इसलिए अगर वायरस फैल गया, तो काफी ज्यादा संख्या में लोग इससे प्रभावित होंगे। लोगों तक सही जानकारी सही समय तक पहुंचेगी, तभी इस वायरस को फैलने से बचा जा सकता है। कोरोना वायरस से बचाव बहुत आसान है और इसे पूरी तरह रोका जा सकता है, मगर इसके लिए सभी को साथ आने की जरूरत है।

coronavirus italy

वायरस से बचने का सिर्फ एक तरीका है- आदत बदलें

इटली की क्रिस्टीना हिग्गिन्स (Cristina Higgins) लिखती हैं-

मैं आपको ये बात Bergamo, Italy से लिख रही हूं, जो कोरोना वायरस संकट का केंद्र बना हुआ है। यूएस मीडिया यहां की बदहाली को सही से कवर नहीं किया है। मैं ये पोस्ट लिख रही हूं ताकि सरकार नहीं, स्कूल और जिले नहीं, अधिकारी नहीं, बल्कि आप सभी, हर एक नागरिक के पास एक मौका है कि आप अपने देश को इटली जैसी स्थिति में आने से बचा सकते हैं। इस वायरस को रोकने का सिर्फ एक तरीका है और वो है संक्रमण को रोकना। और संक्रमण को रोकने का तरीका ये है कि आप जैसे लाखों लोग अपने व्यवहार में आज से ही बदलाव कर लें और एक दूसरे को छूना बंद कर दें।

"कोरोना वायरस को गंभीरता से लेने की है जरूरत"

क्रिस्टीना आगे उन लोगों के बारे में लिखती हैं, जो इन वायरस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

अगर आप यूरोप या यूस में हैं, तो आप अभी उस स्थिति से कई सप्ताह दूर हैं, जहां आज इटली पहुंच गया है।

मैं यहां से आपको सुन सकती हूं कि "ये बस एक फ्लू है। ये सिर्फ बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को प्रभावित कर रहा है।"

केवल 2 कारण हैं कि आज कोरोना वायरस ने इटली को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। पहला है ये खतरनाक फ्लू, जो इस बीमार होने के बाद लोगों को हफ्तों तक ICU में रहने को मजबूर कर रहा है। और दूसरा कारण है कि ये वायरस तेजी से लोगों में फैलता है। वायरस की चपेट में आने वाले लोगों को 2 सप्ताह तक इंक्यूबेशन (आइसोलेशन) पीरियड में रखा जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: भारत में कोरोना वायरस से हुई पहली मौत, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 78, दिल्ली के स्कूल, कॉलेज सिनेमा हॉल बंद

coronavirus italy 2

"आईसीयू भर गए हैं और मरीज लगातार बढ़ रहे हैं"

पिछली रात जब प्रधानमंत्री काउंटी ने घोषणा की कि पूरा देश, 6 करोड़ लोग, लॉक डाउन किए जाएंगे, तो एक लाइन में मुझे सबसे ज्यादा चिंतित किया, "अब हमारे पास समय नहीं है।" इसका सीधा अर्थ था कि नैशनल लॉक डाउन हो चुका है। उनका कहने का मतलब सिर्फ इतना था कि अगर लोगों के बीच संक्रमण को फैलने से नहीं रोका गया, तो इटली का सारा सिस्टम धड़ाम हो जाएगा।
क्यों?  Lombardy में आज जितने ICU हैं, वो भर गए हैं, बल्कि क्षमता से ज्यादा भर गए हैं। यहां पर लोगों को आईसीयू की जगह हॉल्स में रखना शुरू कर दिया गया है। अगर वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या जल्दी ही कम नहीं हुई, तो जल्द ही हजारों और लोग इस वायरस के शिकार हो जाएंगे, जिन्हें देखभाल की जरूरत पड़ेगी। तब क्या होगा जब 100 या 1000 लोगों को हॉस्पिटल की जरूरत पड़ेगी? जबकि सिर्फ कुछ ही आईसीयू बचे हैं।

coronavirus hospital

"किसे बचाएं, किसे मरने दें... युद्ध जैसी है स्थिति"

सोमवार को एक डॉक्टर ने पेपर में लिखा कि जब इमरजेंसी में लोग लाए जा रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले ये फैसला लेना पड़ रहा है कि इनमें से कौन वास्तव में बचाने लायक है और कौन नहीं है। जैसे युद्ध के हालातों में किया जाता है। आने वाले दिनों में ये स्थिति और बुरी हो सकती है। डॉक्टर, नर्सों और मेडिकल स्टाफ की संख्या सीमित है और ये वायरस उन्हें भी अपनी चपेट में ले रहा है। वे सभी हर दिन लगातार काम कर रहे हैं। तब क्या होगा जब डॉक्टर और नर्सें भी मरीजों की देखभाल नहीं कर पाएंगे, या जब वो नहीं होंगे?
अंत में उन लोगों के लिए जो यह कह रहे हैं कि ये ऐसा संक्रमण है, जो सिर्फ बूढ़े लोगों को हो रहा है, कल से अस्पतालों ने रिपोर्ट कर रहे हैं कि उनके पास लगातार इलाज के लिए जवान लोग आ रहे हैं, जिनकी उम्र 40, 45, 18 साल है।

इसे भी पढ़ें: Coronavirus: कैनेडियन PM की पत्नी, हॉलीवुड एक्टर टॉम हैंक्स जैसे कई सेलेब्स भी हुए कोरोना वायरस का शिकार

अभी समय है... बचा लीजिए अपना देश

आपके पास एक मौका है कि आप बदलाव कर सकते हैं और अपने देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोक सकते हैं। सभी ऑफिसेज को आज से ही वर्क फ्रॉम होम घोषित कर दें, बर्थडे पार्टीज कैंसिल कर दें और हर तरह की भीड़-भाड़ को रोकें, जितना संभव हो सके अपने घर में रहें। अगर आपको बुखार है या कोई भी लक्षण हैं, तो घर में रहें। स्कूलों को अभी बंद कर दें। जो भी आप वायरस को फैलने से रोकने के लिए कर सकते हैं, करें, क्योंकि ये आपके समाज में फैल रहा है। वायरस के लिए 2 सप्ताह का इंक्यूबेशन पीरियड है। अगर आप ये सब करेंगे, तभी आपके मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी।

ऐसे लोग जो कह रहे हैं कि स्कूलों को बंद करना संभव नहीं है या ये सब करना संभव नहीं है, उन्हें जानना चाहिए कि कुछ सप्ताह पहले इटली ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें पूरा देश बंद कर देना पड़ेगा। बाद में आपके पास कोई विकल्प नहीं होगा, इसलिए जो कर सकते हैं अभी करें। कृपया इसे शेयर करें।

Credits: Cristina Higgins (इटली की नागरिक)

Watch Video: COVID-19: कोरोनावायरस से बचने के 5 आसान उपाय

Read more articles on Miscellaneous in Hindi

Disclaimer